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अनुमोदन न होने से विकास कार्य ठप
अमर उजाला/गोंडा
Updated Tue, 10 May 2016 10:59 PM IST
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सुभाष तिराहे पर विकास कार्य कराए जाएंगे
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कार्ययोजना की फाइलों में अनुमोदन के अड़ंगे ने मुजेहना में क्षेत्र पंचायत के कामों पर ब्रेक लगा दिया है। इससे क्षेत्र पंचायत निधि से मनरेगा के तहत कराये जाने वाले काम ठप पडे़ है। क्षेत्र के विकास के लिए बनाई गई कार्ययोजना मंजूरी के लिए विकास भवन में पिछले एक साल से धूल फांक रही है, लेकिन अधिकारी इन फाइलों को मंजूरी देने से कतरा रहे हैं।
वहीं, क्षेत्र पंचायत प्रमुख की कुर्सी संभाल रहीं ब्लॉक प्रमुख को भी इन लंबित फाइलों की कोई फिक्र नहीं है। हालत यह है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में क्षेत्र पंचायत के खाते में भेजे गए 80 लाख रुपये डंप पडे़ हैं।
वित्तीय वर्ष 2015-16 में क्षेत्र पंचायत मुजेहना को विकास कार्यों के लिए 80 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। राशि के आवंटन के बाद क्षेत्र के विकास की रूपरेखा तैयार करने के लिए बीती जून में क्षेत्र पंचायत मुजेहना की बैठक करायी गई थी।
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इस बैठक में मौजूद बीडीसी सदस्यों व ग्राम प्रधानों की तरफ से 250 से अधिक कार्यों के प्रस्ताव आए थे। इन प्रस्तावों की जांच के बाद करीब 150 कार्यों की कार्ययोजना क्षेत्र पंचायत प्रमुख राजपती देवी की तरफ से तैयार की गई थी और इस कार्ययोजना को अनुमोदन के लिए फाइल जिला स्तरीय अधिकारियों को भेजी गई थी।
इन कामों में मनरेगा से सर्वाधिक काम कराये जाने थे। लेकिन क्षेत्र पंचायत प्रमुख के लचर रवैये व पैरवी के अभाव में इनमें से अधिकतर फाइलें जांच के नाम पर पेंडिंग पड़ी रह गईं।
अधिकारियों ने भी इन फाइलों को स्वीकृति प्रदान करना जरूरी नहीं समझा, जिससे ये फाइलें अधिकारियों की मेजों पर धरी रह गईं। इस लापरवाही के चलते क्षेत्र पंचायत से मनरेगा से होने वाले काम ठप हो गए।
हालत यह है कि वित्तीय वर्ष बीतने के बाद भी इन फाइलों को स्वीकृति नहीं मिल सकी है और क्षेत्र पंचायत के खाते में 80 लाख रुपये डंप पड़ा है।
हाल ही में मुजेहना के खंड विकास अधिकारी बनाए गए परियोजना निदेशक वीरपाल ने बुधवार को विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई है। विकास खंड के सभागार में आयोजित होने वाली इस बैठक में मनरेगा, राज्य वित्त, इंदिरा आवास, पेंशन आदि योजनाओं के संचालन की समीक्षा की जाएगी। परियोजना निदेशक ने सभी कर्मचारियों को बैठक में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण गोंडा परियोजना निदेशक वीरपाल ने कहा कि कुछ दिन पहले ही मुजेहना के बीडीओ का चार्ज मिला है। इसलिए इन फाइलों के संबंध में जानकारी नहीं है। जल्द ही क्षेत्र पंचायत की बैठक बुलाकर पुरानी कार्ययोजना की समीक्षा की जाएगी और अगर उसमें संशोधन की जरूरत होगी तो उसमें संशोधन कराया जाएगा। जल्द ही अधूरे पडे़ कामों को पूरा कराया जाएगा।
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वहीं, क्षेत्र पंचायत प्रमुख की कुर्सी संभाल रहीं ब्लॉक प्रमुख को भी इन लंबित फाइलों की कोई फिक्र नहीं है। हालत यह है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में क्षेत्र पंचायत के खाते में भेजे गए 80 लाख रुपये डंप पडे़ हैं।
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वित्तीय वर्ष 2015-16 में क्षेत्र पंचायत मुजेहना को विकास कार्यों के लिए 80 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। राशि के आवंटन के बाद क्षेत्र के विकास की रूपरेखा तैयार करने के लिए बीती जून में क्षेत्र पंचायत मुजेहना की बैठक करायी गई थी।
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इस बैठक में मौजूद बीडीसी सदस्यों व ग्राम प्रधानों की तरफ से 250 से अधिक कार्यों के प्रस्ताव आए थे। इन प्रस्तावों की जांच के बाद करीब 150 कार्यों की कार्ययोजना क्षेत्र पंचायत प्रमुख राजपती देवी की तरफ से तैयार की गई थी और इस कार्ययोजना को अनुमोदन के लिए फाइल जिला स्तरीय अधिकारियों को भेजी गई थी।
इन कामों में मनरेगा से सर्वाधिक काम कराये जाने थे। लेकिन क्षेत्र पंचायत प्रमुख के लचर रवैये व पैरवी के अभाव में इनमें से अधिकतर फाइलें जांच के नाम पर पेंडिंग पड़ी रह गईं।
अधिकारियों ने भी इन फाइलों को स्वीकृति प्रदान करना जरूरी नहीं समझा, जिससे ये फाइलें अधिकारियों की मेजों पर धरी रह गईं। इस लापरवाही के चलते क्षेत्र पंचायत से मनरेगा से होने वाले काम ठप हो गए।
हालत यह है कि वित्तीय वर्ष बीतने के बाद भी इन फाइलों को स्वीकृति नहीं मिल सकी है और क्षेत्र पंचायत के खाते में 80 लाख रुपये डंप पड़ा है।
हाल ही में मुजेहना के खंड विकास अधिकारी बनाए गए परियोजना निदेशक वीरपाल ने बुधवार को विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई है। विकास खंड के सभागार में आयोजित होने वाली इस बैठक में मनरेगा, राज्य वित्त, इंदिरा आवास, पेंशन आदि योजनाओं के संचालन की समीक्षा की जाएगी। परियोजना निदेशक ने सभी कर्मचारियों को बैठक में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण गोंडा परियोजना निदेशक वीरपाल ने कहा कि कुछ दिन पहले ही मुजेहना के बीडीओ का चार्ज मिला है। इसलिए इन फाइलों के संबंध में जानकारी नहीं है। जल्द ही क्षेत्र पंचायत की बैठक बुलाकर पुरानी कार्ययोजना की समीक्षा की जाएगी और अगर उसमें संशोधन की जरूरत होगी तो उसमें संशोधन कराया जाएगा। जल्द ही अधूरे पडे़ कामों को पूरा कराया जाएगा।