{"_id":"6a036ee140057c3ce30aaff5","slug":"ground-reality-of-health-education-and-nutrition-gonda-news-c-100-1-gon1003-158187-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: परखी स्वास्थ्य, शिक्षा व पोषण की जमीनी हकीकत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: परखी स्वास्थ्य, शिक्षा व पोषण की जमीनी हकीकत
Tue, 12 May 2026 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 12 May 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। नीति आयोग भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की निदेशक प्रतिमा सिंह ने मंगलवार को आकांक्षी ब्लॉक पंडरीकृपाल का निरीक्षण कर विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ब्लॉक मुख्यालय पर अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और पंचायत विभाग से जुड़े कार्यों की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने पंडरीकृपाल ब्लॉक संसाधन केंद्र, प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और जन आरोग्य केंद्र का भ्रमण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं, संचालित योजनाओं और लाभार्थियों को मिल रही सेवाओं की जानकारी लेने के साथ ही अफसरों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने मुंडरेवा माफी स्थित राजकीय हाईस्कूल, उच्च प्राथमिक विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। बीईओ झंझरी डॉ. सम्मय प्रसाद पाठक ने बताया कि निदेशक ने विद्यालयों में संचालित आधुनिक प्रयोगशालाओं, कक्षा कक्षों, विद्यार्थियों की उपस्थिति और नामांकन की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही बच्चों से बातचीत कर पढ़ाई और सुविधाओं के बारे में जानकारी भी ली। शिक्षकों ने बताया कि इंटर कॉलेज की सुविधा न होने से ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को आगे की पढ़ाई करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
इस पर निदेशक प्रतिमा सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी से बातचीत कर बालिकाओं को इंटरमीडिएट तक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि आकांक्षी ब्लॉकों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता में है। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एनके सिंह ने बताया कि जिले के रुपईडीह, पंडरीकृपाल और बभनजोत को आकांक्षी ब्लॉक के रूप में चयनित किया गया है। इस दौरान डीडीओ सुशील कुमार, डीएसटीओ अरुण कुमार सिंह, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जीआईसी प्रधानाचार्य एसके सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने पंडरीकृपाल ब्लॉक संसाधन केंद्र, प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और जन आरोग्य केंद्र का भ्रमण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं, संचालित योजनाओं और लाभार्थियों को मिल रही सेवाओं की जानकारी लेने के साथ ही अफसरों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने मुंडरेवा माफी स्थित राजकीय हाईस्कूल, उच्च प्राथमिक विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। बीईओ झंझरी डॉ. सम्मय प्रसाद पाठक ने बताया कि निदेशक ने विद्यालयों में संचालित आधुनिक प्रयोगशालाओं, कक्षा कक्षों, विद्यार्थियों की उपस्थिति और नामांकन की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही बच्चों से बातचीत कर पढ़ाई और सुविधाओं के बारे में जानकारी भी ली। शिक्षकों ने बताया कि इंटर कॉलेज की सुविधा न होने से ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को आगे की पढ़ाई करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
इस पर निदेशक प्रतिमा सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी से बातचीत कर बालिकाओं को इंटरमीडिएट तक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि आकांक्षी ब्लॉकों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता में है। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एनके सिंह ने बताया कि जिले के रुपईडीह, पंडरीकृपाल और बभनजोत को आकांक्षी ब्लॉक के रूप में चयनित किया गया है। इस दौरान डीडीओ सुशील कुमार, डीएसटीओ अरुण कुमार सिंह, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जीआईसी प्रधानाचार्य एसके सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।