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शहर से गांवों तक सड़कें लबालब
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फोटो-25-गोंडा के कटरा बाजार सीएचसी जाने वाले मार्ग पर भरा पानी। -संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। जिले में तीन दिनों से तेज बरसात ने पांच सालों का रिकार्ड तोड़ दिया। तीन दिन में 170 मिली मीटर तक बरसात दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को सबसे ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। बरसात से एक तरफ धान, मक्का व अन्य फसलों को फायदा हुआ है, वहीं गन्ने की फसल को नुकसान हो सकता है।
सूखे की कगार पर पहुंच चुके जिले में पिछले तीन दिनों से झमाझम बारिश हो रही है। सितंबर में होने वाली बारिश ने पिछले पांच सालों का रिकार्ड तोड़ दिया। अप्रैल से अब तक 299 मिलीमीटर बरसात हुई, मगर तीन दिनों मे 170 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बुधवार को 8.2 मिमी, गुरुवार को 69 मिमी तथा शुक्रवार को देर शाम तक 92 मिलीमीटर तक बरसात हुई। वहीं शनिवार को अब तक की सबसे अधिक बरसात होने की संभावना है। जिला प्रशासन ने दिशा निर्देश जारी कर बताया कि 17 सितंबर को जिले में अब तक सबसे अधिक बरसात की संभावना है, जिसको देखते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। वहीं अब तक हुई बरसात से खेतों से लेकर शहर की सड़कों तक पानी से लबालब भर गई।
गन्ने की फसल बचाना मुश्किल
बारिश से धान की फसल को फायदा हुआ तो गन्ना किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई। तेज हवाओं से धराशायी हो चुकी फसल को बचाना किसानों के चिंता का विषय बन गया। गन्ना किसानों ने अपने फसल को खड़ाकर बंधाई करने में जुट गए। शहर की सड़कों पर हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। आंबेडकर चौराहा, आवास विकास, रोडवेज बस स्टाप, ईदगाह रोड, सहित अन्य स्थानों पर जलभराव की स्थित बनी हुई है। पिछले तीन दिनों से लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए। कई घरों तक दूध, अखबार व अन्य दैनिक उपयोगी वस्तु भी नहीं पहुंच सकी।
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प्रशासन ने सतर्कता के जारी किए निर्देश
तेज बरसात को लेकर जिला प्रशासन ने सतर्कता के लिए दिशा-निर्देश जारी किया। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने बताया कि 17 सितंबर को भारी वर्षा होने की संभावना है। लोग पुराने जर्जर भवन से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। आवश्यक होने पर घर से बाहर निकलें। खुुले सीवर तथा बिजली के तारों से दूर रहें। जलजमाव व वज्रपात के लिए नगर पालिका के कंट्रोल रुम नंबर-05262-232123 पर व बिजली बाधित होने पर 1912 पर कॉल करें। सभी जिला स्तरीय अस्पताल व सीएचसी, पीएचसी को अलर्ट कर दिया गया है, सर्प दंश, बिजली के झटके, जल जनित रोगों से बचाव के लिए तुरंत करीबी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
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सूखे की कगार पर पहुंच चुके जिले में पिछले तीन दिनों से झमाझम बारिश हो रही है। सितंबर में होने वाली बारिश ने पिछले पांच सालों का रिकार्ड तोड़ दिया। अप्रैल से अब तक 299 मिलीमीटर बरसात हुई, मगर तीन दिनों मे 170 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बुधवार को 8.2 मिमी, गुरुवार को 69 मिमी तथा शुक्रवार को देर शाम तक 92 मिलीमीटर तक बरसात हुई। वहीं शनिवार को अब तक की सबसे अधिक बरसात होने की संभावना है। जिला प्रशासन ने दिशा निर्देश जारी कर बताया कि 17 सितंबर को जिले में अब तक सबसे अधिक बरसात की संभावना है, जिसको देखते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। वहीं अब तक हुई बरसात से खेतों से लेकर शहर की सड़कों तक पानी से लबालब भर गई।
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गन्ने की फसल बचाना मुश्किल
बारिश से धान की फसल को फायदा हुआ तो गन्ना किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई। तेज हवाओं से धराशायी हो चुकी फसल को बचाना किसानों के चिंता का विषय बन गया। गन्ना किसानों ने अपने फसल को खड़ाकर बंधाई करने में जुट गए। शहर की सड़कों पर हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। आंबेडकर चौराहा, आवास विकास, रोडवेज बस स्टाप, ईदगाह रोड, सहित अन्य स्थानों पर जलभराव की स्थित बनी हुई है। पिछले तीन दिनों से लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए। कई घरों तक दूध, अखबार व अन्य दैनिक उपयोगी वस्तु भी नहीं पहुंच सकी।
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प्रशासन ने सतर्कता के जारी किए निर्देश
तेज बरसात को लेकर जिला प्रशासन ने सतर्कता के लिए दिशा-निर्देश जारी किया। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने बताया कि 17 सितंबर को भारी वर्षा होने की संभावना है। लोग पुराने जर्जर भवन से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। आवश्यक होने पर घर से बाहर निकलें। खुुले सीवर तथा बिजली के तारों से दूर रहें। जलजमाव व वज्रपात के लिए नगर पालिका के कंट्रोल रुम नंबर-05262-232123 पर व बिजली बाधित होने पर 1912 पर कॉल करें। सभी जिला स्तरीय अस्पताल व सीएचसी, पीएचसी को अलर्ट कर दिया गया है, सर्प दंश, बिजली के झटके, जल जनित रोगों से बचाव के लिए तुरंत करीबी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।