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विस चुनाव 2022- 11.35 लाख नारी शक्ति फैसला देने को तैयार
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गोंडा। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की हार जीत में आधी आबादी की जागरूकता काफी अहम भूमिका निभाएगी। इसके दम पर ही नारी शक्ति एक स्वच्छ छवि की बेहतर सरकार बनाने को सोच समझ कर जनप्रतिनिधियों को चुनकर वोट की ताकत का एहसास कराएगी।
मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण बाद 5 जनवरी को जारी होने वाली पुनरीक्षित मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद जिले की सात सीटों पर 11.35 लाख महिला व छात्राएं अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी। पुनरीक्षण बाद अपडेट हुई सातों विधान सभाओं की मतदाता सूचियों में आधी आबादी के वोटरों का आंकड़ा बढ़कर 11.35 लाख हो गया है।
वर्ष 2017 में हुए चुनाव में 10.46 लाख महिला मतदाता थी। स्वीप के तहत संचालित कार्यक्रमों से बेटियों को जागरूक बनाने के अभियान से जुड़ी एक लाख से अधिक छात्राओं में से करीब 90 हजार का नाम नयी सूची में दर्ज कराने के लिए आवेदन भी कराया जा चुका है।
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महिला वोटरों की जागरूकता से तय माना जा रहा है कि इस बार जिले की सातों सीट पर हार-जीत तय करने में महिला वोटर अहम भूमिका निभाएंगी। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही की अगुवाई में प्रशासनिक अफसरों की पूरी टीम भी लगातार मतदाताओं को जागरूक कर उन्हें वोट की ताकत का एहसास कराने की मुहिम में जुटी हुई है।
इसी जागरूकता के कारण पुनरीक्षण बाद तैयार हो रही अनंतिम सूची में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों के और करीब आ गई है। फीडिंग के बाद जिले की सातों सीटों पर कुल मतदाताओं की संख्या 24.45 लाख हो गयी है। इसमें 13.11 लाख पुरुष व 11.35 लाख महिला मतदाताओं के साथ 146 थर्ड जेंडर मतदाता भी हैं।
जिला प्रशासन समय रहते सभी चुनावी तैयारियों को पूरा कराने में जोर शोर से जुटा है। इसके तहत 2916 बूथों से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी हो गयी हैं। मतदान केंद्रों व बूथों पर दिव्यांग के लिए रैंप के साथ ही बिजली व पानी के इंतजाम भी दुरुस्त बनाए जा रहे हैं। चुनाव ड्यूटी के लिए भी करीब 24 हजार कर्मियों का डेटा बेस तैयार किया जा चुका है। 1408 बूथों पर बेव कास्टिंग की तैयारियों के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी परखा जा रहा है।
जिले के पांच सौ से अधिक शैक्षिक संस्थानों में नियमित रूप से मतदान की जागरूकता का अभियान संचालित हो रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि स्वीप के तहत संचालित कार्यक्रम में सर्वाधिक मतदान कराने की जागरूकता के लिए युवाओं को विशेष तौर पर तैयार किया जा रहा है। इनके माध्यम से परिवार के सदस्यों तक संदेश भेजा जा रहा है। बताया कि अब तक दो लाख के करीब लोगों को जागरूक किये जाने का कार्य किया जा चुका है।
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मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण बाद 5 जनवरी को जारी होने वाली पुनरीक्षित मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद जिले की सात सीटों पर 11.35 लाख महिला व छात्राएं अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी। पुनरीक्षण बाद अपडेट हुई सातों विधान सभाओं की मतदाता सूचियों में आधी आबादी के वोटरों का आंकड़ा बढ़कर 11.35 लाख हो गया है।
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वर्ष 2017 में हुए चुनाव में 10.46 लाख महिला मतदाता थी। स्वीप के तहत संचालित कार्यक्रमों से बेटियों को जागरूक बनाने के अभियान से जुड़ी एक लाख से अधिक छात्राओं में से करीब 90 हजार का नाम नयी सूची में दर्ज कराने के लिए आवेदन भी कराया जा चुका है।
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महिला वोटरों की जागरूकता से तय माना जा रहा है कि इस बार जिले की सातों सीट पर हार-जीत तय करने में महिला वोटर अहम भूमिका निभाएंगी। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही की अगुवाई में प्रशासनिक अफसरों की पूरी टीम भी लगातार मतदाताओं को जागरूक कर उन्हें वोट की ताकत का एहसास कराने की मुहिम में जुटी हुई है।
इसी जागरूकता के कारण पुनरीक्षण बाद तैयार हो रही अनंतिम सूची में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों के और करीब आ गई है। फीडिंग के बाद जिले की सातों सीटों पर कुल मतदाताओं की संख्या 24.45 लाख हो गयी है। इसमें 13.11 लाख पुरुष व 11.35 लाख महिला मतदाताओं के साथ 146 थर्ड जेंडर मतदाता भी हैं।
जिला प्रशासन समय रहते सभी चुनावी तैयारियों को पूरा कराने में जोर शोर से जुटा है। इसके तहत 2916 बूथों से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी हो गयी हैं। मतदान केंद्रों व बूथों पर दिव्यांग के लिए रैंप के साथ ही बिजली व पानी के इंतजाम भी दुरुस्त बनाए जा रहे हैं। चुनाव ड्यूटी के लिए भी करीब 24 हजार कर्मियों का डेटा बेस तैयार किया जा चुका है। 1408 बूथों पर बेव कास्टिंग की तैयारियों के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी परखा जा रहा है।
जिले के पांच सौ से अधिक शैक्षिक संस्थानों में नियमित रूप से मतदान की जागरूकता का अभियान संचालित हो रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि स्वीप के तहत संचालित कार्यक्रम में सर्वाधिक मतदान कराने की जागरूकता के लिए युवाओं को विशेष तौर पर तैयार किया जा रहा है। इनके माध्यम से परिवार के सदस्यों तक संदेश भेजा जा रहा है। बताया कि अब तक दो लाख के करीब लोगों को जागरूक किये जाने का कार्य किया जा चुका है।