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बाहरी दवाएं लिखने वाले डॉक्टर नपेंगे
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गोंडा के जिला अस्पताल में दवा वितरण काउंटर पर लगी मरीजों की लाइन। -संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। सरकारी अस्पतालों में बाहर की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई होगी, साथ ही संबंधित अधीक्षक भी जवाबदेह होंगे। विधानसभा में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का हवाला देते हुए सरकार को घेरे जाने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश दिए। इसी क्रम में अपर निदेशक चिकित्सा डॉ. अनिल मिश्र ने गत दिवस देवीपाटन मंडल के सभी सीएमओ, प्रमुख अधीक्षक व सीएमएस के साथ बैठक कर व्यवस्थाएं सुधारने का निर्देश दिया।
एडी ने कहा कि किसी भी सरकारी अस्पताल में अगर मरीज को बाहर की दवा लिखी गई तो डॉक्टर पर कार्रवाई के साथ संबंधित अधीक्षक भी जवाबदेह होंगे। कहा कि सभी जरूरी दवाएं अस्पताल में हैं, अगर दवा न मिले तो अधीक्षक की अनुमति से लोकल परचेज (एलपी) कर मरीजों को दवा उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं सीएमओ व अधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि रोजाना कम से कम दस मरीजों से बात कर दवाओं के बारे में जानकारी लें।
जरूरी होने पर लिखें जनऔषधि केंद्र की दवाएं
अपर निदेशक ने डॉक्टरों के लिए दिशा निर्देश दिया कि मरीजों को सिर्फ अस्पताल की दवाएं ही लिखें। यदि जरूरी हों तो जन औषधि केंद्र पर मिलने वाली सस्ती दवाएं लिखें। संवाद
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एडी ने कहा कि किसी भी सरकारी अस्पताल में अगर मरीज को बाहर की दवा लिखी गई तो डॉक्टर पर कार्रवाई के साथ संबंधित अधीक्षक भी जवाबदेह होंगे। कहा कि सभी जरूरी दवाएं अस्पताल में हैं, अगर दवा न मिले तो अधीक्षक की अनुमति से लोकल परचेज (एलपी) कर मरीजों को दवा उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं सीएमओ व अधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि रोजाना कम से कम दस मरीजों से बात कर दवाओं के बारे में जानकारी लें।
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जरूरी होने पर लिखें जनऔषधि केंद्र की दवाएं
अपर निदेशक ने डॉक्टरों के लिए दिशा निर्देश दिया कि मरीजों को सिर्फ अस्पताल की दवाएं ही लिखें। यदि जरूरी हों तो जन औषधि केंद्र पर मिलने वाली सस्ती दवाएं लिखें। संवाद
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