{"_id":"5dff9efa8ebc3e87a413f440","slug":"freezing-air-increases-turbidity-morning-and-evening-haze-troubles-gonda-news-lko4991530128","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्द हवा ने बढ़ाई गलन, सुबह-शाम धुंध से परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्द हवा ने बढ़ाई गलन, सुबह-शाम धुंध से परेशानी
विज्ञापन
गोंडा के कड़ाके की ठंड में को चिंग पढने जाती युवतियां।
- फोटो : GONDA
गोंडा। मौसम में कोहरे और सर्द हवा ने गलन बढ़ा दी है। रविवार की सुबह कोहरे की चादर छायी रही। पछुवा हवा चलने से ठंड का कहर शुरू हो गया है, ठिठुरन इस कदर रही कि लोग कांपते दिखे। दिनभर ठंड का असर शहर ही नहीं गांवों तक देखने को मिला। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर यहां भी होने लगा है। मौसम में बदलाव से पारे में गिरावट आई है। ठंड से बचाव के लिए इंतजाम का दावा तो प्रशासन कर रहा है, लेकिन कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं दिखी। ठंड से सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर दिख रहा है, बड़ी संख्या में बच्चे बीमार हो रहे हैं। निमोनिया और सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायतें बढ़ गईं हैं।
रविवार की सुबह घर से बाहर कदम रखते ही कोहरे के साथ ही ठिठुरन भरी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर बाद दो बजे के करीब थोड़ी देर के लिए धूप की एक झलक तो दिखी, लेकिन ठिठुरन धूप पर भारी दिखी। बस स्टाप हो, रेलवे स्टेशन हो या फिर शहर के चौक क्षेत्र, लोग ठंड से ठिठुरते दिखे। बचाव के लिए लोगों ने गर्म कपड़े तो पहने, लेकिन उसके बाद भी गलन की चुभन महसूस होती रही। तीन बजे के बाद तो धूप भी जाती रही और फिर कोहरे के साथ ही ठिठुरन बढ़ गई।
शाम होते-होते तो ठिठुरन के कारण बर्फीला माहौल हो गया। जिला अस्पताल के साथ ही निजी चिकित्सकों के यहां बड़ी संख्या में पेंट दर्द, खांसी, सांस लेने में दिक्कत से परेशान लोग इलाज करा रहे हैं। रविवार को तापमान अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। ठंड लगातार बढ़ रही है। इससे लोगों की परेेशानी बढ़ गई है।
विज्ञापन
ठंड की मार से हर कोई है परेशान, अफसर सुस्त
मौसम में ठंड लगातार बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों की ओर से सिर्फ ठंड न मानने के तरीके की निकाले जा रहे हैं। एडीएम की ओर से जारी रिपोर्ट में पूरे जिले में 84 स्थानों पर अलाव जलाने की जानकारी दी है। लेकिन अलाव कहीं देखने को नही मिला। राहत नही मिल रहा है। यही नही ठंड कोई बीमारी नही है लेकिन ठंड मानने को प्रशासन तैयार ही नही है। एक रिपोर्ट में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बीमारी तो लिखा की निमोनिया और सांस लेने में दिक्कत की बीमारी है लेकिन ठंड से नही माना। अब चौंकाने वाली बात है कि आखिर ठंड से हो रही बीमारी न मानने से क्या ठंड की परेशानी दूर हो जाएगी। अधिकारी मनमाने ढंग से अपने स्तर से तरकीब ही खोजते नजर आ रहे हैं।
कोल्ड डायरिया के बढ़ रहे मरीज
