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Gonda News: सिमुलेटर पर गाड़ी दौड़ाने के बाद बनेगा हैवी ड्राइविंग लाइसेंस

Sat, 13 Apr 2024 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sat, 13 Apr 2024 11:33 PM IST
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Heavy driving license will be made after driving on simulator
गोंडा के कचहरी रेलवे स्टेशन के समीप अल्तमश मोटर ट्रेनिंग सेंटर में सिमुलेटर का निरीक्षण करते आर
गोंडा। भारी वाहन चलाने की चाहत रखने वाले आवेदकों को अब सिमुलेटर पर एक माह तक गाड़ी दौड़ानी होगी। तब उन्हें हैवी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा। सिमुलेटर की व्यवस्था नहीं होने के कारण जिले में संभागीय परिवहन विभाग ने अक्तूबर 2023 में हैवी ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। अब शहर में दो ट्रेनिंग सेंटर बनकर तैयार हैं। संभागीय निरीक्षक ने निरीक्षण कर एक सेंटर को ट्रेनिंग के लिए उपयुक्त मानकर एआरटीओ प्रशासन के माध्यम से उप परिवहन आयुक्त लखनऊ को रिपोर्ट भेजी थी। जिस पर उन्होंने ट्रेनिंग की अनुमति दे दी है।
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जिले में भारी वाहन चलाने के प्रशिक्षण के लिए चार मोटर ट्रेनिंग सेंटर खोले गए थे। इनमें करन मोटर ट्रेनिंग सेंटर पोर्टरगंज, अल्तमश मोटर ट्रेनिंग सेंटर केशवपुर पहड़वा, बालाजी मोटर ट्रेनिंग सेंटर बहराइच रोड व तारा मोटर ट्रेनिंग सेंटर दर्जीकुआं था। वर्ष 2023 में बालाजी मोटर ट्रेनिंग सेंटर बंद कर दिया गया। इसके बाद तीन सेंटरों में ही भारी वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाती थी। मगर ट्रेनिंग सेंटर वाले मनमानी कर प्रशिक्षित ड्राइवर का प्रमाणपत्र जारी कर देते थे। विभाग ने इन ट्रेनिंग सेंटरों को उपयुक्त न मानकर हैवी ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने पर अक्तूबर 2023 में रोक लगा दी थी।
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अब जिले में बनाए गए दो आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर को विभाग ने उपयुक्त माना है। संभागीय निरीक्षक संजय कुमार ने शुक्रवार को करन मोटर ट्रेनिंग सेंटर पोर्टरगंज व अल्तमश मोटर ट्रेनिंग सेंटर केशवपुर पहड़वा का निरीक्षण किया। इसके बाद अल्तमश मोटर ट्रेनिंग सेंटर को प्रशिक्षण की अनुमति दी है। जबकि करन मोटर ट्रेनिंग सेंटर को खामियां सुधारने के निर्देश दिए हैं।
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संभागीय निरीक्षक ने एआरटीओ प्रशासन के माध्यम से उप परिवहन आयुक्त सुरेंद्र कुमार को रिपोर्ट भेजी थी। जिस पर उन्होंने ट्रेनिंग की अनुमति दे दी है। अब एक माह के प्रशिक्षण के बाद आवेदकों को हैवी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।
हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एक माह में 24 लोग प्रशिक्षण ले सकेंगे। दाखिले के लिए एक साल पुराना लर्निंग लाइसेंस, दो फोटो, आधार कार्ड की प्रति देनी होगी। दाखिले के बाद ट्रेनर रोशन शर्मा आवेदकों को सिमुलेटर से लेकर संकेतक के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद रोड पर भी उन्हें भारी वाहन चलाने का प्रशिक्षण देंगे।
हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदकों को एक माह की ट्रेनिंग के लिए प्रतिदिन 300 रुपये के हिसाब से नौ हजार रुपये फीस चुकानी होगी। इसके बाद ही ट्रेनिंग सेंटर से उन्हें एक माह के प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षित ड्राइवर मानकर फाॅर्म-05 दिया जाएगा। जिस पर वह संभागीय परिवहन विभाग में हैवी लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। आवेदन के दौरान हैवी लाइसेंस के लिए एक हजार रुपये फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी। बाद में बायोमीट्रिक समेत अन्य प्रक्रिया पूरी करने के बाद हैवी ड्राइविंग लाइसेंस जारी होगा।


एआटीओ प्रशासन बबिता वर्मा ने बताया कि जिले में बनाए गए दो मोटर ट्रेनिंग सेंटर का संभागीय निरीक्षक ने निरीक्षण किया है। इसमें अल्तमश ट्रेनिंग सेंटर उपयुक्त मिला। जिसकी रिपोर्ट उप परिवहन आयुक्त को भेजी गई थी। वहां से अनुमति मिल गई है, अब एक माह के प्रशिक्षण के बाद हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों को लाइसेंस जारी किया जाएगा।
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