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गांवो में दम तोड़ रहा टीकाकरण अभियान, 5600 आबादी वाले गांव में सिर्फ 90 को लगा टीका
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गोंडा। कोरोना संक्रमण से छुटकारे के लिए जरूरी टीकाकरण अभियान जिले के गांवों में दम तोड़ रहा है। जागरूकता के अभाव में कोविड वैक्सीन को लेकर गांवों में फैली भ्रामक जानकारियों के कारण गांव के लोग वैक्सीन लगवाने से किनारा कस रहे हैं।
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 5600 की आबादी वाले एक गांव में लगातार कोशिश के बाद भी अब तक सिर्फ 90 लोगों को ही टीका लग पाया है। शनिवार को कोविड टीकाकरण अभियान की की जमीनी हकीकत पता करने को अमर उजाला टीम ने गांवों में पहुंच इसकी पड़ताल की।
इस दौरान सामने आया कि बलरामपुर रोड पर स्थित विकासखंड इटियाथोक के ग्राम पंचायत इटियाथोक में करीब 56 सौ की आबादी रहती है। गांव के बगल ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित होने के बावजूद भी अब तक गांव के सिर्फ 90 लोगों का ही टीकाकरण हो सका।
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इसमें महिलाओं की संख्या सिर्फ 28 है। ग्रामीणों ने बताया कि गांवों में टीका लगवाने को लेकर लोगों में काफी डर है। वैक्सीन को लेकर सभी को जागरूक बनाने में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम भी बस कागजी खानापूर्ति कर रही है। अब तक गांव में सिर्फ एक बार ही कैंप लगा है।
इसी तरह झंझरी विकासखंड के ग्राम पंचायत गौरवा कानूनगो पहुंचने पर पता चला की यहां की आबादी करीब तीन हजार है लेकिन यहां अभी तक कोरोना टीकाकरण का एक भी कैंप नही लगाया गया है। गांव के 70-75 जागरूक लोगों ने सीएचसी काजीदेवर या अन्य स्वास्थ्य केंद्रो पर जाकर कोरोनारोधी वैक्सीन जरूर लगवा ली लेकिन बाकी लोग टीकाकरण को लेकर पूरी तरह उदासीन बने हैं।
मुजेहना विकासखंड के ग्राम पंचायत पूरे गोनई में भी करीब 1032 लोग निवास करते हैं लेकिन इनमें से अब तक सिर्फ दो सौ लोगों का ही टीकाकरण हो पाया है। गांव में तीन बार शिविर लगने के बाद भी महिलाएं व बुर्जग टीका लगवाने से बच रहे हैं। रुपईडीह विकासखंड के ग्राम पंचायत में भी 1700 सौ में से अब तक सिर्फ डेढ़ सौ लोगों ने ही टीकाकरण कराया है।
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इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 5600 की आबादी वाले एक गांव में लगातार कोशिश के बाद भी अब तक सिर्फ 90 लोगों को ही टीका लग पाया है। शनिवार को कोविड टीकाकरण अभियान की की जमीनी हकीकत पता करने को अमर उजाला टीम ने गांवों में पहुंच इसकी पड़ताल की।
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इस दौरान सामने आया कि बलरामपुर रोड पर स्थित विकासखंड इटियाथोक के ग्राम पंचायत इटियाथोक में करीब 56 सौ की आबादी रहती है। गांव के बगल ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित होने के बावजूद भी अब तक गांव के सिर्फ 90 लोगों का ही टीकाकरण हो सका।
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इसमें महिलाओं की संख्या सिर्फ 28 है। ग्रामीणों ने बताया कि गांवों में टीका लगवाने को लेकर लोगों में काफी डर है। वैक्सीन को लेकर सभी को जागरूक बनाने में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम भी बस कागजी खानापूर्ति कर रही है। अब तक गांव में सिर्फ एक बार ही कैंप लगा है।
इसी तरह झंझरी विकासखंड के ग्राम पंचायत गौरवा कानूनगो पहुंचने पर पता चला की यहां की आबादी करीब तीन हजार है लेकिन यहां अभी तक कोरोना टीकाकरण का एक भी कैंप नही लगाया गया है। गांव के 70-75 जागरूक लोगों ने सीएचसी काजीदेवर या अन्य स्वास्थ्य केंद्रो पर जाकर कोरोनारोधी वैक्सीन जरूर लगवा ली लेकिन बाकी लोग टीकाकरण को लेकर पूरी तरह उदासीन बने हैं।
मुजेहना विकासखंड के ग्राम पंचायत पूरे गोनई में भी करीब 1032 लोग निवास करते हैं लेकिन इनमें से अब तक सिर्फ दो सौ लोगों का ही टीकाकरण हो पाया है। गांव में तीन बार शिविर लगने के बाद भी महिलाएं व बुर्जग टीका लगवाने से बच रहे हैं। रुपईडीह विकासखंड के ग्राम पंचायत में भी 1700 सौ में से अब तक सिर्फ डेढ़ सौ लोगों ने ही टीकाकरण कराया है।