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एल्गिन-चरसड़ी बांध आधा कटा
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sat, 06 Aug 2016 10:45 PM IST
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बांध में कटान शुरू
- फोटो : अमर उजाला
तेजी से घट रही घाघरा नदी ने एल्गिन-चरसड़ी बांध के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। हालत यह है कि नदी से होने वाली कटान में एल्गिन-चरसड़ी बांध के किनारे बनाया गया स्पर व कटवन पूरी तरह से नदी की आगोश में समा चुका है। जबकि कटान सीधे बांध में जा लगी है। जिससे बांध कब कट जाए, किसी को पता नही है।
हालांकि सिंचाई विभाग के अभियंता बंधे को बचाने में लगाए हुए हैं। लेकिन नदी में उठने वाले मशीने की तेजी को देखते हुए कुछ भी कह पाना मुमकिन नहीं है। अगर बांध कटता है तो इससे करनैलगंज के 52 गांवों पर बाढ़ की आफत कहर बनकर टूट पड़ेगी।
तेजी से घट रही घाघरा नदी में उठे मशीनें ने अधिकारियों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। शनिवार सुबह से घाघरा का जलस्तर तेजी से घटने लगा। पानी घटने के साथ ही कटान तेज हो गई। गुरुवार को घाघरा का जलस्तर 106.446 था, जो शनिवार को 10 सेमी घटकर 106.106 पर पहुंच गया। घटते समय घाघरा ने जमकर तांडव मचाया।
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मुख्य बांध को बचाने व कटान को रोकने के लिए बनाया गया कट इन वन व स्पर नंबर-1 घाघरा में उठे मशीने के निशाने पर रहे। कटवन का 180 मीटर हिस्सा व स्पर नंबर एक का करीब 150 मीटर हिस्सा नदी की तेज लहरों में देखते ही देखते समा गया। जबकि साइड का हिस्सा भी नीचे से हो रही कटान के चलते नदी में बैठ गया।
उधर, परसपुर क्षेत्र में स्थित सकरौर-भिखारीपुर बांध में भी दिक्कतें शुरू हो गईं। शुक्रवार को बांध का स्पर वन करीब 80 मीटर कट गया। बांध के डेंजर जोन को बांस लगाकर बैरीकेट कर दिया गया है। तथा बांध पर आवागमन भी रोक दिया गया।
मरम्मत कार्य में लगे जेई ओंकार सिंह ने बताया कि मशीना लगातार बांध पर दबाव बना रहा है। वहीं एई अशोक कुमार ने बताया कि मशीने ने कट्स व स्पर के हिस्से को काफी दूरी तक प्रभावित किया है। एसडीएम अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि दोनों बांधों को बचाने के लिए बने स्परों में कटान हुुई है। बांध बचाव के कार्य में लगे लोगों को अलर्ट कर हर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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हालांकि सिंचाई विभाग के अभियंता बंधे को बचाने में लगाए हुए हैं। लेकिन नदी में उठने वाले मशीने की तेजी को देखते हुए कुछ भी कह पाना मुमकिन नहीं है। अगर बांध कटता है तो इससे करनैलगंज के 52 गांवों पर बाढ़ की आफत कहर बनकर टूट पड़ेगी।
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तेजी से घट रही घाघरा नदी में उठे मशीनें ने अधिकारियों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। शनिवार सुबह से घाघरा का जलस्तर तेजी से घटने लगा। पानी घटने के साथ ही कटान तेज हो गई। गुरुवार को घाघरा का जलस्तर 106.446 था, जो शनिवार को 10 सेमी घटकर 106.106 पर पहुंच गया। घटते समय घाघरा ने जमकर तांडव मचाया।
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मुख्य बांध को बचाने व कटान को रोकने के लिए बनाया गया कट इन वन व स्पर नंबर-1 घाघरा में उठे मशीने के निशाने पर रहे। कटवन का 180 मीटर हिस्सा व स्पर नंबर एक का करीब 150 मीटर हिस्सा नदी की तेज लहरों में देखते ही देखते समा गया। जबकि साइड का हिस्सा भी नीचे से हो रही कटान के चलते नदी में बैठ गया।
उधर, परसपुर क्षेत्र में स्थित सकरौर-भिखारीपुर बांध में भी दिक्कतें शुरू हो गईं। शुक्रवार को बांध का स्पर वन करीब 80 मीटर कट गया। बांध के डेंजर जोन को बांस लगाकर बैरीकेट कर दिया गया है। तथा बांध पर आवागमन भी रोक दिया गया।
मरम्मत कार्य में लगे जेई ओंकार सिंह ने बताया कि मशीना लगातार बांध पर दबाव बना रहा है। वहीं एई अशोक कुमार ने बताया कि मशीने ने कट्स व स्पर के हिस्से को काफी दूरी तक प्रभावित किया है। एसडीएम अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि दोनों बांधों को बचाने के लिए बने स्परों में कटान हुुई है। बांध बचाव के कार्य में लगे लोगों को अलर्ट कर हर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।