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Gonda News: डॉक्टर गए कांवड़ियों के शिविर में, फार्मासिस्ट ने किया इलाज
Sun, 20 Jul 2025 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 20 Jul 2025 11:22 PM IST
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गोंडा। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल जन आरोग्य मेला खानापूर्ति तक सीमित रह गया। रविवार को जिले के 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें अधिकांश स्थानों पर एमबीबीएस डॉक्टर नहीं बल्कि आयुष चिकित्सक या फार्मासिस्ट ने लाल-पीली गोलियां देकर मरीजों को घर भेज दिया। जन आरोग्य मेले के जमीनी हकीकत पर पेश है रिपोर्ट :
फार्मासिस्ट ने किया इलाज
पीएचसी टिकरी, पूर्वाह्न 11:20 बजे
नवाबगंज सीएचसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकरी पर फार्मासिस्ट अरुण कुमार शर्मा बैठे मरीजों का इंतजार कर रहे थे। यहां तैनात डॉ. अरुण कुमार तिवारी अस्पताल नहीं आए थे। फार्मासिस्ट ने बताया कि सुबह से 19 मरीजों का उपचार कर दवाएं दी गईं। एलटी रोहन यादव ने चार मरीजों की मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू, हीमोग्लोबिन जांच की। डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि उनकी ड्यूटी कांवड़ियों के लिए लगे चिकित्सा कैंप में लगाई गई है। इससे वह आरोग्य मेले में नहीं पहुंच सके।
आयुष चिकित्सक ने किया ऐलौपैथिक इलाज
पीएचसी मसकनवा : पूर्वाह्न 11:30 बजे
छपिया सीएचसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसकनवा में आयोजित जन आरोग्य मेला खानापूर्ति तक सीमित रह गया। यहां कोई एमबीबीएस डॉक्टर नहीं बल्कि आयुष चिकित्सक डॉ. पवन पटवा ने ऐलोपैथिक पद्धति से मरीजों का उपचार किया। 11:30 बजे तक नौ मरीजों का उपचार किया गया था। एलटी विजय प्रताप ने मरीजों की जांच की। फार्मासिस्ट रमेश यादव ने दवाओं का वितरण किया। कोई महिला चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं रही।
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जन आरोग्य मेले में ये व्यवस्थाएं होनी चाहिए
-मेले में एमबीबीएस व आयुष के तीन से चार डॉक्टरों की उपस्थिति होनी चाहिए।
-मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट व पैरामेडिकल के प्रशिक्षुओं का सहयोग लिया जाना चाहिए।
-खून की सभी प्रकार की जांचें व आवश्यक दवाओं की उपलब्धता होनी चाहिए।
-आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम की ओर से स्टॉल लगाकर स्वास्थ्य योजनाओं में पंजीकरण करना चाहिए।
-नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संस्थागत प्रसव, टीकाकरण व स्तनपान के लिए जागरूकता लानी चाहिए।
-सभी पीएचसी पर कम से कम एक महिला चिकित्साधिकारी की उपस्थिति होनी चाहिए।
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फार्मासिस्ट ने किया इलाज
पीएचसी टिकरी, पूर्वाह्न 11:20 बजे
नवाबगंज सीएचसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकरी पर फार्मासिस्ट अरुण कुमार शर्मा बैठे मरीजों का इंतजार कर रहे थे। यहां तैनात डॉ. अरुण कुमार तिवारी अस्पताल नहीं आए थे। फार्मासिस्ट ने बताया कि सुबह से 19 मरीजों का उपचार कर दवाएं दी गईं। एलटी रोहन यादव ने चार मरीजों की मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू, हीमोग्लोबिन जांच की। डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि उनकी ड्यूटी कांवड़ियों के लिए लगे चिकित्सा कैंप में लगाई गई है। इससे वह आरोग्य मेले में नहीं पहुंच सके।
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आयुष चिकित्सक ने किया ऐलौपैथिक इलाज
पीएचसी मसकनवा : पूर्वाह्न 11:30 बजे
छपिया सीएचसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसकनवा में आयोजित जन आरोग्य मेला खानापूर्ति तक सीमित रह गया। यहां कोई एमबीबीएस डॉक्टर नहीं बल्कि आयुष चिकित्सक डॉ. पवन पटवा ने ऐलोपैथिक पद्धति से मरीजों का उपचार किया। 11:30 बजे तक नौ मरीजों का उपचार किया गया था। एलटी विजय प्रताप ने मरीजों की जांच की। फार्मासिस्ट रमेश यादव ने दवाओं का वितरण किया। कोई महिला चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं रही।
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जन आरोग्य मेले में ये व्यवस्थाएं होनी चाहिए
-मेले में एमबीबीएस व आयुष के तीन से चार डॉक्टरों की उपस्थिति होनी चाहिए।
-मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट व पैरामेडिकल के प्रशिक्षुओं का सहयोग लिया जाना चाहिए।
-खून की सभी प्रकार की जांचें व आवश्यक दवाओं की उपलब्धता होनी चाहिए।
-आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम की ओर से स्टॉल लगाकर स्वास्थ्य योजनाओं में पंजीकरण करना चाहिए।
-नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संस्थागत प्रसव, टीकाकरण व स्तनपान के लिए जागरूकता लानी चाहिए।
-सभी पीएचसी पर कम से कम एक महिला चिकित्साधिकारी की उपस्थिति होनी चाहिए।