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जालसाजी में पूर्व प्रधान को पांच वर्ष की सजा
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गोंडा। बैनामा दस्तावेज में कूटरचित ढंग से अपना नाम दर्जकर भूमि हड़पने के मामले में अदालत ने पूर्व प्रधान को पांच वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत ने दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
संयुक्त निदेशक अभियोजन राम अचरज चतुर्वेदी ने बताया कि रामसागर निवासी पृथ्वीपालगंज थाना धानेपुर ने दो फरवरी 1979 को भूमि का बैनामा आज्ञाराम निवासी रेतवागाड़ा थाना धानेपुर से लिया था। इसमें राघवराम निवासी दूल्हमपुर भी आधे के हिस्सेदार थे। बैनामे में पूर्व ग्राम प्रधान पृथ्वीराज के पिता त्रिवेनी यादव गवाह थे। दाखिल खारिज के दौरान पृथ्वीराज ने जालसाजी करके बैनामे के मूल दस्तावेज से रामसागर का नाम व पता काटकर अपना नाम सह खातेदार राघवराम के साथ खतौनी में दर्ज करा लिया। वह मूल बैनामा दस्तावेज भी फाइल से निकलवा ले गए।
इसकी जानकारी जब रामसागर को हुई तो उसने रजिस्ट्री ऑफिस से मूल दस्तावेज की नकल निकलवाकर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के न्यायालय में मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने की मांग की। इस पर न्यायालय ने 23 अक्टूबर 2009 को मुकदमा दर्ज करने के लिए धानेपुर पुलिस को आदेश दिए।
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न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की और पूर्व ग्राम प्रधान पृथ्वीराज के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान सहायक अभियोजन अधिकारी सुभाष कुमार ने मामले में पैरवी करते हुए अभियुक्त को दंडित करने की मांग की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चिर कुमारित्व ने पूर्व ग्राम प्रधान पृथ्वीराज को पांच वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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संयुक्त निदेशक अभियोजन राम अचरज चतुर्वेदी ने बताया कि रामसागर निवासी पृथ्वीपालगंज थाना धानेपुर ने दो फरवरी 1979 को भूमि का बैनामा आज्ञाराम निवासी रेतवागाड़ा थाना धानेपुर से लिया था। इसमें राघवराम निवासी दूल्हमपुर भी आधे के हिस्सेदार थे। बैनामे में पूर्व ग्राम प्रधान पृथ्वीराज के पिता त्रिवेनी यादव गवाह थे। दाखिल खारिज के दौरान पृथ्वीराज ने जालसाजी करके बैनामे के मूल दस्तावेज से रामसागर का नाम व पता काटकर अपना नाम सह खातेदार राघवराम के साथ खतौनी में दर्ज करा लिया। वह मूल बैनामा दस्तावेज भी फाइल से निकलवा ले गए।
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इसकी जानकारी जब रामसागर को हुई तो उसने रजिस्ट्री ऑफिस से मूल दस्तावेज की नकल निकलवाकर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के न्यायालय में मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने की मांग की। इस पर न्यायालय ने 23 अक्टूबर 2009 को मुकदमा दर्ज करने के लिए धानेपुर पुलिस को आदेश दिए।
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न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की और पूर्व ग्राम प्रधान पृथ्वीराज के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान सहायक अभियोजन अधिकारी सुभाष कुमार ने मामले में पैरवी करते हुए अभियुक्त को दंडित करने की मांग की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चिर कुमारित्व ने पूर्व ग्राम प्रधान पृथ्वीराज को पांच वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।