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सालाना उर्स में पहुंचे जायरीन
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sun, 15 Jan 2017 11:36 PM IST
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उर्स में कार्यक्रम प्रस्तुत करते कव्वाल
- फोटो : अमर उजाला
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प्रसिद्ध सूफी हजरत मखदूम इकराम मीना शाह के सालाना उर्स के दूसरे दिन शनिवार की देर शाम को दरगाह पर बड़ी तादात में जायरीनों ने शिरकत की। दूर दूर से आये जायरीनों ने मजार पर गुलपोशी करने के साथ चादर चढ़ा कर मन्नतें मांगी। दरगाह के सज्जादा नशीन हजरत महबूब मीना शाह की सरपरस्ती में रात में दरगाह पर खानकाही व सूफियाना कव्वाली की महफिल सजी।
दरगाह पर आयोजित कव्वाली की महफिल में कई कव्वालों ने अपने कलाम पेश किये। कव्वाल बच्चा पार्टी शाकिब-आकिब फै जाबादी ने कलाम सुनाया कि बहश्ती घर तुम्हारा है तुम्हारा घर न छोडेंग़े,यहीं मर जाएंगे लेकिन तुम्हारा दर छोड़ेंगे।
सके बाद कव्वाली सुनाया कि दिन में जजबा मेरे इश्के अहमद का है,हाशमी सैयद और सैयद का है। इस लोगों ने खूब तारीफ कर इनाम से नवाजा। इसके बाद कव्वाल ऐनुल हक ने सुनाया कि अय खल्क रसूल मक्की मदनी,कौनैन में तुमसा कोई नही। कव्वाल करीमउल्लाह ने सूफियाना कव्वाली सुनाया कि जलव-ए-हुश्न यार क्या कहना,इस चमन की बहार क्या कहना। बेहतर कलाम पर लोगों ने खूब इनाम दिये।
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वही दरगाह पर आये जायरीनों से दरगाह के नायब सज्जादा नशीन हसन सईद मीनाई ने दरगाह पर गुलपोशी व चादर पोशी के साथ फातिहा पढ़ी। दरगाह के खादिम मोहम्मद आसिफ मीनाई ने बताया कि खिचड़ी फातिहा में दूर दराज से लोग शामिल होने दरगाह पर आते हैं। इस दौरान हाजी शिकन्दर अली,कारी रफीक मीनाई,फकीर मोहम्मद,मस्तान बाबा,आजम मीनाई के अलावा तमाम जायरीन मौजूद रहे।
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दरगाह पर आयोजित कव्वाली की महफिल में कई कव्वालों ने अपने कलाम पेश किये। कव्वाल बच्चा पार्टी शाकिब-आकिब फै जाबादी ने कलाम सुनाया कि बहश्ती घर तुम्हारा है तुम्हारा घर न छोडेंग़े,यहीं मर जाएंगे लेकिन तुम्हारा दर छोड़ेंगे।
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सके बाद कव्वाली सुनाया कि दिन में जजबा मेरे इश्के अहमद का है,हाशमी सैयद और सैयद का है। इस लोगों ने खूब तारीफ कर इनाम से नवाजा। इसके बाद कव्वाल ऐनुल हक ने सुनाया कि अय खल्क रसूल मक्की मदनी,कौनैन में तुमसा कोई नही। कव्वाल करीमउल्लाह ने सूफियाना कव्वाली सुनाया कि जलव-ए-हुश्न यार क्या कहना,इस चमन की बहार क्या कहना। बेहतर कलाम पर लोगों ने खूब इनाम दिये।
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वही दरगाह पर आये जायरीनों से दरगाह के नायब सज्जादा नशीन हसन सईद मीनाई ने दरगाह पर गुलपोशी व चादर पोशी के साथ फातिहा पढ़ी। दरगाह के खादिम मोहम्मद आसिफ मीनाई ने बताया कि खिचड़ी फातिहा में दूर दराज से लोग शामिल होने दरगाह पर आते हैं। इस दौरान हाजी शिकन्दर अली,कारी रफीक मीनाई,फकीर मोहम्मद,मस्तान बाबा,आजम मीनाई के अलावा तमाम जायरीन मौजूद रहे।