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Gonda News: दीवार खड़ी करने के बाद दिया अभ्युदय विद्यालय का डीपीआर
Wed, 09 Jul 2025 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 09 Jul 2025 11:34 PM IST
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गोंडा। परसपुर के मधईपुर कुर्मी में बन रहे मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय निर्माण में गड़बड़ी मिलने के बाद नया मोड़ आया है। आरोप है कि कमजोर बीम पर दीवारें खड़ी करने के बाद कार्यदायी संस्था ने बेसिक शिक्षा विभाग को डीपीआर दिया है। डीएम नेहा शर्मा ने छत स्तर निर्माण होने के बाद कमियां उजागर करने वाले जिला समन्वयक (निर्माण) विद्याभूषण मिश्र को ही प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए किसी फैसले तक वेतन रोक दिया।
जिला समन्वयक (निर्माण) का कहना है कि उनकी कोई गलती नहीं है। पांच मार्च को कार्यदायी संस्था की ओर से अनुबंध उपलब्ध कराया गया। इससे पहले 10 फरवरी से ही डीपीआर की मांग कर रहे हैं। बीते 19 मार्च को विभाग ने संबंधित कार्यदायी संस्था के खाते में कुल लागत की 60 प्रतिशत 86.32 लाख रुपये भेज दी गई। बावजूद इसके डीपीआर उपलब्ध नहीं कराया गया।
गत 18 जून को छत स्तर तक दीवार खड़ी करने के बाद कार्यदायी संस्था ने डीपीआर उपलब्ध कराया। बीएसए अतुल कुमार तिवारी का कहना है कि डीपीआर मिलने के बाद डीसी को निरीक्षण के लिए भेजा गया। लेकिन तब तक दीवार खड़ी हो चुकी थी। उच्चाधिकारियों को सभी बिंदुओं पर साक्ष्यों के साथ कार्यदायी संस्था की मनमानी की तथ्यात्मक रिपोर्ट दी गई। मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय से रिपोर्ट मांगी गई है।
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जिला समन्वयक (निर्माण) का कहना है कि उनकी कोई गलती नहीं है। पांच मार्च को कार्यदायी संस्था की ओर से अनुबंध उपलब्ध कराया गया। इससे पहले 10 फरवरी से ही डीपीआर की मांग कर रहे हैं। बीते 19 मार्च को विभाग ने संबंधित कार्यदायी संस्था के खाते में कुल लागत की 60 प्रतिशत 86.32 लाख रुपये भेज दी गई। बावजूद इसके डीपीआर उपलब्ध नहीं कराया गया।
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गत 18 जून को छत स्तर तक दीवार खड़ी करने के बाद कार्यदायी संस्था ने डीपीआर उपलब्ध कराया। बीएसए अतुल कुमार तिवारी का कहना है कि डीपीआर मिलने के बाद डीसी को निरीक्षण के लिए भेजा गया। लेकिन तब तक दीवार खड़ी हो चुकी थी। उच्चाधिकारियों को सभी बिंदुओं पर साक्ष्यों के साथ कार्यदायी संस्था की मनमानी की तथ्यात्मक रिपोर्ट दी गई। मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय से रिपोर्ट मांगी गई है।
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