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राजस्व गांवों में विवाद से मुक्ति दिलाएगी घरौनी
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मंगुरा बाजार (गोंडा)। जिले में राजस्व विवादों की भरमार है, जिसमें आबादी भूमि को लेकर काफी मामले हैं। बीते छह महीनों में एक हजार से अधिक मामले आबादी जमीन के विवाद के मामले थानों में आ चुके हैं। निस्तारण में स्वामित्व तय न होने से अक्सर पुलिस और राजस्व कर्मियों को मशक्कत करनी पड़ती है। अभी तक आबादी पर जिसका कब्जा है उसी का स्वामित्व माना जाता है। लेकिन अब स्वामित्व का निर्धारण होगा और उसका नक्शा तैयार किया जाएगा। इसके बाद भूमि स्वामी को प्रमाण पत्र दिया जाएगा जिससे आबादी भूमि का विवाद हमेश के लिए खत्म हो सकेगा।
प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना से अब आबादी भूूमि पर जिनके घर बने हैं या कब्जा है तो उन्हें स्वामित्व का अधिकार मिलेगा। इसके लिए फिलहाल हवाई सर्वेक्षण हो रहा है। तहसील तरबगंज के 335 राजस्व गांवों में खतौनी की तरह घरौनी बनाया जाएगा जिनके लिए तीन गांवों में ड्रोन कैमरों से सर्वे हुआ है।
राजस्व मामालों को कम करने के लिए केन्द्र सरकार की योजना से हवाई सर्वे के जरिए फोटो लिया जा रहा है। जिसके आधार पर लेखपाल गांवों में जाकर आबादी भूमि का सर्वे कार्य किया जाएगा। राजस्व टीम आबादी भूमि में बने मकानों का ब्यौरा जुटा कर एक खाता व गाटा संख्या की तरह नम्बर जारी करेंगे। जैसे खतौनी में गाटा संख्या तो होता है, लेकिन आबादी किसके कब्जे में है और वहां क्या बना है, इसकी डिटेल नहीं रहती है। अब घरौनी में घरों का नम्बर दर्ज होकर घर के मुखिया की डिटेल होगी। जिससे कोई विवाद आगे चलकर न होने पाए, यह तय रहे कि आबादी की भूमि किसकी है। तरबगंज के साथ ही जिले के 1821 गांवों में भी सर्वे होगा। फिलहाल तरबगंज के तीन गांवों में सर्वे का कार्य हुआ है, अभी तक ड्रोन कैमरों की मदद से सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई है।
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ड्रोन कैमरों की मदद से बनेगा नक्शा, फिर तैयार होगी घरौनी
तरबगंज तहसील के तीन ग्राम पंचायत के आधा दर्जन दर्जन राजस्व ग्रामों की ड्रोन कैमरे से सर्वेक्षण किया गया। घरौनी बनने से न्यायालय का चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। राजस्व परिषद से मामलों का निस्तारण होगा और स्वामित्व प्रमाण पत्र मिलेगा। बेलसर के ग्राम पंचायत सिंहपुर के राजस्व ग्राम घन वालिया, जमालुद्दीनर्पु, भेदौरा, पूरे फकीर, ग्राम पंचायत गोपीपुर का राजस्व ग्राम डीडीसिया खुर्द, ग्राम पंचायत मुजेड़ के राजस्व ग्राम मुजेड़ का सर्वेक्षण हुआ। उप जिलाधिकारी तरबगंज राजेश कुमार ने बताया कि ड्रोन कैमरे से ली गई तस्वीर से ग्राम पंचायतों में आबादी में बने मकानों का नक्शा तैयार हो किया जाएगा और खतौनी के तर्ज पर बने मकानों की घरौनी बनाई जाएगी। बताया कि अभी तक ग्राम पंचायतों में सबसे अधिक विवाद आबादी कि जमीन को लेकर हुआ करता था।
सरकारी भूमि भी होंगे चिन्हित और तैयार होगा रेकार्ड
घरौनी तैयार करने के लिए किए जा रहे कार्य में अब सरकारी भूमि भी चिह्नित हो जाएंगे। एसडीएम ने बताया कि सरकारी जमीन जो खाली पड़ी है उसका भी चिह्नांकन हो जाएगा। जिससे खेल का मैदान, सरकारी विभागों के कार्यालय, स्कूल आदि में सहूलियत हो जाएगी। बताया कि इस सर्वे के बाद संबंधित ग्राम पंचायत का रिकार्ड विभाग के पास हो जाने के बाद अवैध कब्जा करने वाले भूमाफिया के खिलाफ आसानी से करवाई की का सकेगी। तहसीलदार नरसिंह नारायण, विकास सिंह, वेद प्रकाश, रंजीत कुमार, सहायक विकास अधिकारी राम निवास वर्मा की देखरेख में सर्वे का कार्य हुआ।
