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अनाथ बच्चों के सहारा बने डीएम, चौबीस घण्टे मिली सहायता
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गोंडा। डीएम मार्कंडेय शाही की संवेदनशीलता के कारण कोरोना काल में अपने मां-बाप सहित परिवार के 5 लोगों को खो देने वाले ग्राम चकरौत निवासी गौरव व उसकी बहन को 24 घंटे में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ मिला।
रविवार 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के औचक निरीक्षण के दौरान डीएम मार्कंडेय शाही द्वारा विकासखण्ड करनैलगंज अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, चकरौत का औचक निरीक्षण किया गया था। इसके बाद डीएम ने ग्राम चकरौत के एक परिवार में कोरोना संक्रमण से मृतक हुए पांच लोगों के घर पहुंचे। गांव के रहने वाले अश्वनी प्रताप श्रीवास्तव समेत परिवार के पांच लोगों की कोरोना से मौत हो गई थी। डीएम ने स्व. अश्वनी प्रताप श्रीवास्तव के बेटे गौरव तथा बेटी अदिति से मिलकर अहेतुक सहायता के बारे में जानकारी ली थी।
सोमवार को डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश सोनी द्वारा बेटी अदिति के खाते में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत चार हजार की दर से तीन माह की तीन किस्तें कुल 12 हजार रुपये खाते में भेज दिए। शासनादेश के अनुसार 18 वर्षीय बालिग बेटे गौरव श्रीवास्तव की पढ़ाई के लिए ढाई हजार रुपये प्रतिमाह की दर से 23 वर्ष तक के लिए अहेतुक सहायता स्वीकृत कर दी गई। जिलाधिकारी के इस संवेदनशील प्रयास पर कोरोना संक्रमण से दिवंगत स्व. अश्वनी प्रताप की बेटी व बेटे ने डीएम का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
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रविवार 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के औचक निरीक्षण के दौरान डीएम मार्कंडेय शाही द्वारा विकासखण्ड करनैलगंज अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, चकरौत का औचक निरीक्षण किया गया था। इसके बाद डीएम ने ग्राम चकरौत के एक परिवार में कोरोना संक्रमण से मृतक हुए पांच लोगों के घर पहुंचे। गांव के रहने वाले अश्वनी प्रताप श्रीवास्तव समेत परिवार के पांच लोगों की कोरोना से मौत हो गई थी। डीएम ने स्व. अश्वनी प्रताप श्रीवास्तव के बेटे गौरव तथा बेटी अदिति से मिलकर अहेतुक सहायता के बारे में जानकारी ली थी।
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सोमवार को डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश सोनी द्वारा बेटी अदिति के खाते में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत चार हजार की दर से तीन माह की तीन किस्तें कुल 12 हजार रुपये खाते में भेज दिए। शासनादेश के अनुसार 18 वर्षीय बालिग बेटे गौरव श्रीवास्तव की पढ़ाई के लिए ढाई हजार रुपये प्रतिमाह की दर से 23 वर्ष तक के लिए अहेतुक सहायता स्वीकृत कर दी गई। जिलाधिकारी के इस संवेदनशील प्रयास पर कोरोना संक्रमण से दिवंगत स्व. अश्वनी प्रताप की बेटी व बेटे ने डीएम का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
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