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कानपुर में तैनात डॉक्टर गोंडा में चला रहा क्लीनिक
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:26 PM IST
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कानपुर में तैनात एक चिकित्सक ने बीते 10 वर्षों से करनैलगंज में डॉक्टरों के लिए बने एक आवास पर अपना कब्जा कर रखा है, जहां से वह एक प्राइवेट क्लीनिक भी चलाता है। शनिवार को स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव के औचक निरीक्षण में इसका खुलासा होने पर उन्होंने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। वहीं, सीएचसी करनैलगंज में तैनाती के बाद से नदारद चल रहे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
निरीक्षण में स्वास्थ्य राज्यमंत्री को जगह-जगह गंदगी के साथ कई अव्यवस्थाएं भी दिखीं, जिसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को हिदायत देते हुए इसमें सुधार करने के निर्देश दिए।
शनिवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सीएचसी करनैलगंज पहुंचे स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव ने सबसे पहले अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण किया, जहां साफ-सफाई से लेकर अन्य अव्यवस्थाएं दिखीं।
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बेड पर पड़ी गंदी चादरों, बिना प्लेट के चल रहे एक्सरे रूम का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने अस्पताल में तैनात अधीक्षक से लेकर डॉक्टरों तक की जमकर क्लास ली और सबको खूब खरी-खोटी सुनाई।
यही नहीं अस्पताल आने वाले मरीजों से पता चलने पर कि अस्पताल में दवाओं का स्टॉक ही नहीं है और डिलीवरी के लिए आने वाली प्रत्येक महिला से डेढ़ हजार रुपये की वसूली की जाती है, को लेकर उन्होंने डॉक्टर व कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई।
उपस्थिति पंजिका की जांच करने पर पता चला कि सीएचसी में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह ने जिस दिन से जॉइनिंग की है, उस दिन से वह सीएचसी ही नहीं आए, के लिए उन्होंने प्रभारी एसीएमओ डॉ. गयासुल हसन को तत्काल कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया।
वहीं, 10 साल पहले सीएचसी में तैनात रहे ईएनटी सर्जन डॉ. विनोद रावत के अस्पताल परिसर में बने डॉक्टर के एक आवास पर कब्जा करने और यहीं से प्राइवेट क्लीनिक चलाए जाने की शिकायत पर उन्होंने चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए।
मरीजों को बाहर से दवा लिखे जाने पर उन्होंने अधीक्षक डॉ. आफताब आलम के साथ ही सीएचसी के अन्य डॉक्टरों को चेतावनी दी कि अगर दोबारा से इसकी शिकायत मिली तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जबकि होम्योपैथिक अस्पताल से नदारद रहने वाले डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई के उन्होंने निर्देश दिए।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव ने बताया कि सीएचसी करनैलगंज के निरीक्षण में कई तरह की अनियमितताएं प्रकाश में आई हैं। बाल रोग विशेषज्ञ यहां तैनात तो है, लेकिन आता कभी नहीं।
वहीं गैर जनपद में काम करने वाले एक डॉक्टर ने अस्पताल के एक आवास पर कब्जा कर रखा है और प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहा है, जिसके खिलाफ कमरा खाली कराकर एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों की मांग पर जिला अस्पताल में तैनात पांच नेत्र चिकित्सक में से एक की ड्यूटी करनैलगंज में लगाए जाने को कहा गया है। दोबारा मैं फिर किसी दिन, किसी समय यहां का दौरा करूंगा। अगर फिर से अस्पताल में इस तरह की अव्यवस्थाएं मिलीं तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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निरीक्षण में स्वास्थ्य राज्यमंत्री को जगह-जगह गंदगी के साथ कई अव्यवस्थाएं भी दिखीं, जिसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को हिदायत देते हुए इसमें सुधार करने के निर्देश दिए।
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शनिवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सीएचसी करनैलगंज पहुंचे स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव ने सबसे पहले अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण किया, जहां साफ-सफाई से लेकर अन्य अव्यवस्थाएं दिखीं।
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बेड पर पड़ी गंदी चादरों, बिना प्लेट के चल रहे एक्सरे रूम का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने अस्पताल में तैनात अधीक्षक से लेकर डॉक्टरों तक की जमकर क्लास ली और सबको खूब खरी-खोटी सुनाई।
यही नहीं अस्पताल आने वाले मरीजों से पता चलने पर कि अस्पताल में दवाओं का स्टॉक ही नहीं है और डिलीवरी के लिए आने वाली प्रत्येक महिला से डेढ़ हजार रुपये की वसूली की जाती है, को लेकर उन्होंने डॉक्टर व कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई।
उपस्थिति पंजिका की जांच करने पर पता चला कि सीएचसी में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह ने जिस दिन से जॉइनिंग की है, उस दिन से वह सीएचसी ही नहीं आए, के लिए उन्होंने प्रभारी एसीएमओ डॉ. गयासुल हसन को तत्काल कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया।
वहीं, 10 साल पहले सीएचसी में तैनात रहे ईएनटी सर्जन डॉ. विनोद रावत के अस्पताल परिसर में बने डॉक्टर के एक आवास पर कब्जा करने और यहीं से प्राइवेट क्लीनिक चलाए जाने की शिकायत पर उन्होंने चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए।
मरीजों को बाहर से दवा लिखे जाने पर उन्होंने अधीक्षक डॉ. आफताब आलम के साथ ही सीएचसी के अन्य डॉक्टरों को चेतावनी दी कि अगर दोबारा से इसकी शिकायत मिली तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जबकि होम्योपैथिक अस्पताल से नदारद रहने वाले डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई के उन्होंने निर्देश दिए।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव ने बताया कि सीएचसी करनैलगंज के निरीक्षण में कई तरह की अनियमितताएं प्रकाश में आई हैं। बाल रोग विशेषज्ञ यहां तैनात तो है, लेकिन आता कभी नहीं।
वहीं गैर जनपद में काम करने वाले एक डॉक्टर ने अस्पताल के एक आवास पर कब्जा कर रखा है और प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहा है, जिसके खिलाफ कमरा खाली कराकर एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों की मांग पर जिला अस्पताल में तैनात पांच नेत्र चिकित्सक में से एक की ड्यूटी करनैलगंज में लगाए जाने को कहा गया है। दोबारा मैं फिर किसी दिन, किसी समय यहां का दौरा करूंगा। अगर फिर से अस्पताल में इस तरह की अव्यवस्थाएं मिलीं तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।