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ऑडिट में पकड़ी मजदूरी के भुगतान में गड़बड़ी
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गोंडा। बिना कार्य किए ही श्रमिकों के बैंक खाते में रुपये भेजने का खुलासा सोशल ऑडिट टीम ने किया है। मजदूरों ने टीम के सामने कबूल किया कि बिना उनके काम किए बैंक खाते में सरकारी धन मजदूरी के तौर पर भेजा गया है।
मामला विकास खंड करनैलगंज की ग्राम पंचायतों से जुड़ा है। शुक्रवार को ऑडिटर भूपेंद्र कुमार श्रीवास्तव के साथ राधेश्याम व बाबादीन की टीम ग्राम पैरौरी में मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए विकास कार्यों का ऑडिट करने पहुंचीं। टीम के सामने काम न करने वाले श्रमिकों के नाम का मास्टर रोल बनाकर खाते में फर्जी तरीके से भुगतान करने का मामला सामने आया।
ऑडिटर भूपेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यहां पंचायत भवन का निर्माण 9 फरवरी को शुरू हुआ था, जो लगातार 21 फरवरी तक संचालित रहा। श्रमिक राधा व रीना ने बयान दिया कि उन्होंने पंचायत भवन निर्माण में कभी काम नहीं किया। फिर भी उनके बैंक खाते में 7 दिन की मजदूरी भेजी गई है।
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श्रमिक रामसबूरन ने बताया कि कुम्हरगड्डा तालाब में उन्होंने एक दिन भी कार्य नहीं किया है। फिर भी उनके खाते में 14 दिवस की मजदूरी भेजी गई है। इस तरह काम न करने वाले श्रमिकों के खाते में मजदूरी भेजकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
उन्होंने बताया कि ग्राम दिनारी, दूदी व ग्राम पंचायत घरकुइयां में कार्य नही हो रहा है यहां भी अनियमितता पाई गई है। जिसकी रिपोर्ट सोशल ऑडिट निदेशालय लखनऊ, जिला कोऑर्डिनेटर, जिला विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी को भेजी गई है।
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मामला विकास खंड करनैलगंज की ग्राम पंचायतों से जुड़ा है। शुक्रवार को ऑडिटर भूपेंद्र कुमार श्रीवास्तव के साथ राधेश्याम व बाबादीन की टीम ग्राम पैरौरी में मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए विकास कार्यों का ऑडिट करने पहुंचीं। टीम के सामने काम न करने वाले श्रमिकों के नाम का मास्टर रोल बनाकर खाते में फर्जी तरीके से भुगतान करने का मामला सामने आया।
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ऑडिटर भूपेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यहां पंचायत भवन का निर्माण 9 फरवरी को शुरू हुआ था, जो लगातार 21 फरवरी तक संचालित रहा। श्रमिक राधा व रीना ने बयान दिया कि उन्होंने पंचायत भवन निर्माण में कभी काम नहीं किया। फिर भी उनके बैंक खाते में 7 दिन की मजदूरी भेजी गई है।
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श्रमिक रामसबूरन ने बताया कि कुम्हरगड्डा तालाब में उन्होंने एक दिन भी कार्य नहीं किया है। फिर भी उनके खाते में 14 दिवस की मजदूरी भेजी गई है। इस तरह काम न करने वाले श्रमिकों के खाते में मजदूरी भेजकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
उन्होंने बताया कि ग्राम दिनारी, दूदी व ग्राम पंचायत घरकुइयां में कार्य नही हो रहा है यहां भी अनियमितता पाई गई है। जिसकी रिपोर्ट सोशल ऑडिट निदेशालय लखनऊ, जिला कोऑर्डिनेटर, जिला विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी को भेजी गई है।