फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Efforts to tighten the noose on mining mafia Hafiz started

खनन माफिया हाफिज अली पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू

Sat, 02 Oct 2021 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Oct 2021 10:36 PM IST
विज्ञापन
Efforts to tighten the noose on mining mafia Hafiz started
गोंडा में नवाबगंज के कल्याणपुर में खनन के बाद बने तालाब में भरा पानी। - फोटो : GONDA
गोंडा। अवैध बालू व मिट्टी खनन से धरती की कोख खाली कर लाखों की कमाई करने वाले खनन माफिया हाफिज अली पर शिकंजा करने की कवायद शुरू हुई है। राजनीतिक रसूख के चलते बचते आ रहे खनन माफिया के उस स्थगन आदेश के खिलाफ जनहित याचिका दाखिल की गई है जिसमें तीन साल पहले एनजीटी ने 212 करोड़ रुपया का जुर्माना लगाकर रिकवरी का आदेश दिया था।
विज्ञापन

शुरूआती तौर पर प्रशासन ने इसमें तेजी दिखाते हुए खनन माफिया के खिलाफ करीब 12 करोड़ की चल अचल संपत्ति जब्त कर नीलाम करने की कार्रवाई की थी लेकिन बाद में न्यायालय से स्थगन आदेश लेने के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
विज्ञापन

इस मामले में प्रभावित गांव के करीब 35 लोगों ने जनहित याचिका दायर कर खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। न्यायालय ने जिलाधिकारी के माध्यम से इस मामले में पूरा ब्यौरा तलब किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश में कई खनन व भू माफियाओं के खिलाफ अभियान चला कर बड़ी कार्रवाई हुई लेकिन अयोध्या से सटे नवाबगंज जनपद गोंडा के खनन माफिया हाफिज अली अभी भी अवैध खनन को लेकर बेखौफ हैं।
इसके खिलाफ उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में खनन माफिया से प्रभावित गांव के 35 से अधिक ग्रामीणों ने जनहित याचिका दाखिल की थी। जनहित याचिका संख्या सिविल 21499 (एमबी) 2021 रामलगन बनाम उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च न्यायालय ने बीते 23 सितम्बर 2021 को 2 सप्ताह में शासन से रिपोर्ट तलब की है।
राज्य सरकार जिलाधिकारी गोंडा द्वारा भेजी गयी रिपोर्ट को ही उच्च न्यायालय में दाखिल करेगी। खनन माफिया के खिलाफ थाना नवाबगंज में अवैध खनन, गुंडा सहित अन्य धाराओं में दस मुकदमें दर्ज हैं।
गोंडा के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने संसदीय क्षेत्र में अवैध खनन होने के कारण हाफिज अली के खिलाफ तथ्यों के साथ शिकायत की थी। इस पर एनजीटी ने समिति गठित कर जांच करवाई।
जांच में टीम ने पाया कि 2011 से 2017 के मध्य 2388229 घनमीटर अवैध बालू का खनन किया गया। इससे सरकार को 93 करोड़ 54 लाख रुपए राजस्व का नुकसान हुआ साथ ही पर्यावरण को बहुत की नुकसान हुआ है।

टीम की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन जिलाधिकारी जेबी सिंह ने 500 रुपए प्रति घनमीटर की दर से एक अरब 19 करोड़ 41 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
इसके अलावा पर्यावरण क्षति, रेलवे लाइन की क्षति आदि को जोड़कर एनजीटी ने 212 करोड़ 46 लाख रुपए का जुर्माना ठोका और रिकवरी का आदेश दिया था। इसके एवज में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए करीब 12 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर दिया था। यह आदेश 24 जुलाई 2018 को जारी किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed