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जज्बे को सलाम ! बैसाखी तो कोई व्हीलचेयर के सहारे पहुंचा बूथ
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फोटो-4-गोंडा में कटरा विधानसभा के प्राथमिक विद्यालय सहजनवा में मतदान करके निकला दिव्यांग संतोष क?
- फोटो : GONDA
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गोंडा। विधानसभा चुनाव के दौरान अपना प्रतिनिधि चुनने में दिव्यांगता आड़े नहीं आ सकी। किसी ने बूथ तक जाने के लिए ट्राईसाइकिल का सहारा लिया तो कोई बैसाखी का सहारा लेकर बूथ तक पहुंचा। कुछ बुजुर्गों को उनके परिवारीजनों ने गोदी में उठाकर लोकतंत्र का भागीदार बनाया। जिले में दिव्यांग व बुजुर्ग मतदाताओं के लिए पोस्टल, बैलट की व्यवस्था की गई थी। बूथ पर पहुंचकर वोट डालने वालों की कमी नहीं थी। इन मतदाताओं ने वोट डालकर दिखा दिया कि वे भी किसी से कम नहीं हैं। वे भले ही शारीरिक रूप से कमजोर हैं, लेकिन उनमें भी जज्बा है।
करनैलगंज के आयुष सोनी अपनी 85 वर्षीय दादी सुंदरपति को गोदी मे उठाकर पोलिंग बूथ पर पहुंचे। वोट डालने के बाद सुंदरपति ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुझे लोकतंत्र में भागीदारी करने का एक और मौका मिला है। पोते का सहयोग सराहनीय रहा। मनकापुर के कटहर बुथानी बूथ पर वाकर के सहारे पहुुंचे दिव्यांग रामनरेश ने वोट डालकर खुशी जताई। वोट डालने के बाद रामनरेश ने कहा कि लोकतंत्र में भागीदार बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। दुर्घटना में पैर टूट गया था लेकिन मतदान के दिन का बेसब्री से इंतजार था। गोहन्ना बूथ पर ट्राईसाइकिल से पहुंचे दिव्यांग मोहम्मद अबरार काफी खुश दिखे। कहा कि दिव्यांगता मुझे लोकतंत्र में भागीदार बनने से नहीं रोक सकती। रुपईडीह के सहजनवां में दिव्यांग संतोष कुमार ने वोट डालकर खुशी जताई।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान की अहम भूमिका होती है। मतदान कर अपना फर्ज निभाया। ऐसे ही अधिकांश बूथों पर बुजुर्गों व दिव्यांगों ने उत्साह के साथ अपना वोट डाला। इंद्रापुर बूथ पर 80 वर्षीय शांती देवी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में वोट डालने का पांच साल बाद मौका मिला है। इसलिए इसे गंवाया नहीं जा सकता। वोट डालकर काफी खुशी मिल रही है। सुभागपुर के रानी देवी ने कहा कि मैं अपने वोट की ताकत को पहचानती हूं। इसलिए सुबह ही वोट डालने के लिए अपने बूथ पर आ गई। पड़री कृपाल के रामकृृपाल ने कहा कि संविधान में वोट डालने का जो अधिकार दिया गया है, उसका उसने प्रयोग किया है। करनैलगंज के नारायणपुर माझा बूथ पर 95 वर्षीय जगन्नाथ, मेहनौन विधानसभा में 94 वर्षीय अंबिका ने वोट डालकर अपना कर्तव्य निभाया। वहीं नारायणपुर माझा बूथ पर 106 वर्षीय चंपा दादी ने अपने मतदान अधिकार का प्रयोग किया।इसी तरह राजपति (70) राजबहादुर (75) ने भी मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत किया।
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करनैलगंज के आयुष सोनी अपनी 85 वर्षीय दादी सुंदरपति को गोदी मे उठाकर पोलिंग बूथ पर पहुंचे। वोट डालने के बाद सुंदरपति ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुझे लोकतंत्र में भागीदारी करने का एक और मौका मिला है। पोते का सहयोग सराहनीय रहा। मनकापुर के कटहर बुथानी बूथ पर वाकर के सहारे पहुुंचे दिव्यांग रामनरेश ने वोट डालकर खुशी जताई। वोट डालने के बाद रामनरेश ने कहा कि लोकतंत्र में भागीदार बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। दुर्घटना में पैर टूट गया था लेकिन मतदान के दिन का बेसब्री से इंतजार था। गोहन्ना बूथ पर ट्राईसाइकिल से पहुंचे दिव्यांग मोहम्मद अबरार काफी खुश दिखे। कहा कि दिव्यांगता मुझे लोकतंत्र में भागीदार बनने से नहीं रोक सकती। रुपईडीह के सहजनवां में दिव्यांग संतोष कुमार ने वोट डालकर खुशी जताई।
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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान की अहम भूमिका होती है। मतदान कर अपना फर्ज निभाया। ऐसे ही अधिकांश बूथों पर बुजुर्गों व दिव्यांगों ने उत्साह के साथ अपना वोट डाला। इंद्रापुर बूथ पर 80 वर्षीय शांती देवी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में वोट डालने का पांच साल बाद मौका मिला है। इसलिए इसे गंवाया नहीं जा सकता। वोट डालकर काफी खुशी मिल रही है। सुभागपुर के रानी देवी ने कहा कि मैं अपने वोट की ताकत को पहचानती हूं। इसलिए सुबह ही वोट डालने के लिए अपने बूथ पर आ गई। पड़री कृपाल के रामकृृपाल ने कहा कि संविधान में वोट डालने का जो अधिकार दिया गया है, उसका उसने प्रयोग किया है। करनैलगंज के नारायणपुर माझा बूथ पर 95 वर्षीय जगन्नाथ, मेहनौन विधानसभा में 94 वर्षीय अंबिका ने वोट डालकर अपना कर्तव्य निभाया। वहीं नारायणपुर माझा बूथ पर 106 वर्षीय चंपा दादी ने अपने मतदान अधिकार का प्रयोग किया।इसी तरह राजपति (70) राजबहादुर (75) ने भी मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत किया।
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