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परिषदीय स्कूलों में कक्षा तीन तक एनसीईआरटी पैटर्न लागू करने की तैयारी

Thu, 17 Nov 2022 05:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Nov 2022 05:30 AM IST
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गोंडा। परिषदीय स्कूलों में नए सत्र से बच्चों को कक्षा एक से तीन तक एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाएंगी। शिक्षा विभाग ने किताबों के वितरण की व्यवस्था में भी बदलाव करने की तैयारी की है। वहीं, कक्षा चार से आठ तक पुरानी व्यवस्था से प्रस्तावित पाठ्यक्रमों की किताबें मिलेंगी। विभाग मार्च 2023 से ही किताबों की आपूर्ति करने की तैयारी कर रहा है।
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स्कूलों में कक्षा एक से तीन तक के लिए सत्र 2023-24 से बदलाव की तैयारी हो रही है। 30 सितंबर तक नामांकन का ब्यौरा मांगा गया है। नवीन सत्र में किताबों की आपूर्ति का खाका खींचा जाना है। अभी तक जिले में 4.20 लाख छात्रों का प्रवेश हो चुका है। जिसमें कक्षा एक से तीन तक एक लाख से अधिक छात्र हैं। इन कक्षाओं के लिए एनसीईआरटी की किताबें लागू किए जाने की तैयारी हो रही है। टेंडर के माध्यम से सिर्फ कक्षा चार से आठ तक के छात्रों को किताबें उपलब्ध कराना होगा।
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शैक्षिक सत्र 2022-23 में किताबों की आपूर्ति में काफी दिक्कत आई। जिले में 29 लाख किताबों की जरूरत थी, जिसका वितरण नहीं हो पाया है। इसके पीछे देरी से टेंडर होना और फिर यूक्रेन युद्ध से किताबों की छपाई के लिए प्रकाशकों को कागज की उपलब्धता होने में दिक्कत होना बताया जा रहा है।
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शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
एनसीईआरटी पैटर्न लागू करने से पहले दिसंबर से मार्च तक शिक्षकों का प्रशिक्षण कराने की योजना है। कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों में पढ़ा रहे सभी शिक्षकों को एनसीईआरटी की किताबों से रूबरू कराने व पैटर्न को किस तरह से पढ़ाना है, इसके लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
बीएसए समेत शिक्षा समन्वयकों की हुई लखनऊ में बैठक
परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक बदलाव और योजनाओं की समीक्षा के लिए बीते मंगलवार को बीएसए के समेत सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, जिला समन्वयक प्रशिक्षण, एमडीएम, सामुदायिक सहभागिता, निर्माण, बालिका शिक्षा आदि लखनऊ बुलाए गए। महानिदेशक स्कूली शिक्षा ने समीक्षा की। इस दौरान कई बिंदुओं पर चर्चा हुई और रणनीति बनी।

किए जा रहे बदलाव
स्कूलों में इस बार किताबें उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। मगर अब शासन स्तर से नए बदलाव हो रहे हैं। जिसके आधार पर विभाग तैयारी कर रहा है। अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए
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