फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   High Court stops BSA and Finance Accounts Officer's salary

हाईकोर्ट ने रोका बीएसए व वित्त लेखाधिकारी का वेतन

Tue, 13 Jun 2017 10:33 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Tue, 13 Jun 2017 10:33 PM IST
विज्ञापन
 करीब तीन वर्ष से हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद शिक्षक का वेतन भुगतान न करना अब बीएसए व वित्त एवं लेखाधिकारी को महंगा पड़ गया है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि जब तक शिक्षक का वेतन नहीं मिलता तब तक बीएसए व वित्त एवं लेेखाधिकारी का भी वेतन भुगतान न किया जाए।
विज्ञापन


शिक्षक ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति कोषाधिकारी व डीएम कार्यालय में रिसीव करा दी है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में तैनात प्रति नियुक्त शिक्षक गोरखनाथ ने बताया कि 30 दिसम्बर 2015 को हाईकोर्ट में दायर याचिका के निस्तारण में कोर्ट ने बेसिक शिक्षा अधिकारी बलरामपुर को उनका समस्त बकाया वेतन भुगतान दो माह के अंर करने को कहा था। यह याचिका वेतन भुगतान करने के सिलसिले में ही दायर की गई थी।
विज्ञापन


तब से लेकर आज तक बेसिक शिक्षा विभाग गोरखनाथ का वेतन भुगतान करने में तरह-तरह की बहानेबाजी कर रहा है। गोरखनाथ ने कोर्ट में अवमानना भी दायर की लेकिन अधिकारी कोर्ट को तरह-तरह की दलीले देते हैं। विगत 10 मई को कोर्ट ने इस मामले में बीएसए बलरामपुर को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। बीएसए कोर्ट नहीं गए और वहां अपने वकील के माध्यम से कहलवाया कि उन्होंने भुगतान का आदेश कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वित्त एवं लेखाधिकारी के स्तर से भुगतान में विलंब हुआ है। गत 25 मई को सुनवाई के दौरान वेतन भुगतान में यह दलील दी गई कि खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा उठाई गई आपत्ति के चलते गोरखनाथ का वेतन भुगतान नहीं किया गया है। सभी पक्षों पर विचार के बाद कोर्ट ने यह माना है कि गोरखनाथ के वेतन भुगतान में जान बूझकर अड़ंगेबाजी की जा रही है।


कोर्ट ने आदेश दिया कि जब तक गोरखनाथ का वेतन निर्गत नहीं होता है तब तक बीएसए तथा वित्त एवं लेखाधिकारी को भी अपना वेतन लेने की अनुमति नहीं होगी। गोरखनाथ ने बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश से कोषाधिकारी तथा डीएम को अवगत करा दिया है। इस संबंध में बीएसए रमेश यादव ने बताया कि विभागीय कार्यों में इस तरह के मामले होते रहते हैं। कोर्ट के आदेश का अनुपालन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed