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प्रधानाचार्य दुरूस्त कराएंगे बोर्ड के अंक पत्र
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गोंडा। यूपी बोर्ड परीक्षा पास कर चुके छात्रों को अंक पत्रों में संशोधन के लिए अब दौड़ नहीं लगाना होगा। बोर्ड ने प्रधानाचार्यों को जिम्मेदारी दी है कि त्रुटियों का सुधार कराएं। अंकपत्र मिलने के बाद छात्रों को उसमें होने वाली नाम, पिता के नाम, जन्मतिथि आदि की त्रुटियां दूर कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बोर्ड से क्षेत्रीय कार्यालय और फिर कॉलेजों में अंकपत्र पहुंचने के बाद प्रधानाचार्य अंकपत्र की जांच करेंगे। यदि किसी विद्यार्थी के अंकपत्र में संशोधन की जरूरत है तो उसे छात्र को नहीं देंगे। प्रधानाचार्य उसे संशोधन के लिए यूपी बोर्ड को भेज देंगे। ताकि बोर्ड से संशोधित अंकपत्र मिल सके।
यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 हाईस्कूल और इंटर का परिणाम 18 जून को घोषित किया गया है। परीक्षा परिणाम में हाईस्कूल में पंजीकृत 46,253 में 41,330 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें 35,966 परीक्षार्थी सफल रहे। हाईस्कूल का परिणाम 87. 02 फीसदी रहा। इंटरमीडिएट में पंजीकृत 34,666 में 32,157 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। जिसमें 28,704 परीक्षार्थी सफल रहे। बोर्ड परीक्षार्थियों के अंकपत्र क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से कॉलेजों को भेजने की तैयारी हो रही है।
उम्मीद है कि जुुलाई के पहले सप्ताह में अंकपत्र कॉलेजों में पहुंच जाएंगे। लेकिन इस बार विद्यार्थियों को अंकपत्र मिलने के बाद नाम, पिता के नाम, जन्मतिथि आदि की त्रुटि को दूर करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बोर्ड ने प्रधानाचार्यों को जिम्मेदारी दी है कि अंकपत्र मिलने के बाद विद्यार्थियों को वितरित करने से पहले मिलान कर लें। यदि नाम, पिता के नाम, जन्मतिथि आदि में संशोधन की जरूरत है तो प्रधानाचार्य संशोधन के यूपी बोर्ड को भेजेंगे। ताकि विद्यार्थियों को परेशान न होना पड़े।
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अभिभावकों को भी किया सचेत
राजकीय, सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं। अंकपत्र में त्रुटि होने पर उसे सुधरवाने के लिए परीक्षार्थियों को अनावश्यक रूप से बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। संशोधन की निर्धारित प्रक्रिया का उन्हें पालन करना पड़ता है, जिसमें चालान शुल्क जमा करने के साथ कई और औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को सचेत किया गया है कि वह अंकपत्र लेकर विद्यालय में उसका परीक्षण कर लें। त्रुटि होने पर इंगित करते हुए विद्यालय को वापस कर दें, जिससे उसे सुधारकर पुन: भेजा जा सके। यह त्रुटियां परीक्षा फार्म भरे जाते समय विद्यालयों की ओर से गंभीरता से अभिलेखों से मिलान न करने से होती हैं। विशेष रूप से वित्तविहीन विद्यालयों से अधिक आती है।
बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों के अंक पत्रों में त्रुटियों के सुधार के लिए प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है। परीक्षार्थियों को कोई दिक्कत न हो, इसके प्रयास हो रहे हैं। राकेश कुमार, डीआईओएस
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यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 हाईस्कूल और इंटर का परिणाम 18 जून को घोषित किया गया है। परीक्षा परिणाम में हाईस्कूल में पंजीकृत 46,253 में 41,330 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें 35,966 परीक्षार्थी सफल रहे। हाईस्कूल का परिणाम 87. 02 फीसदी रहा। इंटरमीडिएट में पंजीकृत 34,666 में 32,157 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। जिसमें 28,704 परीक्षार्थी सफल रहे। बोर्ड परीक्षार्थियों के अंकपत्र क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से कॉलेजों को भेजने की तैयारी हो रही है।
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उम्मीद है कि जुुलाई के पहले सप्ताह में अंकपत्र कॉलेजों में पहुंच जाएंगे। लेकिन इस बार विद्यार्थियों को अंकपत्र मिलने के बाद नाम, पिता के नाम, जन्मतिथि आदि की त्रुटि को दूर करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बोर्ड ने प्रधानाचार्यों को जिम्मेदारी दी है कि अंकपत्र मिलने के बाद विद्यार्थियों को वितरित करने से पहले मिलान कर लें। यदि नाम, पिता के नाम, जन्मतिथि आदि में संशोधन की जरूरत है तो प्रधानाचार्य संशोधन के यूपी बोर्ड को भेजेंगे। ताकि विद्यार्थियों को परेशान न होना पड़े।
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अभिभावकों को भी किया सचेत
राजकीय, सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं। अंकपत्र में त्रुटि होने पर उसे सुधरवाने के लिए परीक्षार्थियों को अनावश्यक रूप से बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। संशोधन की निर्धारित प्रक्रिया का उन्हें पालन करना पड़ता है, जिसमें चालान शुल्क जमा करने के साथ कई और औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को सचेत किया गया है कि वह अंकपत्र लेकर विद्यालय में उसका परीक्षण कर लें। त्रुटि होने पर इंगित करते हुए विद्यालय को वापस कर दें, जिससे उसे सुधारकर पुन: भेजा जा सके। यह त्रुटियां परीक्षा फार्म भरे जाते समय विद्यालयों की ओर से गंभीरता से अभिलेखों से मिलान न करने से होती हैं। विशेष रूप से वित्तविहीन विद्यालयों से अधिक आती है।
बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों के अंक पत्रों में त्रुटियों के सुधार के लिए प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है। परीक्षार्थियों को कोई दिक्कत न हो, इसके प्रयास हो रहे हैं। राकेश कुमार, डीआईओएस