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पहले करो सफाई, फिर होगी पढ़ाई

Fri, 08 Jan 2016 11:20 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 08 Jan 2016 11:20 PM IST
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Do Before cleaning, will then study
अनिवार्य एवं निशुल्क शिक्षा अधिकार कानून की खिल्ली यहां परिषदीय स्कूलों के शिक्षक, ग्राम प्रधान व अधिकारी मिलकर उड़ा रहे हैं। बच्चे जब सुबह घर से विद्यालय पहुंचते हैं तो उनसे स्कूल व कुर्सी-मेज की सफाई कराई जाती है। यहां तक कि नौनिहालों से ही स्कूल का ताला भी खुलवाया जाता है। विद्यालयों में बच्चों के साथ ऐसा बर्ताव तब हो रहा है, जब देश व प्रदेश में कानून लागू है और बच्चों से कोई कार्य नहीं कराया जा सकता है।
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छात्र-छात्राओं की शिक्षा का स्तर उठाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत ड्रेस, एमडीएम व पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी किया जाता है कि बच्चे स्कूल में रुकें और मन लगाकर पढ़ सकें। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता से शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है।
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पंडरीकृपाल शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मिश्रनपुरवा में शुक्रवार को सुबह दस बजे थे। यहां स्कूल पहुंचा एक बच्चा विद्यालय का ताला खोल रहा था। मौके पर प्रेरक सरोजनी गोद में अपने बच्चे को लिए खड़ी थीं। यहां प्रधानाध्यापिका नहीं पहुंची थीं।
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पता करने पर बताया गया कि वह चार दिन से विद्यालय नहीं आ रही हैं। सहायक अध्यापक तरुणी बीआरसी पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

ग्राम प्रधान ऊषा देवी ने बताया कि प्रधानाध्यापिका अक्सर गायब रहती हैं। यहां प्राय: बच्चों से झाड़ू लगवाया जाता है और उनसे कार्य कराए जाते हैं।

सफाई कर्मी के आने के बाबत बताया कि दो सफाई कर्मी तैनात हैं। वे अभी तक गांव में दिखाई तक नहीं पड़े। इसके लिए एडीओ पंचायत व खंड विकास अधिकारी को सूचित भी किया गया है।

इटियाथोक शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय ढफालीपुरवा में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से गुरुकुल की मर्यादा का पालन कराया जाता है, लेकिन शिक्षक स्वयं इसका पालन नहीं करते हैं।

कानून है कि किसी भी बच्चे से विद्यालय में काम नहीं लिया जा सकता है। फिर भी यहां सुबह घर से पढ़ने आए एक बच्चे को झाड़ू थमा दिया गया। पहले परिसर की सफाई करवायी गई। इसके बाद स्कूल में झाड़ू पकड़ा कर दीवार में जाल छुड़वाया जा रहा था।

कैमरे के ऑन होते ही बच्चे से झाड़ू रखवाकर उसे क्लास में भेज दिया गया। मौके पर सहायक अध्यापक इशरत जहां मिलीं। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मी के न आने से मजबूरी में परिसर व विद्यालय की सफाई करवानी पड़ती है। रसोइया भी सफाई का कार्य करती है।


प्रधानाध्यापक अर्जुन गुप्ता के बारे में बताया कि वह एमडीएम की सब्जी लेने गए हैं। ग्राम प्रधान जंग बहादुर ने बताया कि गांव मेें एक महिला सफाई कर्मी की तैनाती है, लेकिन वह नदारद रहती है।


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