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घाघरा में उफान, चेतावनी बिंदु को पार गई नदी

Thu, 26 Aug 2021 10:29 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Aug 2021 10:29 PM IST
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Flood in Ghaghra, water crosses the warning point
गोंडा के करनैलगंज में घाघरा की कटान रोकने के लिए बंधे की मरम्मत कराते अधिकारी। - फोटो : GONDA
गोंडा। सरयू (घाघरा) की कटान कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वहीं विभिन्न बैराजों से दो दिनों के भीतर छोड़े गए करीब सात लाख क्यूसेक पानी की आमद शुरू हो गई है। जिससे घाघरा का जलस्तर अगले दो दिनों में चेतावनी बिंदु से दो फिट ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है। इससे बांध पर खतरों के बादल मंडराने लगे हैं।
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बीते 4 दिनों में घाघरा नदी कटान करके ग्राम रायपुर, बांसगांव, कमियार, बेहटा, चंदापुर किठौली के पास कुल मिलाकर करीब 12 सौ बीघे कृषि योग्य भूमि निगल चुकी है। एल्गिन-चरसड़ी बांध की मानो शामत आ गई है। एक तरफ कट रहे बांध को बचाने की जद्दोजहद तेजी से चल रही है।
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वहीं कटान स्थल पर बांध को मजबूत करने के लिए पत्थर एवं बोल्डर लगाकर उसे मजबूत किया जा रहा है। दूसरी तरफ नदी उस स्थान से हटकर दूसरे स्थान पर नदी बांध के किनारे सट कर कटान करने लगी है।
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एल्गिन-चरसड़ी बांध से करीब 400 मीटर से अधिक दूरी पर नदी के धारा थी जो अचानक मुड़कर बांध के समीप आ गई है और कटान करने लगी है। ग्राम चन्दापुर किटौली के मजरा सियाराम पुरवा के सामने बांध में हो रही कटान को रोकने के लिए पिछले 5 दिनों से लगातार एसडीएम और सिंचाई विभाग के अधिकारी डेरा जमाए हुए हैं।
वहां पर बांध को मजबूती देने का कार्य तो चल ही रहा है। वहीं उस स्थान से 500 मीटर की दूरी पर बनाए गए स्पर के बीच नदी की धारा बांध के नजदीक पहुंच चुकी है। जो बांध को कभी भी कटान की जड़ में ला सकती है।
गुरुवार को नदी का जलस्तर सुबह तक खतरे के निशान से 8 सेंटीमीटर ऊपर चल रहा था और दोपहर बाद अचानक पानी बढ़ने लगा और बुधवार को छोड़े गए विभिन्न बैराजों से करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी की आमद शुरू हो गई थी।
गुरुवार को भी करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी तीन अलग अलग बैराजों से छोड़ा गया है। जिसकी आमद शुक्रवार को शुरू होगी। ऐसी स्थिति में घाघरा नदी खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष नदी का जलस्तर करीब 2 फीट ऊपर जाने की संभावना बन गई है।
जिससे बांध के अन्य स्थानों पर भी खतरा पैदा हो गया है। मौके पर उप जिलाधिकारी हीरालाल, सिंचाई विभाग के एक्सईएन, एई एवं जेई लगातार बांध पर बने हुए हैं और जेसीबी व पोकलैंड मशीनों से बांध की मरम्मत का कार्य चलाया जा रहा है।

एसडीएम हीरालाल ने बताया कि लगातार बांध पर कैंप करके निगरानी की जा रही है। जहां पर बांध में कटान हो रही थी वहां बांध को मजबूत कर लिया गया है और बांध को सुरक्षित करने का कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
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