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Gonda News: हाईवे, नाला और मवेशी स्कूल के रास्ते में बन रहे बाधक

Sat, 26 Jul 2025 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sat, 26 Jul 2025 11:47 PM IST
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Highway, drain and cattle are becoming obstacles in the way of school
 हलधरमऊ के प्राथमिक विद्यालय बांसगांव में पढ़ रहे बच्चे। -स्रोत: विद्यालय
बालपुर (गोंडा)। स्कूलों की व्यवस्था में सुधार को लेकर विलय की प्रक्रिया के बाद भी जमीनी स्तर पर हालात जुदा हैं। आरोप है कि अधिकारियों ने स्कूलों का विलय करने से पहले दूरी, हाईवे, छुट्टा मवेशी व नालों का ध्यान नहीं रखा। ऐसे में बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ने नहीं जा रहे हैं या फिर किसी तरह से पढ़ाई करने पर मजबूर हो गए हैं। अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कहीं स्कूल की राह में भारी यातायात का दबाव है तो कहीं दूरी, छुट्टा मवेशी के साथ ही नाला या हाईवे पार करने की मजबूरी हो गई है। हलधरमऊ ब्लॉक में पहले चरण में तीन व दूसरे चरण में 10 विद्यालयों का विलय किया गया। मगर अब छह विद्यालय के विलय आदेश को निरस्त कर दिया। पेश है रिपोर्ट..
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बरसात में सड़क पर बहता है पानी
प्राथमिक विद्यालय नूरपुर को बांसगांव में मर्ज किया गया। इस बार अभी तक कम बारिश के चलते शनिवार को नूरपुर में नामांकित कुल 32 में से सात बच्चे स्कूल पहुंचे। मगर अक्सर बारिश के दिनों में चंदहा नाला के आसपास सड़क से पानी बहता है। आवागमन ठप हो जाता है। अगर ऐसी स्थिति हुई दो करीब ढाई किलोमीटर दूर गोंडा-लखनऊ हाईवे पार कर स्कूल पहुंचना पड़ेगा। अभिभावक पूरन गौतम, सत्यप्रकाश मिश्र, जगमोहन, जयप्रकाश ने बताया कि स्कूल की दूरी दो किलोमीटर पड़ती है। इसलिए सुरक्षा की चिंता बनी रहती है।
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दो बच्चे पहुंचे स्कूल, छुट्टा मवेशियों का सता रहा डर
प्राथमिक विद्यालय बाछिल पुरवा को करीब दो किलोमीटर दूर गुरुसड़ा कंपोजिट स्कूल में विलय किया गया है। शनिवार को बाछिल पुरवा के कुल 17 बच्चों में दो बच्चे ही स्कूल पहुंचे। गुरुसड़ा के प्रधान प्रतिनिधि अमरनाथ ओझा ने बताया कि स्कूल के रास्ते में छुट्टा मवेशी व जंगली जानवर का भय सता रहा है। इसलिए अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं।
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विरोध के बावजूद कर दिया स्कूल का विलय
प्राथमिक विद्यालय हाता को करीब एक किलोमीटर दूर डीहा में विलय कर दिया गया। मगर यहां मैजापुर चीनी मिल होने के चलते वाहनों का भारी दबाव रहता है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसको लेकर सपा नेता मसूद आलम खां विरोध भी जता चुके हैं। मसूद का कहना है कि बच्चों की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने खुद जमीन देकर स्कूल निर्माण कराया। मगर अब स्कूल बंद कर दिया गया।
बाढ़ में आगमन होती है मुश्किलें..
प्राथमिक स्कूल विरतिहन पुरवा को करीब दो किलोमीटर दूर बटौरा लोहांगी में विलय किया गया है। शनिवार को विरतिहन पुरवा के 30 बच्चों में से चार ही पहुंचे। बरसात में जलभराव से रास्ता बंद हो जाता है। अभिभावकों का कहना है कि विरोध के बावजूद स्कूल विलय कर दिया है। ऐसे में निजी स्कूलों में बच्चों को भेजने पर मजबूर हो गए हैं।

सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया विलय
शासन की मंशा के अनुरूप कम छात्र संख्या के आधार पर पास के विद्यालयों में विलय किया गया है। कुछ स्कूलों के विलय के प्रस्ताव पर पुनर्विचार भी किया गया है। इसमें नकही, निंदूरा, कठेला, लखनापुर, पोस्ट ऑफिसर पुरवा डुड़ही समेत कुल छह विद्यालय के विलय का आदेश बीएसए स्तर से निरस्त किया गया है। बाकी विलय किए गए स्कूलों में बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया जा रहा है। यहां बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल दिया जाएगा।
श्रवण कुमार तिवारी, बीईओ हलधरमऊ
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