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Gonda News: खूबसूरती निखारने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहीं गीता
Mon, 05 May 2025 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 05 May 2025 11:23 PM IST
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गीता देवी। -संवाद
गोंडा। इटियाथोक के करुवापारा गांव की गीता देवी आज सिर्फ एक पार्लर संचालिका नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। पार्लर के जरिए वे न केवल 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अब तक 10 से अधिक महिलाओं और युवतियों को प्रशिक्षित कर उन्हें स्वावलंबी बनाने का कार्य भी कर चुकी हैं।
गीता की शादी 2004 में राकेश द्विवेदी से हुई थी, जो टेंट हाउस का व्यवसाय करते हैं। गृहिणी जीवन में एकरसता के बीच गीता ने स्वयं कुछ करने का निश्चय किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं रेनू मिश्रा से संपर्क कर ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने फेशियल, थ्रेडिंग, मेकअप और हेयर स्टाइलिंग जैसी तकनीकें सीखीं। गीता का कहना है कि समाज में अब बदलाव आ चुका है। महिलाएं भी घर चलाने में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। मेरा प्रयास है कि मैं अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बना सकूं।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद गीता ने पति के सहयोग से अपना पार्लर शुरू किया। शुरुआती चुनौतियों के बाद उनका कार्य अब स्थिरता की ओर बढ़ चुका है। वे सुमन पांडेय, नेहा शुक्ला, सुशीला देवी, शिवकुमारी जैसी स्थानीय महिलाओं को पार्लर ट्रेनिंग देकर उन्हें स्वरोजगार की राह दिखा रही हैं। गीता, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत महिलाओं और बेटियों का पंजीकरण कराकर उन्हें प्रशिक्षण दिला रही हैं। प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है, जिससे महिलाएं अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें।
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गीता की शादी 2004 में राकेश द्विवेदी से हुई थी, जो टेंट हाउस का व्यवसाय करते हैं। गृहिणी जीवन में एकरसता के बीच गीता ने स्वयं कुछ करने का निश्चय किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं रेनू मिश्रा से संपर्क कर ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने फेशियल, थ्रेडिंग, मेकअप और हेयर स्टाइलिंग जैसी तकनीकें सीखीं। गीता का कहना है कि समाज में अब बदलाव आ चुका है। महिलाएं भी घर चलाने में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। मेरा प्रयास है कि मैं अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बना सकूं।
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प्रशिक्षण पूरा होने के बाद गीता ने पति के सहयोग से अपना पार्लर शुरू किया। शुरुआती चुनौतियों के बाद उनका कार्य अब स्थिरता की ओर बढ़ चुका है। वे सुमन पांडेय, नेहा शुक्ला, सुशीला देवी, शिवकुमारी जैसी स्थानीय महिलाओं को पार्लर ट्रेनिंग देकर उन्हें स्वरोजगार की राह दिखा रही हैं। गीता, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत महिलाओं और बेटियों का पंजीकरण कराकर उन्हें प्रशिक्षण दिला रही हैं। प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है, जिससे महिलाएं अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें।
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