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Gonda News: कटान तेज, 400 बीघा जमीन नदी में समाई

Mon, 11 Aug 2025 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 11 Aug 2025 11:46 PM IST
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Erosion is fast, 400 bighas of land got submerged in the river
करनैलगंज (गोंडा)। सरयू नदी का तेजी से घट रहा जलस्तर जमीनों के लिए काल साबित हो रहा है। बीते दो दिन में करीब 400 बीघा जमीन नदी में समा गई है। फसल लगे खेत नदी में समाने से ग्रामीण परेशान हैं। बांध के आसपास कटान रोकने के लिए उपाय किए जा रहे हैं।
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बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी घटने के बाद मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ग्राम पारा, बेहटा, मांझा रायपुर, बहुवन मदार मांझा, घरकुइयां के सामने नदी ने जबरदस्त कटान किया, इससे 400 बीघा से अधिक भूमि कटान की जद में आ चुकी है। बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 30 हो गई है।
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गोंडा के ग्राम नकहरा, चंदापुर किटौली के 13 गांव बाढ़ से काफी प्रभावित हैं। इनमें नकहरा, तीरथराम पुरवा, शंभर पुरवा, दुलारे पुरवा, छांगुर लाल पुरवा, देव किशुन पुरवा, राधेपुरवा, मछारन पुरवा, पुहिल पुरवा, अयोध्या पुरवा, सांवल पुरवा के साथ चंदापुर किटौली के गांव बिचला, धुसवा शामिल हैं।
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ग्राम घरकुइयां, बहुवन मदार मांझा की आबादी प्रभावित नहीं है मगर इन गांवों के किसानों की खेती पूरी तरह से जलमग्न है। कटान की जद में आकर खेत सरयू नदी में समा रहे हैं। उधर, जिले की सीमा पर बसे बाराबंकी के गांव लगातार बाढ़ की चपेट में आते जा रहे हैं। रविवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर था। नदी तेजी से घट रही है। बीते 24 घंटे में 26 सेंटीमीटर पानी कम हुआ है। अब नदी खतरे के निशान से सिर्फ एक सेंटीमीटर ऊपर है।






उपजिलाधिकारी यशवंत राव का कहना है कि बाढ़ और बांध की लगातार निगरानी के साथ ही प्रभावित गांवों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को लंच पैकेट, तिरपाल, राशन आदि मुहैया कराया जा रहा है। किसी प्रकार का खतरा नहीं है।



बाढ़ से कटीं आठ सड़कें, आवागमन प्रभावित
विश्नोहरपुर (गोंडा)। बाढ़ के तेज बहाव से ब्योंदा बाजार से ब्योंदा, दत्तनगर के बाड़ी माझा, वैसिया से ढेमवा पुल, दत्तनगर से ब्योंदा, साकीपुर में हाईवे से अट्ठाईसा जाने वाली सड़क समेत तुलसीपुर माझा में दो सड़कें कट गई हैं। इससे लोगों को आवागमन में समस्या हो रही है।
नवाबगंज के माझा इलाके में लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दत्तनगर में कई लोगों के घरों में बाढ़ का पानी भरा है। आरआरसी सेंटर में भी पानी भरा है। जलभराव के चलते बीमारी फैलने की आशंका है। दत्तनगर में अर्जुन मौर्य समेत अन्य लोगों के घरों में पानी भरा हुआ है।
साकीपुर के चहलावा में नदी से लगातार कटान हो रहा है। कटान प्रभावित लोगों को अब तक कोई मुआवजा नहीं मिल पाया है। गांव में पानी भरने से छह परिवार पलायन कर सुरक्षित स्थान पर शरण लिए हुए हैं। साकीपुर व दत्तनगर के बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट भी नहीं मिल रहा है। राशन किट के लिए भी लोग तरस रहे हैं। दत्तनगर के प्रधान राजाराम यादव का कहना है कि गांव के 80 प्रतिशत परिवार बाढ़ प्रभावित हैं, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। यही हाल साकीपुर का है।


बांध से टकरा रहीं सरयू की लहरें
पसका (गोंडा)। बहुवन मदार माझा के सुकई नायब पुरवा के पास एल्गिन-चरसड़ी बांध से सरयू नदी की लहरें टकरा रही हैं। यहां कटान रोकने के लिए बंबूक्रेट के साथ रोड़े से भरी बोरियां डाली जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब नदी का जलस्तर कम होने लगता है तो कटान तेज हो जाता है। मिट्टी बहने वाली जगह पर श्रमिक मरम्मत कार्य कर रहे हैं। सहायक अभियंता पंकज आर्य ने बताया कि नदी के जलस्तर में कमी आई है।
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