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नहर की जमीन जुटाने पहुंचा प्रशासन किसान अड़े
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बालपुर (गोंडा)। बहुचर्चित सरयू नहर परियोजना खंड प्रथम की खोदाई का विवाद सुलझाने के लिए शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक देर शाम तक किसानों की मनुहार करते रहे, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। ऐसे में अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।
बता दें कि सरयू नहर खंड प्रथम के परसा गोंडरी से धनई पट्टी तक नहर की खोदाई का काम पूरा हो चुका है। अभी दो स्थानों पर किसान गलत तरीके से भूमि अधिग्रहण के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। परसा गोंडरी और सालपुर धौताल में खोदाई का काम बाकी है। इस कारण परियोजना अधूरी है। शुक्रवार को किसानों के धरना स्थल पर अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, क्षेत्राधिकारी मुन्ना उपाध्याय, उपजिलाधिकारी करनैलगंज हीरालाल सहित पुलिस टीम पहुंची। किसानों से आंदोलन समाप्त करने की मनुहार करने लगे, लेकिन किसानों के विरोध से अधिकारियों को वापस होना पड़ा।
धरने की अगुवाई कर रहे किसान कमलेश कुमार ने बताया कि 18 माह से वह लोग परिवार सहित धरना दे रहे हैं, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी मौन हैं। बताया कि सिंचाई विभाग ने परसा गोंडरी में कुछ किसानों की जमीन वर्ष 2019, 20 व 21 में नए रेट से बैनामा लिया है। उनकी जमीन मनमानी करके फर्जी तरीके से 2010 में अधिग्रहण कर लिया है। जनकदुलारी की मौत 2004 में हो गई थी। जमीन की वरासत उनके लड़के रंगनाथ, पृथ्वी नाथ, रघुनाथ व कैलाश नाथ के नाम 2005 में हो गई, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गलत तरीके से अधिग्रहण कर लिया। वहीं धनराजी की मौत 2008 में हो गई। इनकी जमीन भी मौत के बाद 2010 में अधिग्रहीत की गई। जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक धरना चलता रहेगा।
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बता दें कि सरयू नहर खंड प्रथम के परसा गोंडरी से धनई पट्टी तक नहर की खोदाई का काम पूरा हो चुका है। अभी दो स्थानों पर किसान गलत तरीके से भूमि अधिग्रहण के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। परसा गोंडरी और सालपुर धौताल में खोदाई का काम बाकी है। इस कारण परियोजना अधूरी है। शुक्रवार को किसानों के धरना स्थल पर अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, क्षेत्राधिकारी मुन्ना उपाध्याय, उपजिलाधिकारी करनैलगंज हीरालाल सहित पुलिस टीम पहुंची। किसानों से आंदोलन समाप्त करने की मनुहार करने लगे, लेकिन किसानों के विरोध से अधिकारियों को वापस होना पड़ा।
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धरने की अगुवाई कर रहे किसान कमलेश कुमार ने बताया कि 18 माह से वह लोग परिवार सहित धरना दे रहे हैं, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी मौन हैं। बताया कि सिंचाई विभाग ने परसा गोंडरी में कुछ किसानों की जमीन वर्ष 2019, 20 व 21 में नए रेट से बैनामा लिया है। उनकी जमीन मनमानी करके फर्जी तरीके से 2010 में अधिग्रहण कर लिया है। जनकदुलारी की मौत 2004 में हो गई थी। जमीन की वरासत उनके लड़के रंगनाथ, पृथ्वी नाथ, रघुनाथ व कैलाश नाथ के नाम 2005 में हो गई, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गलत तरीके से अधिग्रहण कर लिया। वहीं धनराजी की मौत 2008 में हो गई। इनकी जमीन भी मौत के बाद 2010 में अधिग्रहीत की गई। जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक धरना चलता रहेगा।
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