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आज डूबते सूर्य को दिया जाएगा पहला अर्घ्य

Sat, 29 Oct 2022 11:37 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 11:37 PM IST
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गोंडा के मकार्थीगंज में छठ पूजा की तैयारी में जुटा विमला श्रीवास्तव का परिवार। -संवाद - फोटो : GONDA
गोंडा। छठ पर्व के लिए महिलाओं ने 36 घंटा निर्जला व्रत रखने का संकल्प लिया है। शनिवार को खरना के दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को लकड़ी के चूल्हे में गुड़ युक्त चावल की खीर और लौकी की सब्जी ग्रहण किया। वहीं, रविवार की दोपहर सभी तैयारियां पूरी करने के बाद महिलाएं साज-सज्जा व विधि विधान के साथ पोखरे व घाट पर पूजन करेंगी। इसके बाद दिन ढलने पर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य देंगी। दूसरे दिन सोमवार को व्रती महिलाएं उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन का समापन करेंगी।
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मान्यता है कि छठ माता की पूजा करने से परिवार में सुख व समृद्धि बढ़ती है। पति स्वस्थ रहते हैं। संतानहीन महिलाओं को संतान की प्राप्ति होती है। यह ऐसा पर्व है जिसमें समाज का सामंजस्य बहुत है। सभी तबके के लोग शामिल रहते हैं। जिसमें उगते सूरज के साथ ही डूबते सूर्य की भी पूजा होती है। पौराणिक काल में भगवान सूर्य की सर्वप्रथम पूजा भगवान रामचंद्रजी व माता सीता ने लंका पर विजय करने के बाद ही दीपावली पर्व के छठवें दिन छठी मैया की पूजा के साथ की थी। महाभारत काल में सूर्यपुत्र कर्ण भगवान सूर्य की प्रतिदिन उपासना और दान करते थे। पांडवों की पत्नी द्रौपदी भी अपने पतियों की कुशलता और राष्ट्र कल्याण के लिए भगवान सूर्य की आराधना करती थीं।
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जुटाईं पूजा सामग्रियां
शुक्रवार से नहाए खाए के साथ शुरू चार दिवसीय छठ पर्व का समापन सोमवार की भोर में हो जाएगा। महिला व पुरुष डाला छठ पर्व में लगने वाले पूजा सामग्रियां तैयारियां करने में शनिवार से जुट गए हैं। रात में व्रती महिलाएं जमीन पर विश्राम करेंगी। अगले दिन रविवार भोर में पूजन सामग्री व मेवा-मिष्ठान बनाने में जुट जाएंगी। जिसमें देसी घी की पूड़ी, सादा चना, ठेंकुआ, जड़ सहित अदरक, अमरूद, सलीफा, नींबू, मूली, गन्ना, हल्दी, सुतली को पांच व सात सुपली में रखने के बाद बांस की टोकरी को लेकर घाट पर जाएंगी और पूजन करेंगी।
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साल भर से रहता इंतजार
सुनीता देवी का कहना है कि यह व्रत मेरे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। छठी मैया की कृपा से घर-परिवार में सुख-समृद्धि है। इस पर्व का साल भर से इंतजार करती हूं।
पांच साल से रखती हूं व्रत
प्रिया सिंह ने बताया कि यह व्रत वह पिछले पांच साल से रहती हैं। कहा कि छठी मैया से जो भी मन्नत मांगती हैं वह पूरा हो जाती है। छठी मैया की कृपा से ही 36 घंटा निर्जल व्रत रह पाती हूं।
पूरी होती मनोकामना
वमिला श्रीवास्तव ने कहा कि यह व्रत मेरे लिए यादगार है। उन्होंने बताया कि मैंने छठी मैया से पुत्र की कामना की। माता ने उनको दो पुत्र दिए। यह व्रत दो दशक से रख रही हूं।

जीवन का सबसे बड़ा त्योहार
संध्या देवी ने बताया कि छठ पर्व हम लोगों के जीवन का सबसे बड़ा त्योहार है। मन, वचन और कर्म से सत्य धारण कर व्रत रहने से मनोवांछित फल प्राप्त होता है।
सामग्री पर महंगाई का पड़ा असर
छठ पर्व में इस बार महंगाई बढ़ी है। लोगों का कहना है कि छठ पूजा के सामग्री में कटौती नहीं की जा सकती है। रामनगीना व राम सिंह ने कहा कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब 40 प्रतिशत महंगाई बढ़ने से डाला छठ पर्व में लगने वाले सामानों में तो कटौती नहीं की जा सकती है। छठ पर्व मनाने वाले हर घर में सदस्यों को नया कपड़ा पहनना होता है। व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए नया आभूषण खरीदा जाता है। कहा कि महंगाई की मार कपड़े और आभूषण पर पड़ी है।
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