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खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची घाघरा, बांध से टकरा रही धारा
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गोंडा के करनैलगंज के चंदापुर किटौली के पास बांध को सुरक्षित करते कर्मी।
- फोटो : GONDA
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करनैलगंज (गोंडा)। हर तरफ पानी ही पानी का सैलाब है। घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता हुआ खतरे के निशान से लगभग 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी की धारा बांध से 400 से 600 मीटर दूर बहती थी। धारा कटान करते नदी के बांध के किनारे पहुंच चुकी है। कई स्थानों पर नदी बांध से टकराने लगी है। बांध को खतरा पैदा हो चुका है।
ग्राम चंदापुर किटौली के पास जहां कटान की स्थिति बनी हुई थी। जबरदस्त तरीके से की गई मेहनत रंग लाई है। बांध को मजबूत कर लिया गया है पत्थरों की पिचिंग कर दी गई है। कई स्थानों पर नदी बांध से सट गई है जो खतरे की घंटी साबित हो रही है। चंदापुर किटोली के पास 5 स्पर बने हैं। जिसमें दो इस पर करीब 8 वर्ष पुराने हैं 3 स्परों का निर्माण करीब 2 साल पहले कराया गया था। उन स्परों में भी कटान होने के साथ-साथ इस पर के बीच बांध में कटान शुरू हो गई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश बांध के लिए खतरा बन सकती है। बांध की मरम्मत का कार्य बरसात की वजह से प्रभावित हो रहा है। नदी की कटान से 800 बीघा फसल एवं नदी के किनारे बलुई मिट्टी वाले खेतों, जिसमें गन्ना व धान आदि की फसल लगी हुई थी वह खेत पूरी तरीके से कट कर नदी में समाहित हो चुके हैं और नदी के धारा बांध की ओर रुख कर चुकी है।
एल्गिन ब्रिज पर की गई माप के मुताबिक, सरयू नदी खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.496 पर है। रविवार को कुल डिसचार्ज 3 लाख 43 हजार 745 क्यूसेक था। जबकि करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी शनिवार शाम को विभिन्न बैराजों से छोड़ा गया, जोकि सोमवार की सुबह से एल्गिन पर आना शुरू होगा। जिसमें 1 लाख 64 हजार 038 क्यूसेक गिरजा बैराज, 1 लाख 68 हजार 408 क्यूसेक शारदा बैराज, 11 हजार 299 क्यूसेक सरयू बैराज से पानी छोड़ा गया था। बारिश का पानी भी घाघरा में बढ़ रहा है इसके साथ बैराज एवं पहाड़ी नालों का पानी घाघरा में आने से जलस्तर तेजी से ऊपर भागने लगा है। बांध पर मौजूद सिंचाई विभाग के एई अमरेश सिंह बताते हैं कि बांध पर कैंप कर सभी अधिकारी बांध की सुरक्षा में लगे हैं। नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। अभी बांध को खतरा नहीं है।
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बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी
एसडीएम हीरालाल ने बताया कि एक तरफ बांध को सही करने की कवायद हो रही है तो दूसरी तरफ जमीन को काटकर नदी बांध से सटकर बहने लगी है। कही भी कोई खतरा हो सकता है। ग्राम चंदापुर किटौली के मजरा सियाराम पुरवा बाबा कुट्टी के पास कटान को रोका गया है।
