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Gonda News: डॉक्टर की कमी, मीठी गोली से इलाज कर रहे फार्मासिस्ट
Wed, 03 Sep 2025 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 03 Sep 2025 11:50 PM IST
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राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में उपचार करते फार्मासिस्ट भरतलाल शुक्ला। -संवाद
गोंडा। जिले में होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति पर मरीजों का भरोसा तो बढ़ रहा है, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण समय से इलाज नहीं मिल पा रहा है। मंडल मुख्यालय सहित तीन अस्पतालों में एक भी डॉक्टर नहीं है। फार्मासिस्ट मरीजों को मीठी गोली देकर इलाज की खानापूर्ति कर रहे हैं। जिला होम्योपैथिक अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पद भी खाली हैं।
मरीजों को होम्योपैथिक पद्धति से उपचार मुहैया कराने के लिए राजकीय जिला होम्योपैथिक चिकित्सालय समेत 11 अस्पताल संचालित हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित जिला होम्योपैथिक अस्पताल में चार वर्ष से किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट भरत लाल शुक्ल अकेले मरीजों का उपचार कर दवाएं बांट रहे हैं। जिला होम्योपैथिक अस्पताल की ओपीडी के आंकड़ों की मानें तो मरीजों का भरोसा इस पद्धति पर बढ़ा है। एक अगस्त से 31 अगस्त तक 1,778 नए मरीज व 3,117 पुराने मरीजों सहित कुल 4,895 मरीजों का उपचार किया गया।
राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय करनैलगंज व बेलसर में भी कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। जबकि कुड़वासीर में डॉ. करन सिंह निरंजन, कौड़िया बाजार में डॉ. जितेंद्र कुमार, बभनजोत में डॉ. सुमन, भोरहा में डॉ. तनु श्रीवास्तव, बरखरवा में डॉ. रश्मि ओझा, कमड़ावा में डॉ. प्रीति गुप्ता, दिनारा में डॉ. तान्या और जिगना बाजार में डॉ. तत्हीर फातिमा की तैनाती है।
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होम्योपैथिक पद्धति से इलाज की निगरानी के लिए जिम्मेदारों के पद भी रिक्त हैं। 2023 में तत्कालीन जिला होम्योपैथिक अधिकारी (डीएचओ) डॉ. उर्मिला का स्थानांतरण होने के बाद से यह पद रिक्त है। कुड़वासीर में तैनात डॉ. करन सिंह निरंजन डीएचओ का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। वहीं, जुलाई 2023 में सीएमएस डॉ. अलका कपिल के सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद का प्रभार निदेशक होम्यापैथिक डॉ. प्रमोद कुमार सिंह के पास है।
दो माह में दूर होगी डॉक्टरों की कमी
आयोग से प्रदेश में 53 डॉक्टरों व 250 कंपाउंडर की सूची जारी हो गई है। दो महीने के रिक्त पदों पर डॉक्टरों की कमी दूर होने की उम्मीद है। डॉक्टरों के रिक्त पद भरने के बाद बेहतर इलाज मिल सकेगा
डॉ. करन सिंह निरंजन, प्रभारी जिला होम्योपैथिक अधिकारी
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मरीजों को होम्योपैथिक पद्धति से उपचार मुहैया कराने के लिए राजकीय जिला होम्योपैथिक चिकित्सालय समेत 11 अस्पताल संचालित हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित जिला होम्योपैथिक अस्पताल में चार वर्ष से किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट भरत लाल शुक्ल अकेले मरीजों का उपचार कर दवाएं बांट रहे हैं। जिला होम्योपैथिक अस्पताल की ओपीडी के आंकड़ों की मानें तो मरीजों का भरोसा इस पद्धति पर बढ़ा है। एक अगस्त से 31 अगस्त तक 1,778 नए मरीज व 3,117 पुराने मरीजों सहित कुल 4,895 मरीजों का उपचार किया गया।
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राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय करनैलगंज व बेलसर में भी कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। जबकि कुड़वासीर में डॉ. करन सिंह निरंजन, कौड़िया बाजार में डॉ. जितेंद्र कुमार, बभनजोत में डॉ. सुमन, भोरहा में डॉ. तनु श्रीवास्तव, बरखरवा में डॉ. रश्मि ओझा, कमड़ावा में डॉ. प्रीति गुप्ता, दिनारा में डॉ. तान्या और जिगना बाजार में डॉ. तत्हीर फातिमा की तैनाती है।
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होम्योपैथिक पद्धति से इलाज की निगरानी के लिए जिम्मेदारों के पद भी रिक्त हैं। 2023 में तत्कालीन जिला होम्योपैथिक अधिकारी (डीएचओ) डॉ. उर्मिला का स्थानांतरण होने के बाद से यह पद रिक्त है। कुड़वासीर में तैनात डॉ. करन सिंह निरंजन डीएचओ का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। वहीं, जुलाई 2023 में सीएमएस डॉ. अलका कपिल के सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद का प्रभार निदेशक होम्यापैथिक डॉ. प्रमोद कुमार सिंह के पास है।
दो माह में दूर होगी डॉक्टरों की कमी
आयोग से प्रदेश में 53 डॉक्टरों व 250 कंपाउंडर की सूची जारी हो गई है। दो महीने के रिक्त पदों पर डॉक्टरों की कमी दूर होने की उम्मीद है। डॉक्टरों के रिक्त पद भरने के बाद बेहतर इलाज मिल सकेगा
डॉ. करन सिंह निरंजन, प्रभारी जिला होम्योपैथिक अधिकारी