खतौनी की तर्ज पर बनेगी घरौनी
खतौनी की तर्ज पर अब राजस्व गांवों के आबादी भूमि पर बने घरों की घरौनी बनेगी। इसके लिए ड्रोन कैमरों से सर्वे कराया जा रहा है। लेखपालों की टीम भी लगाई गई है और इसी के जरिए सरकारी भूमि भी चिहिन्त होंगे।
राजेश कुमार, एसडीएम ातरबगंज
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प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना से अब आबादी भूूमि पर जिनके घर बने हैं या कब्जा है तो उन्हें स्वामित्व का अधिकार मिलेगा। इसके लिए फिलहाल हवाई सर्वेक्षण हो रहा है। तहसील तरबगंज के 335 राजस्व गांवों में खतौनी की तरह घरौनी बनाया जाएगा जिनके लिए तीन गांवों में ड्रोन कैमरों से सर्वे हुआ है।
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राजस्व मामालों को कम करने के लिए केन्द्र सरकार की योजना से हवाई सर्वे के जरिए फोटो लिया जा रहा है। जिसके आधार पर लेखपाल गांवों में जाकर आबादी भूमि का सर्वे कार्य किया जाएगा। राजस्व टीम आबादी भूमि में बने मकानों का ब्यौरा जुटा कर एक खाता व गाटा संख्या की तरह नम्बर जारी करेंगे। जैसे खतौनी में गाटा संख्या तो होता है, लेकिन आबादी किसके कब्जे में है और वहां क्या बना है, इसकी डिटेल नहीं रहती है। अब घरौनी में घरों का नम्बर दर्ज होकर घर के मुखिया की डिटेल होगी। जिससे कोई विवाद आगे चलकर न होने पाए, यह तय रहे कि आबादी की भूमि किसकी है। तरबगंज के साथ ही जिले के 1821 गांवों में भी सर्वे होगा। फिलहाल तरबगंज के तीन गांवों में सर्वे का कार्य हुआ है, अभी तक ड्रोन कैमरों की मदद से सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई है।
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ड्रोन कैमरों की मदद से बनेगा नक्शा, फिर तैयार होगी घरौनी
तरबगंज तहसील के तीन ग्राम पंचायत के आधा दर्जन दर्जन राजस्व ग्रामों की ड्रोन कैमरे से सर्वेक्षण किया गया। घरौनी बनने से न्यायालय का चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। राजस्व परिषद से मामलों का निस्तारण होगा और स्वामित्व प्रमाण पत्र मिलेगा। बेलसर के ग्राम पंचायत सिंहपुर के राजस्व ग्राम घन वालिया, जमालुद्दीनर्पु, भेदौरा, पूरे फकीर, ग्राम पंचायत गोपीपुर का राजस्व ग्राम डीडीसिया खुर्द, ग्राम पंचायत मुजेड़ के राजस्व ग्राम मुजेड़ का सर्वेक्षण हुआ। उप जिलाधिकारी तरबगंज राजेश कुमार ने बताया कि ड्रोन कैमरे से ली गई तस्वीर से ग्राम पंचायतों में आबादी में बने मकानों का नक्शा तैयार हो किया जाएगा और खतौनी के तर्ज पर बने मकानों की घरौनी बनाई जाएगी। बताया कि अभी तक ग्राम पंचायतों में सबसे अधिक विवाद आबादी कि जमीन को लेकर हुआ करता था।
सरकारी भूमि भी होंगे चिन्हित और तैयार होगा रेकार्ड
घरौनी तैयार करने के लिए किए जा रहे कार्य में अब सरकारी भूमि भी चिह्नित हो जाएंगे। एसडीएम ने बताया कि सरकारी जमीन जो खाली पड़ी है उसका भी चिह्नांकन हो जाएगा। जिससे खेल का मैदान, सरकारी विभागों के कार्यालय, स्कूल आदि में सहूलियत हो जाएगी। बताया कि इस सर्वे के बाद संबंधित ग्राम पंचायत का रिकार्ड विभाग के पास हो जाने के बाद अवैध कब्जा करने वाले भूमाफिया के खिलाफ आसानी से करवाई की का सकेगी। तहसीलदार नरसिंह नारायण, विकास सिंह, वेद प्रकाश, रंजीत कुमार, सहायक विकास अधिकारी राम निवास वर्मा की देखरेख में सर्वे का कार्य हुआ।
खतौनी की तर्ज पर बनेगी घरौनी
खतौनी की तर्ज पर अब राजस्व गांवों के आबादी भूमि पर बने घरों की घरौनी बनेगी। इसके लिए ड्रोन कैमरों से सर्वे कराया जा रहा है। लेखपालों की टीम भी लगाई गई है और इसी के जरिए सरकारी भूमि भी चिहिन्त होंगे।
राजेश कुमार, एसडीएम ातरबगंज