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मानकविहीन स्कूल नहीं बन सकेंगे परीक्षा केंद्र
अमर उजाला/गोंडा
Updated Mon, 24 Oct 2016 11:45 PM IST
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मानकविहीन विद्यालय इस बार बोर्ड परीक्षा का केंद्र नहीं बन सकेंगे। पैसा और रसूख के बल पर परीक्षा केंद्र हासिल करने वाले स्कूलों पर डीएम ने नजरें गड़ा दी हैं। बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण की कमान संभालते हुए जिलाधिकारी ने सोमवार को जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम से परीक्षा केंद्र बनने की लाइन में लगे करीब 300 विद्यालयों पर छापेमारी कराकर उनके मानकों की जांच कराई। जांच में लगाए गए अधिकारी अपनी गोपनीय रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे।
यूपी बोर्ड परीक्षा के मानकों को पूरा न करने वाले स्कूल भी पैसे और रसूख के बल पर परीक्षा केंद्र हासिल करने में सफल हो जाते हैं। इसके बाद इन परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से वसूली का खेल शुरू हो जाता है।
पिछले वर्ष जिले में 221 स्कूलों को यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र बनाया गया था। वहीं इस वर्ष करीब 300 विद्यालय परीक्षा केंद्र बनने की लाइन में हैं। परीक्षा केंद्र बनवाने में रसूख का इस्तेमाल व परीक्षा के दौरान केंद्रों पर होने वाली अवैध वसूली पर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन की नजरें टेढ़ी हो गई हैं।
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इस संबंध में जिलाधिकारी ने रविवार को बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण के लिए बुलाई गई बैठक में अधिकारियों को मानकविहीन स्कूलों को परीक्षा केंद्र न बनाए जाने के लिए आगाह किया था। परीक्षा केंद्र निर्धारण की कमान संभालते हुए जिलाधिकारी ने सोमवार को परीक्षा केंद्र बनने की कतार में लगे इन स्कूलों पर गोपनीय तरीके से एक साथ छापेमारी कराई।
जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम ने छापेमारी के दौरान इन विद्यालयों के मानकों की विधिवत जांच की। सभी अधिकारी अपनी इस जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे। डीएम की इस कार्रवाई से परीक्षा केंद्र की मांग करने वाले स्कूल संचालकों में खलबली मच गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए मानकों पर खरे उतरने वाले विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए यह हैं मानक
- हाईस्कूल परीक्षा के लिए 9 व इंटरमीडियएट के लिए 14 कमरों की व्यवस्था
- विद्यालय में गेट व बाउंड्रीवाल बनी होनी चाहिए
- विद्यालय सड़क से जुड़ा हो
- परीक्षार्थियों के बैठने की उचित व्यवस्था
- स्कूल में शौचालय की व्यवस्था।
- प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए लोहे की आलमारी की व्यवस्था
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यूपी बोर्ड परीक्षा के मानकों को पूरा न करने वाले स्कूल भी पैसे और रसूख के बल पर परीक्षा केंद्र हासिल करने में सफल हो जाते हैं। इसके बाद इन परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से वसूली का खेल शुरू हो जाता है।
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पिछले वर्ष जिले में 221 स्कूलों को यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र बनाया गया था। वहीं इस वर्ष करीब 300 विद्यालय परीक्षा केंद्र बनने की लाइन में हैं। परीक्षा केंद्र बनवाने में रसूख का इस्तेमाल व परीक्षा के दौरान केंद्रों पर होने वाली अवैध वसूली पर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन की नजरें टेढ़ी हो गई हैं।
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इस संबंध में जिलाधिकारी ने रविवार को बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण के लिए बुलाई गई बैठक में अधिकारियों को मानकविहीन स्कूलों को परीक्षा केंद्र न बनाए जाने के लिए आगाह किया था। परीक्षा केंद्र निर्धारण की कमान संभालते हुए जिलाधिकारी ने सोमवार को परीक्षा केंद्र बनने की कतार में लगे इन स्कूलों पर गोपनीय तरीके से एक साथ छापेमारी कराई।
जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम ने छापेमारी के दौरान इन विद्यालयों के मानकों की विधिवत जांच की। सभी अधिकारी अपनी इस जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे। डीएम की इस कार्रवाई से परीक्षा केंद्र की मांग करने वाले स्कूल संचालकों में खलबली मच गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए मानकों पर खरे उतरने वाले विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए यह हैं मानक
- हाईस्कूल परीक्षा के लिए 9 व इंटरमीडियएट के लिए 14 कमरों की व्यवस्था
- विद्यालय में गेट व बाउंड्रीवाल बनी होनी चाहिए
- विद्यालय सड़क से जुड़ा हो
- परीक्षार्थियों के बैठने की उचित व्यवस्था
- स्कूल में शौचालय की व्यवस्था।
- प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए लोहे की आलमारी की व्यवस्था