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कंपोजिट स्कूलों के प्रधानाध्यापक पाएंगे स्कूल नेतृत्व की प्रशिक्षण
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गोंडा। बेसिक शिक्षा परिषद के कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को स्कूल प्रबंधन का प्रशिक्षण मिलेगा। स्कूल चलाने का तौरतरीका सिखाया जाएगा। इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी इन एजूकेशन कंपोजिट विद्यालयों में स्कूल नेतृत्व क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम की योजना तैयार कर रहा है।
इसका उद्देश्य विद्यालय की कार्यात्मक चुनौतियों का समाधान करना और प्रत्येक कंपोजिट विद्यालय में कार्यात्मक प्रणाली को सुचारू रूप से सही दिशा की ओर ले जाना है। जिले में 468 स्कूल एक साथ किए गए हैं।
संस्थान के प्राचार्य ने मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक और बेसिक शिक्षा अधिकारी से 20 जुलाई तक सर्वेक्षण पूरा करवाने को कहा है। संविलियन के बाद इन स्कूलों में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की कक्षाएं एक ही परिसर में संचालित हो रही हैं। स्कूल संचालन में कठिनाइयां आ रही हैं।
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प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण टेलीग्राम एप के माध्यम से किया जाएगा। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की कक्षाएं ही एक परिसर में संचालित करने की व्यवस्था बनाई गई है। प्राइमरी व उच्च प्राइमरी को एक साथ संचालित करने में आ रही विभिन्न विषमताओं को दूर करने के लिए विभाग ने पहल की है।
इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी इन एजुकेशन (आईएएसई) प्रयागराज स्तर से कंपोजिट विद्यालयों में स्कूल नेतृत्व क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम की योजना तैयार की गई है। इसकी मदद से विद्यालय की चुनौतियों का समाधान कर प्रत्येक कंपोजिट विद्यालय की कार्यात्मक प्रणाली को सुचारू रूप से सही दिशा में ले जाना है।
कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में आईएएसई प्रयागराज ने कंपोजिट विद्यालयों से संबंधित जानकारी एकत्र करने के लिए एक सर्वेक्षण शुरू किया है। सर्वेक्षण को पांच चरणों में होगा।
हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में यह उपलब्ध है। संबंधित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को सर्वेक्षण के तहत पूछे गए सभी प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जारी पत्र में प्राचार्य/ अपर शिक्षा निदेशक, आईएएसई प्रयागराज ने कहा है कि सूची से संबंधित कम्पोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित करें कि वह ऑनलाइन सर्वेक्षण प्रपत्र को भरकर बीस जुलाई 2021 तक अनिवार्य रूप से भेज दें। इन प्रधानाध्यापकों के लिए टेलीग्राम एप डाउनलोड करना अनिवार्य है। इसकी मदद से एक ग्रुप का निर्माण किया जाएगा, जिस पर जरूरी जानकारियां साझा की जाएंगी।
इनसेट
स्कूल में आने वाली चुनौतियों पर होगी चर्चा
इंस्टीट्यूट आफ एडवांस स्टडी इन एजूकेशन ने महसूस किया है कि कुछ विषमताओं के कारण उत्तर प्रदेश के कंपोजिट विद्यालयों के संचालन में कठिनाई आ रही है। जिले के 468 कंपोजिट विद्यालयों में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर की कक्षाएं एक ही परिसर में संचालित हो रही हैं। आइएएसई इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए ऑनलाइन नेतृत्व क्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण आयोजित करने की योजना तैयार कर रहा है। विद्यालय की कार्य संबंधी चुनौतियों का समाधान कर उसे प्रगति की ओर ले जाने की सीख दी जाएगी। आइएएसई के अपर शिक्षा निदेशक ने मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि प्रथम चरण में इन विद्यालयों से संबंधित और प्रधानाध्यापकों से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रह है। सर्वेक्षण पांच खंड में है, जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में है। कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सर्वेक्षण के सभी प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य है।
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इसका उद्देश्य विद्यालय की कार्यात्मक चुनौतियों का समाधान करना और प्रत्येक कंपोजिट विद्यालय में कार्यात्मक प्रणाली को सुचारू रूप से सही दिशा की ओर ले जाना है। जिले में 468 स्कूल एक साथ किए गए हैं।
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संस्थान के प्राचार्य ने मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक और बेसिक शिक्षा अधिकारी से 20 जुलाई तक सर्वेक्षण पूरा करवाने को कहा है। संविलियन के बाद इन स्कूलों में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की कक्षाएं एक ही परिसर में संचालित हो रही हैं। स्कूल संचालन में कठिनाइयां आ रही हैं।
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प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण टेलीग्राम एप के माध्यम से किया जाएगा। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की कक्षाएं ही एक परिसर में संचालित करने की व्यवस्था बनाई गई है। प्राइमरी व उच्च प्राइमरी को एक साथ संचालित करने में आ रही विभिन्न विषमताओं को दूर करने के लिए विभाग ने पहल की है।
इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी इन एजुकेशन (आईएएसई) प्रयागराज स्तर से कंपोजिट विद्यालयों में स्कूल नेतृत्व क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम की योजना तैयार की गई है। इसकी मदद से विद्यालय की चुनौतियों का समाधान कर प्रत्येक कंपोजिट विद्यालय की कार्यात्मक प्रणाली को सुचारू रूप से सही दिशा में ले जाना है।
कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में आईएएसई प्रयागराज ने कंपोजिट विद्यालयों से संबंधित जानकारी एकत्र करने के लिए एक सर्वेक्षण शुरू किया है। सर्वेक्षण को पांच चरणों में होगा।
हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में यह उपलब्ध है। संबंधित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को सर्वेक्षण के तहत पूछे गए सभी प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जारी पत्र में प्राचार्य/ अपर शिक्षा निदेशक, आईएएसई प्रयागराज ने कहा है कि सूची से संबंधित कम्पोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित करें कि वह ऑनलाइन सर्वेक्षण प्रपत्र को भरकर बीस जुलाई 2021 तक अनिवार्य रूप से भेज दें। इन प्रधानाध्यापकों के लिए टेलीग्राम एप डाउनलोड करना अनिवार्य है। इसकी मदद से एक ग्रुप का निर्माण किया जाएगा, जिस पर जरूरी जानकारियां साझा की जाएंगी।
इनसेट
स्कूल में आने वाली चुनौतियों पर होगी चर्चा
इंस्टीट्यूट आफ एडवांस स्टडी इन एजूकेशन ने महसूस किया है कि कुछ विषमताओं के कारण उत्तर प्रदेश के कंपोजिट विद्यालयों के संचालन में कठिनाई आ रही है। जिले के 468 कंपोजिट विद्यालयों में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर की कक्षाएं एक ही परिसर में संचालित हो रही हैं। आइएएसई इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए ऑनलाइन नेतृत्व क्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण आयोजित करने की योजना तैयार कर रहा है। विद्यालय की कार्य संबंधी चुनौतियों का समाधान कर उसे प्रगति की ओर ले जाने की सीख दी जाएगी। आइएएसई के अपर शिक्षा निदेशक ने मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि प्रथम चरण में इन विद्यालयों से संबंधित और प्रधानाध्यापकों से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रह है। सर्वेक्षण पांच खंड में है, जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में है। कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सर्वेक्षण के सभी प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य है।