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Gonda News: मंडी के अभिलेख जब्त, 83 व्यापारियों के अवैध बिजली कनेक्शन काटे गए
Mon, 17 Nov 2025 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 17 Nov 2025 11:50 PM IST
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करनैलगंज मंडी में निरीक्षण कर पत्रावलियों की जांच करतीं एसडीएम नेहा मिश्रा।
- फोटो : राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के लिए लगा दंड।
करनैलगंज। नवीन सब्जी, फल व गल्ला मंडी में सोमवार को निरीक्षण करने पहुंचीं एसडीएम/सभापति नेहा मिश्रा व्यापारियों की खुली शिकायतें सुनकर चकित रह गईं। मंडी में भारी घोटाले की आशंका के बीच उन्होंने मौके पर ही सरकारी अभिलेख कब्जे में ले लिए।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से जमा किया गया दुकान का किराया अब तक मंडी खाते में जमा नहीं हुआ और रसीदें भी जारी नहीं की गईं। कई लाइसेंस ऐसे मिले, जिन पर न सचिव के हस्ताक्षर थे और न ही सभापति के। व्यापारी अरविंद मिश्रा ने बताया कि उन्होंने 47 हजार रुपये किराया जमा किया, लेकिन उसकी रसीद आज तक नहीं दी गई। आरोप है कि किराया वसूली, अवैध दुकानों से मासिक वसूली और शासकीय कनेक्शन से अवैध बिजली देकर रकम वसूलने का खेल लंबे समय से चल रहा था।
शिकायतों के आधार पर एसडीएम ने 83 व्यापारियों के अवैध बिजली कनेक्शन कटवाए। उन्होंने बुधवार को बिजली विभाग को कैंप लगाकर सभी के नाम से वाणिज्यिक कनेक्शन जारी करने का निर्देश दिया। एसडीएम ने व्यापारियों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए बृहस्पतिवार तक का समय दिया। चेतावनी दी कि तय समय में अतिक्रमण न हटने पर दुकानों का सामान जब्त करते हुए बुलडोजर चलाया जाएगा।
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दर्ज होगी एफआईआर
एसडीएम ने कहा कि व्यापारियों ने खुले मंच से गंभीर शिकायतें रखीं, जिनकी सत्यता जांचने के लिए सभी अभिलेख कब्जे में ले लिए गए हैं। इनका परीक्षण कराया जाएगा। दोषी पाए जाने पर एफआईआर और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्षों से मंडी में विधिपूर्वक कार्य न होकर शुल्क की बंदरबांट होती रही है। पूरी स्थिति से जिलाधिकारी और मंडी परिषद के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है।
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व्यापारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से जमा किया गया दुकान का किराया अब तक मंडी खाते में जमा नहीं हुआ और रसीदें भी जारी नहीं की गईं। कई लाइसेंस ऐसे मिले, जिन पर न सचिव के हस्ताक्षर थे और न ही सभापति के। व्यापारी अरविंद मिश्रा ने बताया कि उन्होंने 47 हजार रुपये किराया जमा किया, लेकिन उसकी रसीद आज तक नहीं दी गई। आरोप है कि किराया वसूली, अवैध दुकानों से मासिक वसूली और शासकीय कनेक्शन से अवैध बिजली देकर रकम वसूलने का खेल लंबे समय से चल रहा था।
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शिकायतों के आधार पर एसडीएम ने 83 व्यापारियों के अवैध बिजली कनेक्शन कटवाए। उन्होंने बुधवार को बिजली विभाग को कैंप लगाकर सभी के नाम से वाणिज्यिक कनेक्शन जारी करने का निर्देश दिया। एसडीएम ने व्यापारियों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए बृहस्पतिवार तक का समय दिया। चेतावनी दी कि तय समय में अतिक्रमण न हटने पर दुकानों का सामान जब्त करते हुए बुलडोजर चलाया जाएगा।
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दर्ज होगी एफआईआर
एसडीएम ने कहा कि व्यापारियों ने खुले मंच से गंभीर शिकायतें रखीं, जिनकी सत्यता जांचने के लिए सभी अभिलेख कब्जे में ले लिए गए हैं। इनका परीक्षण कराया जाएगा। दोषी पाए जाने पर एफआईआर और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्षों से मंडी में विधिपूर्वक कार्य न होकर शुल्क की बंदरबांट होती रही है। पूरी स्थिति से जिलाधिकारी और मंडी परिषद के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है।