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पहले शौचालय निर्माण का दें प्रमाण पत्र तब मिलेगा वेतन
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Dec 2015 10:33 PM IST
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जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाए जा रहे शौचालय निर्माण व खुले में शौंच से मुक्त कराने की दिशा में एक और नया कदम उठाया है। डीएम उपाध्याय ने जनपद के सभी कर्मचारियों से उनके घर में शौचालय बने होने एवं प्रयोग होने का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने पर ही उन्हें वेतन देने पर जोर दिया है।
जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय बुधवार को बहराइच रोड स्थित एक मैरिज हाल के सभागार में विश्व बैंक के सहयोग से नीर निर्मल परियोजना एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित सम्पूर्ण स्वच्छता विधा पर पांच दिवसीय कार्यशाला के समापन के दौरान उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को बताई। डीएम ने कार्यशाला में कहा कि जनपद गोंडा को खुले में शौंच से मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन वृहद स्तर पर कार्य कर रहा है, परंतु इस कार्य में जनसहयोग की भी उतनी ही आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि परिश्रम और लोगों की रूचि के परिणाम स्वरूप खानपुर जैसे पिछड़े गांव को खुले में शौच से मुक्त बनाया जा सका और जिले को स्वच्छ भारत मिशन जैसे बड़े कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकी। विश्व बैंक के अधिकारी वाटर एण्ड सैनीटेशन कोलप्पा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर घर में शौचालय हो और उसका उपयोग हो। इसके लिए भारत सरकार द्वारा पर्याप्त धन उपलब्ध कराया गया है।
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उन्होंने आम लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने घरों में शौचालय बनवाएं और अपनेे गांव को खुले में शौंच से मुक्त कराएं। मुख्य विकास अधिकारी जयंत कुमार दीक्षित ने कहा कि वर्ष 2016 में जनपद गोंडा प्रदेश का पहला ऐसा गांव होगा जहां पर सबसे ज्यादा गांव में खुले मेें शौंच से मुक्त बन जाएंगे।
डीएम के निर्देशन में डुमरियाडीह, सालपुर धौताल, पचासा, नन्द कुमार पुरवा सहित कई गांवों के ग्राम प्रधानों व विश्व बैंक की स्वच्छ भारत मिशन टीम के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। जो कि गांवों में लोगों को स्वच्छता, शौचालय निर्माण आदि के बारे में जागरूक करेगी और लोगों को शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहित करेगी। सरकार द्वारा इसके लिए दी जा रही सहायता की जानकारी देगी।
कार्यशाला में जिले के दूर-दराज अंचल के तमाम ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया और अपने-अपने गांव में शौचालय निर्माण एवं खुले में शौच से मुक्त कराने का संकल्प लिया। कार्यशाला के दौरान डीडीओ यशवन्त सिन्हा, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन अभय प्रताप सिंह रमन सहित प्रतिभागीगण व ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
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जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय बुधवार को बहराइच रोड स्थित एक मैरिज हाल के सभागार में विश्व बैंक के सहयोग से नीर निर्मल परियोजना एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित सम्पूर्ण स्वच्छता विधा पर पांच दिवसीय कार्यशाला के समापन के दौरान उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को बताई। डीएम ने कार्यशाला में कहा कि जनपद गोंडा को खुले में शौंच से मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन वृहद स्तर पर कार्य कर रहा है, परंतु इस कार्य में जनसहयोग की भी उतनी ही आवश्यकता है।
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उन्होंने कहा कि परिश्रम और लोगों की रूचि के परिणाम स्वरूप खानपुर जैसे पिछड़े गांव को खुले में शौच से मुक्त बनाया जा सका और जिले को स्वच्छ भारत मिशन जैसे बड़े कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकी। विश्व बैंक के अधिकारी वाटर एण्ड सैनीटेशन कोलप्पा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर घर में शौचालय हो और उसका उपयोग हो। इसके लिए भारत सरकार द्वारा पर्याप्त धन उपलब्ध कराया गया है।
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उन्होंने आम लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने घरों में शौचालय बनवाएं और अपनेे गांव को खुले में शौंच से मुक्त कराएं। मुख्य विकास अधिकारी जयंत कुमार दीक्षित ने कहा कि वर्ष 2016 में जनपद गोंडा प्रदेश का पहला ऐसा गांव होगा जहां पर सबसे ज्यादा गांव में खुले मेें शौंच से मुक्त बन जाएंगे।
डीएम के निर्देशन में डुमरियाडीह, सालपुर धौताल, पचासा, नन्द कुमार पुरवा सहित कई गांवों के ग्राम प्रधानों व विश्व बैंक की स्वच्छ भारत मिशन टीम के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। जो कि गांवों में लोगों को स्वच्छता, शौचालय निर्माण आदि के बारे में जागरूक करेगी और लोगों को शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहित करेगी। सरकार द्वारा इसके लिए दी जा रही सहायता की जानकारी देगी।
कार्यशाला में जिले के दूर-दराज अंचल के तमाम ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया और अपने-अपने गांव में शौचालय निर्माण एवं खुले में शौच से मुक्त कराने का संकल्प लिया। कार्यशाला के दौरान डीडीओ यशवन्त सिन्हा, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन अभय प्रताप सिंह रमन सहित प्रतिभागीगण व ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।