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हिरासत में फर्टिलाइजर कंपनी के अधिकारी
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jan 2016 11:22 PM IST
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विक्रय प्रतिनिधियों की ट्रेनिंग करा रही एक फर्टिलाइजर कंपनी के अधिकारियों को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। कंपनी के दो अधिकारी नेपाल के रहने वाले हैं।
विदित हो कि गत 26 दिसंबर को वाराणसी की जैविक खाद बनाने वाली कंपनी ने जिला सेवायोजन कार्यालय में रोजगार मेला लगाया था। मेले में कंपनी ने 20 स्थानीय प्रतिनिधियों को विक्रय प्रतिनिधि के लिए चयनित किया।
कंपनी की तरफ से चयनित अभ्यर्थियों को पांच हजार रुपये मानदेय व अन्य सुविधाएं देने का दावा किया गया है। सोमवार को कंपनी ने चयनित अभ्यर्थियों को एक होटल में ट्रेनिंग के लिए बुलाया था।
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कंपनी के अधिकारियों ने अभ्यर्थियों के मूल प्रमाणपत्र जमा कराने के साथ-साथ उसने शपथ पत्र भी लिया। कुछ लोगों ने मामले की शिकायत नगर कोतवाल मधुर मिश्रा से की।
मौके पर पहुंची पुलिस ने कंपनी के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के लिए नगर कोतवाली ने गई। कोतवाल मधुर मिश्रा ने बताया कि कंपनी बनारस की बताई जा रही है।
कंपनी की छानबीन संबंधित थाने से कराई जा रही है। कंपनी के दो अधिकारी नेपाल के रहने वाले हैं। सत्यापन के बाद ही कंपनी के लोगों को ट्रेनिंग देने की छूट दी जाएगी। छानबीन में यदि कुछ भी फर्जी मिला तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला सेवायोजन अधिकारी प्रवेश श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी के पत्र पर रोजगार मेला लगा था। छानबीन के बाद असलियत का पता चलेगा।
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विदित हो कि गत 26 दिसंबर को वाराणसी की जैविक खाद बनाने वाली कंपनी ने जिला सेवायोजन कार्यालय में रोजगार मेला लगाया था। मेले में कंपनी ने 20 स्थानीय प्रतिनिधियों को विक्रय प्रतिनिधि के लिए चयनित किया।
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कंपनी की तरफ से चयनित अभ्यर्थियों को पांच हजार रुपये मानदेय व अन्य सुविधाएं देने का दावा किया गया है। सोमवार को कंपनी ने चयनित अभ्यर्थियों को एक होटल में ट्रेनिंग के लिए बुलाया था।
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कंपनी के अधिकारियों ने अभ्यर्थियों के मूल प्रमाणपत्र जमा कराने के साथ-साथ उसने शपथ पत्र भी लिया। कुछ लोगों ने मामले की शिकायत नगर कोतवाल मधुर मिश्रा से की।
मौके पर पहुंची पुलिस ने कंपनी के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के लिए नगर कोतवाली ने गई। कोतवाल मधुर मिश्रा ने बताया कि कंपनी बनारस की बताई जा रही है।
कंपनी की छानबीन संबंधित थाने से कराई जा रही है। कंपनी के दो अधिकारी नेपाल के रहने वाले हैं। सत्यापन के बाद ही कंपनी के लोगों को ट्रेनिंग देने की छूट दी जाएगी। छानबीन में यदि कुछ भी फर्जी मिला तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला सेवायोजन अधिकारी प्रवेश श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी के पत्र पर रोजगार मेला लगा था। छानबीन के बाद असलियत का पता चलेगा।