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अस्पताल में सीटी स्कैन नहीं, स्टेचर पर मरीज लिए भटकते रहे तीमारदार
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फोटो-14 गोंडा के जिला अस्पताल में स्टेचर पर मरीज को बाहर सीटी स्कैन कराने ले जाते तीमारदार। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिला अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र पर संचालित सीटी स्कैन मशीन के खराब होने से जांच कार्य ठप रहा। इसके चलते ही शनिवार को जांच के लिए निदान केंद्र पर पहुंचे मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। मजबूरी के चलते जांच कराने के लिए निजी केंद्रों पर पहुंचे मरीजों व तीमारदारों को जांच के लिए मनमानी कीमत चुकानी पड़ी।
जिला अस्पताल में इलाज की पूरी सुविधा न मिल पाने से मरीजों को निजी केंद्रों पर जाकर महंगी दर पर जांच कराने का बोझ झेलना पड़ रहा है। क्षेत्रीय निदान केंद्र में सिटी स्कैन जांच न हो पाने से निजी केंद्रों पर इस जांच के एवज में दो से ढाई हजार तक भुगतान करना पड़ रहा है।
शनिवार को तरबगंज के खजुरी से आए मोनू को सिर में गंभीर चोट लगी थी। डॉक्टर ने इलाज शुरू करने के पहले सीटी स्कैन की जांच कराने को अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र पर भेजा। सीटी स्कैन कक्ष में ताला लटका मिलने पर तीमारदार मरीज को निजी केंद्र पर लेकर पहुंचे जहां जांच कराने के लिए 2210 रुपया चुकाना पड़ा। इसी तरह रुपईडीह से आए कृष्णकुमार ने बताया कि उनके पिता को सांड़ ने मार दिया था, सीटी स्कैन कराने के लिए निदान केंद्र पर पहुंचे तो पता चला मशीन खराब है।
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निजी जांच केंद्र कर रहे मनमानी वसूली
जिला अस्पताल के सामने संचालित निजी पैथालॉजी व निदान केंद्रों द्वारा वसूली जा रही शुल्क राशि पर स्वास्थ्य विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है। इसके चलते ही संचालक मरीज की आर्थिक स्थिति को परखने के बाद मनमानी वसूली कर रहे हैं। तीमारदार नौसाद ने बताया कि जिला अस्पताल के सामने स्थित होप पैथोलॉजी सेंटर पर सीटी स्कैन के लिए 2210 रुपये लिया गया। वहीं मंशाराम से इसी तरह की सीटी स्कैन जांच के लिए रमन पैथोलॉजी सेंटर पर 1800 रुपया वसूला गया।
सीटी स्कैन मशीन खराब होने की जानकारी मिली है। मशीन की मरम्मत करने के लिए कंपनी के जिम्मेदारों को सूचना दे दी गयी है। एक्स-रे प्लेट की खरीद के लिए भी अभी बजट नहीं मिला है। डॉ. सुरेंद्र रावत, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में इलाज की पूरी सुविधा न मिल पाने से मरीजों को निजी केंद्रों पर जाकर महंगी दर पर जांच कराने का बोझ झेलना पड़ रहा है। क्षेत्रीय निदान केंद्र में सिटी स्कैन जांच न हो पाने से निजी केंद्रों पर इस जांच के एवज में दो से ढाई हजार तक भुगतान करना पड़ रहा है।
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शनिवार को तरबगंज के खजुरी से आए मोनू को सिर में गंभीर चोट लगी थी। डॉक्टर ने इलाज शुरू करने के पहले सीटी स्कैन की जांच कराने को अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र पर भेजा। सीटी स्कैन कक्ष में ताला लटका मिलने पर तीमारदार मरीज को निजी केंद्र पर लेकर पहुंचे जहां जांच कराने के लिए 2210 रुपया चुकाना पड़ा। इसी तरह रुपईडीह से आए कृष्णकुमार ने बताया कि उनके पिता को सांड़ ने मार दिया था, सीटी स्कैन कराने के लिए निदान केंद्र पर पहुंचे तो पता चला मशीन खराब है।
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निजी जांच केंद्र कर रहे मनमानी वसूली
जिला अस्पताल के सामने संचालित निजी पैथालॉजी व निदान केंद्रों द्वारा वसूली जा रही शुल्क राशि पर स्वास्थ्य विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है। इसके चलते ही संचालक मरीज की आर्थिक स्थिति को परखने के बाद मनमानी वसूली कर रहे हैं। तीमारदार नौसाद ने बताया कि जिला अस्पताल के सामने स्थित होप पैथोलॉजी सेंटर पर सीटी स्कैन के लिए 2210 रुपये लिया गया। वहीं मंशाराम से इसी तरह की सीटी स्कैन जांच के लिए रमन पैथोलॉजी सेंटर पर 1800 रुपया वसूला गया।
सीटी स्कैन मशीन खराब होने की जानकारी मिली है। मशीन की मरम्मत करने के लिए कंपनी के जिम्मेदारों को सूचना दे दी गयी है। एक्स-रे प्लेट की खरीद के लिए भी अभी बजट नहीं मिला है। डॉ. सुरेंद्र रावत, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल