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Gonda News: दहेज हत्या के चार दोषियों को आजीवन कारावास
Thu, 29 Feb 2024 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 29 Feb 2024 11:57 PM IST
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बलरामपुर। जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार झा ने हत्या के मामले में सास-ससुर व जेठ-जेठानी को दोषी करार मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 85-85 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले में गवाहों के मुकर जाने के बावजूद मृतका के मृत्यु पूर्व दिए गए बयान को आधार मानते हुए कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी माना।
शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र प्रताप पांडेय ने बताया कि बलरामपुर नगर के मोहल्ला खलवा निवासी अमरेश तिवारी ने गैसड़ी कोतवाली में दो अक्तूबर 2016 को इस मामले में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि विवाह के बाद उनकी बेटी सुनीता को सास राधा, ससुर जग प्रसाद, जेठ पप्पू व जेठानी नीतू मिश्रा दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज न मिलने पर 23 सितंबर 2016 को आरोपियों ने बेटी पर मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया। इलाज के दौरान लखनऊ में मृत से पूर्व सुनीता ने एसडीएम के समक्ष बयान दिया था कि दहेज न मिलने पर उसके सास-ससुर व जेठ-जेठानी ने ही उसे जलाया है।
विवेचना के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मृतका के परिजनों ने पहले तो थाने पर गवाही दी लेकिन न्यायालय में गवाही देने से वह मुकर गए। दोनों पक्षों की दलील सुनने व साक्ष्य के आधार पर जिला जज ने मृतका के मृत्यु पूर्व दिए गए बयान को सही मानते हुए चारों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र प्रताप पांडेय ने बताया कि बलरामपुर नगर के मोहल्ला खलवा निवासी अमरेश तिवारी ने गैसड़ी कोतवाली में दो अक्तूबर 2016 को इस मामले में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि विवाह के बाद उनकी बेटी सुनीता को सास राधा, ससुर जग प्रसाद, जेठ पप्पू व जेठानी नीतू मिश्रा दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज न मिलने पर 23 सितंबर 2016 को आरोपियों ने बेटी पर मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया। इलाज के दौरान लखनऊ में मृत से पूर्व सुनीता ने एसडीएम के समक्ष बयान दिया था कि दहेज न मिलने पर उसके सास-ससुर व जेठ-जेठानी ने ही उसे जलाया है।
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विवेचना के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मृतका के परिजनों ने पहले तो थाने पर गवाही दी लेकिन न्यायालय में गवाही देने से वह मुकर गए। दोनों पक्षों की दलील सुनने व साक्ष्य के आधार पर जिला जज ने मृतका के मृत्यु पूर्व दिए गए बयान को सही मानते हुए चारों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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