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Gonda News: बेटे के लिए चीखता रहा पिता, मां व बहनें बदहवास
Sun, 28 Jan 2024 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 28 Jan 2024 11:58 PM IST
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मुजेहना (गोंडा)। मोतीगंज क्षेत्र के अचलपुर गांव में अंकित तिवारी के घर पर सन्नाटा पसरा हुआ था। अंकित की हत्या से पूरा परिवार टूट गया है।
अपने कलेजे के टुकड़े को बार-बार यादकर पिता अनिल के आंसू रुक नहीं रहे थे। पूछने पर कहते कि बेटे को किसी चीज की कमी नहीं होने दी। कलेजे के टुकड़े की तरह संजोया। इतना निकलते ही उनका गला भर आया। घर में मां सावित्री देवी व बहनें बदहवास पड़ी रहीं। नाते-रिश्तेदार किसी तरह परिवार को संभाल रहे थे।
मृतक के चाचा सुनील तिवारी ने बताया कि 25 जनवरी की शाम करीब साढ़े छह बजे भइया व भाभी की अंकित से 20 मिनट तक बात होती रही। उसने आरोपी डॉक्टर दीपक सिंह के अस्पताल में काम करने से इन्कार किया। पर कुछ देर बाद आवाज आनी बंद हो गई। इसके बाद फोन पर सिर्फ पीटने की आवाज आती रही। अनिल व सावित्री हेलो..हेलो की आवाज देते रहे। करीब आठ बजे अनहोनी की आशंका में नारायण हास्पिटल एवं कैंसर रिसर्च सेंटर पहुंचे थे।
परिजनों ने बताया कि आरोपियों ने किसी भारी हथियार से सिर पर हमले किए। हाथ-पैर तक तोड़ दिए। आखों पर भी वार किया। इसके बाद घसीटते हुए रेलवे ट्रैक पर ले गए। परिजन व पुलिस को खून के छीटें व घसीटने के सुबूत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस के हाथ खाली हैं। सीसीटीवी खंगालने के दावे किए गए हैं। (संवाद)
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चार बहनों में इकलौता था अंकित
अनिल ने कहा कि बेटे को बड़े अरमान से पढ़ाया लिखाया। पैसे की कमी आड़े नहीं आने दी। बीएससी नर्सिंग कोर्स कराया। चार बहनों में अंकित इकलौता भाई था। उसका मोबाइल फोन नहीं मिल सका। परिजन को आशंका है कि आरोपियों ने सुबूत मिटाया है। आरोप लगाया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में नगर कोतवाली से जीआरपी तक दौड़ाया गया। आखिरकार जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज की।
गांव में पसरा रहा मातम, नहीं जले चू्ल्हे
स्थानीय लोगों ने बताया कि अंकित बेहद मिलनसार था। अयोध्या में पिता ने मुखाग्नि दी। ऐसे में रविवार को पूरे गांव में मातम पसरा रहा। घरों में चूल्हे नहीं जले। परिजनों को पुलिस की कार्रवाई की जानकारी नहीं हो सकी है और पीएम रिपोर्ट भी नहीं मिली है।
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अपने कलेजे के टुकड़े को बार-बार यादकर पिता अनिल के आंसू रुक नहीं रहे थे। पूछने पर कहते कि बेटे को किसी चीज की कमी नहीं होने दी। कलेजे के टुकड़े की तरह संजोया। इतना निकलते ही उनका गला भर आया। घर में मां सावित्री देवी व बहनें बदहवास पड़ी रहीं। नाते-रिश्तेदार किसी तरह परिवार को संभाल रहे थे।
मृतक के चाचा सुनील तिवारी ने बताया कि 25 जनवरी की शाम करीब साढ़े छह बजे भइया व भाभी की अंकित से 20 मिनट तक बात होती रही। उसने आरोपी डॉक्टर दीपक सिंह के अस्पताल में काम करने से इन्कार किया। पर कुछ देर बाद आवाज आनी बंद हो गई। इसके बाद फोन पर सिर्फ पीटने की आवाज आती रही। अनिल व सावित्री हेलो..हेलो की आवाज देते रहे। करीब आठ बजे अनहोनी की आशंका में नारायण हास्पिटल एवं कैंसर रिसर्च सेंटर पहुंचे थे।
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परिजनों ने बताया कि आरोपियों ने किसी भारी हथियार से सिर पर हमले किए। हाथ-पैर तक तोड़ दिए। आखों पर भी वार किया। इसके बाद घसीटते हुए रेलवे ट्रैक पर ले गए। परिजन व पुलिस को खून के छीटें व घसीटने के सुबूत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस के हाथ खाली हैं। सीसीटीवी खंगालने के दावे किए गए हैं। (संवाद)
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चार बहनों में इकलौता था अंकित
अनिल ने कहा कि बेटे को बड़े अरमान से पढ़ाया लिखाया। पैसे की कमी आड़े नहीं आने दी। बीएससी नर्सिंग कोर्स कराया। चार बहनों में अंकित इकलौता भाई था। उसका मोबाइल फोन नहीं मिल सका। परिजन को आशंका है कि आरोपियों ने सुबूत मिटाया है। आरोप लगाया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में नगर कोतवाली से जीआरपी तक दौड़ाया गया। आखिरकार जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज की।
गांव में पसरा रहा मातम, नहीं जले चू्ल्हे
स्थानीय लोगों ने बताया कि अंकित बेहद मिलनसार था। अयोध्या में पिता ने मुखाग्नि दी। ऐसे में रविवार को पूरे गांव में मातम पसरा रहा। घरों में चूल्हे नहीं जले। परिजनों को पुलिस की कार्रवाई की जानकारी नहीं हो सकी है और पीएम रिपोर्ट भी नहीं मिली है।