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Gonda News: जापानी इंसेफेलाइटिस से प्रभावित गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम
Fri, 14 Feb 2025 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 14 Feb 2025 11:29 PM IST
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज में चार दिनों तक जापानी इंसेफेलाइटिस का मरीज भर्ती होने के बाद भी सीएमओ को इसकी जानकारी नहीं दी गई। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए रिपोर्ट मांगी है। इधर, शुक्रवार को भर्ती मरीज का स्वास्थ्य ठीक होने के बाद उसे रेफर कर दिया गया है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर लोगों के सैंपल लिए हैं।
खरगूपुर के भवनियापुर खुर्द गांव निवासी एक 16 वर्षीय किशोरी को बुखार आ रहा था। बाद में गले में दर्द व अन्य समस्या आने के बाद परिजन उसे राजा देवी बख्श सिंह मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां पर जब उसकी जांच कराई गई तो वह जापानी इंसेफेलाइटिस से ग्रसित मिली। इस पर उसे भर्ती करके इलाज किया गया। स्वास्थ्य ठीक होने पर शुक्रवार को उसे रेफर कर दिया गया।
शुक्रवार को इस मामले की जानकारी सीएमओ को हुई। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि समय से रिपोर्ट न देने के मामले में रिपोर्ट मांगी है। जापानी इंसेफेलाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के समन्वयक आशीष ने बताया कि शुक्रवार को इस बारे में जानकारी हुई है। इस बारे में कर्मियों से जानकारी की गई तो वह आपरेटर के ऊपर ठीकरा फोड़ रहे हैं। इस स्थिति से सीएमओ को अवगत कराया जा रहा है।
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गांव पहुंची टीम
जेई की बीमारी की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर दवाओं का छिड़काव किया है। लोगों के खून के सैंपल लिए गए हैं। साथ ही बचाव संबंधी जानकारी दी गई है।
बढ़ाई गई सतर्कता
इस साल जेई का यह पहला मामला है। इससे पहले 2024 में जिले में जेई के नौ मरीज मिले थे, जबकि एईएस के 20 मरीज मिले थे। जेई का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों को बीमारियों के बारे मेें जागरूक किया गया है। वहीं, सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य कर्मियों को इसको लेकर प्रशिक्षित किया गया है।
यहां तो अस्पताल ही बांट रहा बीमारी
लोगों को बीमारी से बचाने के लिए भले ही साफ सफाई व जागरूकता पर जोर दिया जा रहा हो लेकिन, यहां पर मेडिकल कॉलेज परिसर ही बीमारी बांट रहा है। इमरजेंसी के सामने गंदा पानी भरा हुआ है। वहीं, क्षेत्रीय निदान केंद्र के पास गंदा पानी जमा है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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खरगूपुर के भवनियापुर खुर्द गांव निवासी एक 16 वर्षीय किशोरी को बुखार आ रहा था। बाद में गले में दर्द व अन्य समस्या आने के बाद परिजन उसे राजा देवी बख्श सिंह मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां पर जब उसकी जांच कराई गई तो वह जापानी इंसेफेलाइटिस से ग्रसित मिली। इस पर उसे भर्ती करके इलाज किया गया। स्वास्थ्य ठीक होने पर शुक्रवार को उसे रेफर कर दिया गया।
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शुक्रवार को इस मामले की जानकारी सीएमओ को हुई। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि समय से रिपोर्ट न देने के मामले में रिपोर्ट मांगी है। जापानी इंसेफेलाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के समन्वयक आशीष ने बताया कि शुक्रवार को इस बारे में जानकारी हुई है। इस बारे में कर्मियों से जानकारी की गई तो वह आपरेटर के ऊपर ठीकरा फोड़ रहे हैं। इस स्थिति से सीएमओ को अवगत कराया जा रहा है।
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गांव पहुंची टीम
जेई की बीमारी की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर दवाओं का छिड़काव किया है। लोगों के खून के सैंपल लिए गए हैं। साथ ही बचाव संबंधी जानकारी दी गई है।
बढ़ाई गई सतर्कता
इस साल जेई का यह पहला मामला है। इससे पहले 2024 में जिले में जेई के नौ मरीज मिले थे, जबकि एईएस के 20 मरीज मिले थे। जेई का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों को बीमारियों के बारे मेें जागरूक किया गया है। वहीं, सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य कर्मियों को इसको लेकर प्रशिक्षित किया गया है।
यहां तो अस्पताल ही बांट रहा बीमारी
लोगों को बीमारी से बचाने के लिए भले ही साफ सफाई व जागरूकता पर जोर दिया जा रहा हो लेकिन, यहां पर मेडिकल कॉलेज परिसर ही बीमारी बांट रहा है। इमरजेंसी के सामने गंदा पानी भरा हुआ है। वहीं, क्षेत्रीय निदान केंद्र के पास गंदा पानी जमा है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।