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तीन दिनों तक किया होमवर्क, महिला की कॉल से ट्रेस हुआ मामला

Sat, 25 Jul 2020 10:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2020 10:21 PM IST
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Homework done for three days, case traced by woman's call
करनैलगंज (गोंडा)। बच्चे का अपहरण युवकों द्वारा और फिरौती मांगने की कॉल एक महिला द्वारा करने के बाद से ही इस अपहरण कांड की गुत्थी सुलझने का रास्ता मिल गया था। हालांकि चार युवकों ने अपहरण की योजना कई दिन पहले ही बनाई थी और तीन दिनों तक अपहरण के लिए होमवर्क पूरा किया था। मगर अपहरण के बाद फिरौती की रकम मांगने के लिए एक महिला का फोन आना, पीड़ित परिवार और पुलिस के लिए चुनौती बन गया था। हालांकि तत्काल मोबाइल नंबर से पुलिस ने सर्विलांस सिस्टम को प्रभावी कर दिया और वहीं से अपराधियों का मिलना लगभग तय हो गया था।
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करनैलगंज में अब तक की यह पहली अपहरण की वारदात ने करनैलगंज के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। वहीं इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने में एक महिला की अगुवाई होना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। जिस हिसाब से महिला ने अपहृत बालक नमो गुप्ता के पिता हरी गुप्ता के मोबाइल पर फोन किया और कहा, ‘आपका लड़का किडनैप हो चुका है, चार करोड़ की व्यवस्था करो। सुनो यदि ज्यादा दिमाग लगाने की कोशिश की तो... अभी सब कुछ ठीक है जो करोगे वह हमें तुरंत पता चल जाएगा। कानपुर वाला मैटर तो सुना होगा, पुलिस किसका कितना साथ देती है यह तो पता होगा। मैं 3 घंटे बाद फोन करूंगी हां और न में जवाब देना। यदि कोई कदम उठाने की कोशिश की तो लड़के की उम्मीद छोड़ देना’ यह शब्द एक शातिर किडनैपर ही इस्तेमाल कर सकता है और शातिर महिला जिसने अपने पति, देवर और उसके दो मित्रों को लेकर एक गैंग तैयार किया। उस महिला गैंग लीडर का शातिराना अंदाज सुनकर पुलिस में खलबली मच गई।
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महत्वपूर्ण बात यह है जो अब पुलिस को खंगालना आवश्यक हो गया है कि कहीं गैंग लीडर महिला और अपहृत बच्चे के परिवारीजन के बीच कोई संबंध तो नहीं है। जिस तरह चार युवकों ने मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग का परिचय पत्र टांग कर पूरे मोहल्ले में होमवर्क किया है। मास्क वितरण करके सैनिटाइजर वितरण करने के लिए अगल-बगल के घरों के लोगों का नाम पता नोट कर एक ही घर को सैनिटाइजर दिए जाने की लालच देकर बच्चे को अगवा किया। यह होमवर्क तीन दिनों से तैयार किया जा रहा था। वहीं राजेश गुप्ता के घर में लगा सीसीटीवी कैमरा घटना के 4 दिन पूर्व ही खराब होना और मुठभेड़ में पकड़े गए युवकों का उसके घर में बैठकर परिवार से बातचीत करना कुछ अलग ही इशारा करता है। जो पुलिस के लिए जांच का विषय बन गया है। भले ही पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद करने व अपराधियों को पकड़ने में सफलता पाई हो। मगर अब जिले के बड़े अपराधियों में एक महिला का नाम आना व एक नए गैंग से निपटने की चुनौती खड़ी हो गई है। पुलिस अब पकड़े गए युवकों व गैंग लीडर युवती का इतिहास खंगालने में जुट गई है।
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