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कटान का दायरा बढ़ा
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2015 10:58 PM IST
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एल्गिन-चरसड़ी बांध की स्थिति कभी खुशी कभी गम में तब्दील हो रही है। गुरुवार को बांध की कटान तो नहीं हुई, मगर कटान का दायरा बढ़ गया। घाघरा में जलस्तर बढ़ने पर बांध की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं। कमजोर बांध की मरम्मत के नाम पर महज खानापूर्ति का कार्य होता दिखाई दे रहा है। बुधवार को कट चुके बांध की स्थिति गुरुवार को भी जस की तस बनी रही।
बृहस्पतिवार को नदी के जल स्तर में 105.476 के सापेक्ष 105.576 की बढ़ोतरी दर्ज की गई, परंतु नदी में कटान नहीं हुई। नतीजतन अधिकारी गायब और इसी बात का लाभ उठाकर कार्य कर रहे मजदूरों की संख्या कम कर दी गई। पूरे बांध पर कुछ एक मजदूर बालू की बोरियों को नायलान कैरेट में भरते नजर आए।
कहीं पर बांध की चौड़ाई कम हो चुकी है, तो कहीं नदी की कटान में बांध की मिट्टी खिसकती नजर आ रही है। बांध को चौड़ा करने व दरार को भरने, नदी में समा चुके बांध के स्थान पर मिट्टी की पटाई का कार्य महज कागजों तक सीमित दिखाई दे रहा है। अगर ऐसे ही लापरवाह पूर्ण तरीके से कार्य को अंजाम दिया जाता रहा तो किसी भी आपात स्थिति में बांध पर खतरा और बढ़ सकता है।
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आने वाले एक सप्ताह में घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। ऐसे में बांध की मुश्किलें कभी भी बढ़ सकती हैं। एसडीएम वीके सिंह बताते हैं कि बुधवार की रात्रि से घाघरा का जलस्तर स्थिर है। कटान नहीं हुई है। नये रिंग बांध को बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। हर स्थिति से निपटने की तैयारियां की जा चुकी हैं।
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बृहस्पतिवार को नदी के जल स्तर में 105.476 के सापेक्ष 105.576 की बढ़ोतरी दर्ज की गई, परंतु नदी में कटान नहीं हुई। नतीजतन अधिकारी गायब और इसी बात का लाभ उठाकर कार्य कर रहे मजदूरों की संख्या कम कर दी गई। पूरे बांध पर कुछ एक मजदूर बालू की बोरियों को नायलान कैरेट में भरते नजर आए।
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कहीं पर बांध की चौड़ाई कम हो चुकी है, तो कहीं नदी की कटान में बांध की मिट्टी खिसकती नजर आ रही है। बांध को चौड़ा करने व दरार को भरने, नदी में समा चुके बांध के स्थान पर मिट्टी की पटाई का कार्य महज कागजों तक सीमित दिखाई दे रहा है। अगर ऐसे ही लापरवाह पूर्ण तरीके से कार्य को अंजाम दिया जाता रहा तो किसी भी आपात स्थिति में बांध पर खतरा और बढ़ सकता है।
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आने वाले एक सप्ताह में घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। ऐसे में बांध की मुश्किलें कभी भी बढ़ सकती हैं। एसडीएम वीके सिंह बताते हैं कि बुधवार की रात्रि से घाघरा का जलस्तर स्थिर है। कटान नहीं हुई है। नये रिंग बांध को बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। हर स्थिति से निपटने की तैयारियां की जा चुकी हैं।