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सिर्फ 30 फीसदी बारिश, किसानों के हालात की बनाएं रिपोर्ट
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फोटो-19-गोंडा के कलेक्ट्रेट में बैठक करते डीएम। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। एक ओर सरयू नदी के तटवर्ती गांवों के लोग बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं अन्य क्षेत्रों के किसान सूखे के संकट से जूझ रहे हैं। इस बार सिर्फ 30 फीसदी ही बारिश हो सकी है, इससे किसानों के सामने समस्या है। अगर और बारिश नही हुई तो किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रदेश सरकार ने सूखे की समस्या को ध्यान में रखते हुए जिले में फिर से सर्वे कराने का आदेश दिया है।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने जूम मीटिंग से बुधवार को कलेक्ट्रेट में सूखे की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जिले में किसानों के फसलों का सर्वे कराने के साथ बारिश की स्थिति को परखने के निर्देश दिए हैं। किसानों को सूखे से कैसी समस्या हो रही है, और आगे क्या हो सकती है। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि सूखे की स्थिति का आकलन एक टीम बनाकर करें। मुख्य सचिव की मीटिंग के बाद डीएम डॉ. उज्जवल कुमार ने अधिकारियों को सर्वे के लिए टीम तैयार करें। कहा कि किसानों के सामने जो भी दिक्कत है, उसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
बताया जा रहा है कि जिले में इस बार जितनी बारिश होनी चाहिए, नहीं हो सकी है। मई, जून में बारिश नहीं हुई। जुलाई और अगस्त में बारिश हुई है, लेकिन यह जरूरत के हिसाब से कम है। अभी बारिश की और उम्मीद है। बारिश न हुई तो किसानों को नुकसान होगा। अब पूरी स्थिति की रिपोर्ट तैयार होनी है। अधिकारियों की टीम हकीकत परखेगी, इसकी रिपोर्ट शासन को जाएगी। वहां से सूखा जैसी या जो भी स्थिति हो, उसके आधार पर किसानों को सहायता देने की योजना बनेगी। (संवाद)
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मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने जूम मीटिंग से बुधवार को कलेक्ट्रेट में सूखे की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जिले में किसानों के फसलों का सर्वे कराने के साथ बारिश की स्थिति को परखने के निर्देश दिए हैं। किसानों को सूखे से कैसी समस्या हो रही है, और आगे क्या हो सकती है। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि सूखे की स्थिति का आकलन एक टीम बनाकर करें। मुख्य सचिव की मीटिंग के बाद डीएम डॉ. उज्जवल कुमार ने अधिकारियों को सर्वे के लिए टीम तैयार करें। कहा कि किसानों के सामने जो भी दिक्कत है, उसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
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बताया जा रहा है कि जिले में इस बार जितनी बारिश होनी चाहिए, नहीं हो सकी है। मई, जून में बारिश नहीं हुई। जुलाई और अगस्त में बारिश हुई है, लेकिन यह जरूरत के हिसाब से कम है। अभी बारिश की और उम्मीद है। बारिश न हुई तो किसानों को नुकसान होगा। अब पूरी स्थिति की रिपोर्ट तैयार होनी है। अधिकारियों की टीम हकीकत परखेगी, इसकी रिपोर्ट शासन को जाएगी। वहां से सूखा जैसी या जो भी स्थिति हो, उसके आधार पर किसानों को सहायता देने की योजना बनेगी। (संवाद)
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