{"_id":"603535b48ebc3ee922346cdf","slug":"just-show-cause-notice-when-bribe-video-goes-viral-gonda-news-lko566386532","type":"story","status":"publish","title_hn":"घूस लेते वीडियो वायरल होने पर सिर्फ कारण बताओ नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घूस लेते वीडियो वायरल होने पर सिर्फ कारण बताओ नोटिस
विज्ञापन
गोंडा। करनैलगंज तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो गिरीश चंद्र सोनकर का रिश्वत लेने के का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एसडीएम ने उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के बजाए कारण बताओ नोटिस जारी की है। पूरे मामले की जांच तहसीलदार के पास है।
सोमवार को करनैलगंज तहसील कानूनगो एवं पट्टा लिपिक गिरीश चंद सोनकर द्वारा लोगों से पैसे लेकर सरकारी अभिलेखों में दाखिल खारिज करने के मामले में एक वीडियो रिश्वत लेते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
सोशल मीडिया पर दौड़ रहे इस वीडियो का संज्ञान लेकर प्रशासनिक स्तर पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तो नहीं की गई। मगर एसडीएम ने आरोपी गिरीश चंद सोनकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और पूरे मामले की जांच तहसीलदार करनैलगंज को सौंपी है।
विज्ञापन
एसडीएम के मुताबिक जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कार्रवाई होगी। इसके पूर्व भी इस तहसील के लेखपालों द्वारा मतदाता सूची में नाम घटाने बढ़ाने के साथ-साथ अन्य सरकारी कार्य के लिए रिश्वत लेने के वीडियो वायरल हो चुके हैं। जिसमें तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर पूरे मामले की जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए थे।
विज्ञापन
सोमवार को करनैलगंज तहसील कानूनगो एवं पट्टा लिपिक गिरीश चंद सोनकर द्वारा लोगों से पैसे लेकर सरकारी अभिलेखों में दाखिल खारिज करने के मामले में एक वीडियो रिश्वत लेते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर दौड़ रहे इस वीडियो का संज्ञान लेकर प्रशासनिक स्तर पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तो नहीं की गई। मगर एसडीएम ने आरोपी गिरीश चंद सोनकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और पूरे मामले की जांच तहसीलदार करनैलगंज को सौंपी है।
विज्ञापन
एसडीएम के मुताबिक जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कार्रवाई होगी। इसके पूर्व भी इस तहसील के लेखपालों द्वारा मतदाता सूची में नाम घटाने बढ़ाने के साथ-साथ अन्य सरकारी कार्य के लिए रिश्वत लेने के वीडियो वायरल हो चुके हैं। जिसमें तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर पूरे मामले की जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए थे।