बताया कि यदि चंदापुर किटौली के पास बांध कटता है तो चंदापुर के 286 परिवार की 1451 जनसंख्या, पशु 1125 व 241 हेक्टेयर भूमि, ग्राम पसका में कुल परिवार 3453 जिनकी जनसंख्या 10716, कुल पशु 7281, मकान 2453, फसल 544 हेक्टेयर, ग्राम बहुवन मदार मांझा कुल परिवार 4250, जनसंख्या 15600, ग्राम नन्दौर रेती के कुल मजरे 20, परिवार की संख्या 850, उनकी जनसंख्या 4820, कुल पशु 3540 के साथ कुल आबादी करीब 40 हजार व 97 मजरे प्रभावित होंगे। एक-एक परिवार का सर्वे कराया जा चुका है। बाढ़ से निपटने की भी पूरी तैयारी है।
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ग्राम चंदापुर किटौली के पास जहां कटान की स्थिति बनी हुई थी। जबरदस्त तरीके से की गई मेहनत रंग लाई है। बांध को मजबूत कर लिया गया है पत्थरों की पिचिंग कर दी गई है। कई स्थानों पर नदी बांध से सट गई है जो खतरे की घंटी साबित हो रही है। चंदापुर किटोली के पास 5 स्पर बने हैं। जिसमें दो इस पर करीब 8 वर्ष पुराने हैं 3 स्परों का निर्माण करीब 2 साल पहले कराया गया था। उन स्परों में भी कटान होने के साथ-साथ इस पर के बीच बांध में कटान शुरू हो गई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश बांध के लिए खतरा बन सकती है। बांध की मरम्मत का कार्य बरसात की वजह से प्रभावित हो रहा है। नदी की कटान से 800 बीघा फसल एवं नदी के किनारे बलुई मिट्टी वाले खेतों, जिसमें गन्ना व धान आदि की फसल लगी हुई थी वह खेत पूरी तरीके से कट कर नदी में समाहित हो चुके हैं और नदी के धारा बांध की ओर रुख कर चुकी है।
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एल्गिन ब्रिज पर की गई माप के मुताबिक, सरयू नदी खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.496 पर है। रविवार को कुल डिसचार्ज 3 लाख 43 हजार 745 क्यूसेक था। जबकि करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी शनिवार शाम को विभिन्न बैराजों से छोड़ा गया, जोकि सोमवार की सुबह से एल्गिन पर आना शुरू होगा। जिसमें 1 लाख 64 हजार 038 क्यूसेक गिरजा बैराज, 1 लाख 68 हजार 408 क्यूसेक शारदा बैराज, 11 हजार 299 क्यूसेक सरयू बैराज से पानी छोड़ा गया था। बारिश का पानी भी घाघरा में बढ़ रहा है इसके साथ बैराज एवं पहाड़ी नालों का पानी घाघरा में आने से जलस्तर तेजी से ऊपर भागने लगा है। बांध पर मौजूद सिंचाई विभाग के एई अमरेश सिंह बताते हैं कि बांध पर कैंप कर सभी अधिकारी बांध की सुरक्षा में लगे हैं। नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। अभी बांध को खतरा नहीं है।
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बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी
एसडीएम हीरालाल ने बताया कि एक तरफ बांध को सही करने की कवायद हो रही है तो दूसरी तरफ जमीन को काटकर नदी बांध से सटकर बहने लगी है। कही भी कोई खतरा हो सकता है। ग्राम चंदापुर किटौली के मजरा सियाराम पुरवा बाबा कुट्टी के पास कटान को रोका गया है।
बताया कि यदि चंदापुर किटौली के पास बांध कटता है तो चंदापुर के 286 परिवार की 1451 जनसंख्या, पशु 1125 व 241 हेक्टेयर भूमि, ग्राम पसका में कुल परिवार 3453 जिनकी जनसंख्या 10716, कुल पशु 7281, मकान 2453, फसल 544 हेक्टेयर, ग्राम बहुवन मदार मांझा कुल परिवार 4250, जनसंख्या 15600, ग्राम नन्दौर रेती के कुल मजरे 20, परिवार की संख्या 850, उनकी जनसंख्या 4820, कुल पशु 3540 के साथ कुल आबादी करीब 40 हजार व 97 मजरे प्रभावित होंगे। एक-एक परिवार का सर्वे कराया जा चुका है। बाढ़ से निपटने की भी पूरी तैयारी है।