ठंड से बच्चे और बुजुर्ग परेशान हैं और इलाज के लिए डाक्टरों के यहां पहुंच रहे बच्चों को कई तरह की बीमारी हो रही है। रेलवे अस्पताल डिप्टी एमएस व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके मिश्र कहते हैं कि दो साल से कम उम्र के बच्चों में फेफड़े की बीमारी बढ़ रही है। कोल्ड डायरिया से बच्चो परेशान हैं। इसके अलावा निमोनिया और पेट दर्द की भी समस्या हैं। बड़ों में ठंड से हार्ट अटैक, आस्था, लकवा, सांस, खांसी आदि की बीमारी बढ़ रही है। इससे पीड़ित इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
ठंड से बचाव के लिए इंतजाम किए जाने का निर्देश सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। नगर क्षेत्रों के ईओ को व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वयं सेवी संस्थाओं से कंबल वितरण कराया जा रहा है। -आरआर प्रजापति, एडीएम
विज्ञापन
रविवार की सुबह घर से बाहर कदम रखते ही कोहरे के साथ ही ठिठुरन भरी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर बाद दो बजे के करीब थोड़ी देर के लिए धूप की एक झलक तो दिखी, लेकिन ठिठुरन धूप पर भारी दिखी। बस स्टाप हो, रेलवे स्टेशन हो या फिर शहर के चौक क्षेत्र, लोग ठंड से ठिठुरते दिखे। बचाव के लिए लोगों ने गर्म कपड़े तो पहने, लेकिन उसके बाद भी गलन की चुभन महसूस होती रही। तीन बजे के बाद तो धूप भी जाती रही और फिर कोहरे के साथ ही ठिठुरन बढ़ गई।
विज्ञापन
शाम होते-होते तो ठिठुरन के कारण बर्फीला माहौल हो गया। जिला अस्पताल के साथ ही निजी चिकित्सकों के यहां बड़ी संख्या में पेंट दर्द, खांसी, सांस लेने में दिक्कत से परेशान लोग इलाज करा रहे हैं। रविवार को तापमान अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। ठंड लगातार बढ़ रही है। इससे लोगों की परेेशानी बढ़ गई है।
विज्ञापन
ठंड की मार से हर कोई है परेशान, अफसर सुस्त
मौसम में ठंड लगातार बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों की ओर से सिर्फ ठंड न मानने के तरीके की निकाले जा रहे हैं। एडीएम की ओर से जारी रिपोर्ट में पूरे जिले में 84 स्थानों पर अलाव जलाने की जानकारी दी है। लेकिन अलाव कहीं देखने को नही मिला। राहत नही मिल रहा है। यही नही ठंड कोई बीमारी नही है लेकिन ठंड मानने को प्रशासन तैयार ही नही है। एक रिपोर्ट में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बीमारी तो लिखा की निमोनिया और सांस लेने में दिक्कत की बीमारी है लेकिन ठंड से नही माना। अब चौंकाने वाली बात है कि आखिर ठंड से हो रही बीमारी न मानने से क्या ठंड की परेशानी दूर हो जाएगी। अधिकारी मनमाने ढंग से अपने स्तर से तरकीब ही खोजते नजर आ रहे हैं।
कोल्ड डायरिया के बढ़ रहे मरीज
ठंड से बच्चे और बुजुर्ग परेशान हैं और इलाज के लिए डाक्टरों के यहां पहुंच रहे बच्चों को कई तरह की बीमारी हो रही है। रेलवे अस्पताल डिप्टी एमएस व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके मिश्र कहते हैं कि दो साल से कम उम्र के बच्चों में फेफड़े की बीमारी बढ़ रही है। कोल्ड डायरिया से बच्चो परेशान हैं। इसके अलावा निमोनिया और पेट दर्द की भी समस्या हैं। बड़ों में ठंड से हार्ट अटैक, आस्था, लकवा, सांस, खांसी आदि की बीमारी बढ़ रही है। इससे पीड़ित इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
ठंड से बचाव के लिए इंतजाम किए जाने का निर्देश सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। नगर क्षेत्रों के ईओ को व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वयं सेवी संस्थाओं से कंबल वितरण कराया जा रहा है। -आरआर प्रजापति, एडीएम