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रेडक्रास सोसाईटी से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने की मांग
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गोंडा। रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से जिले में समय-समय पर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती रहीं। कोरोना की पहली लहर के समय स्थानीय शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कालेज में क्वारंटीन लोगों को भोजन देने की पहल हुई थी। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए थे।
इस बार अभी तक कोई पहल नहीं की गई है, जबकि स्थिति ज्यादा भयावह है। सोमवार को सोसायटी के सदस्यों ने जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजा है कि लोगों की सहूलियत के लिए पहल होनी चाहिए।
सोसायटी के सदस्य एवं उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के पूर्व सदस्य शेर बहादुर सिंह, केबी सिंह, अमित पांडे, राकेश त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से मांग किया है कि वर्तमान की स्थिति को देखते हुए गतिविधियों होनी जनहित में जरूरी है।
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सोसाइटी से 25 साल पहले वजीरगंज के कोठा व करनैलगंज के भंभुवा में एक- एक प्राथमिक चिकित्सालय संचालित किए गए थे और एक- एक एंबुुलेंस दिए गए थे। वर्तमान में स्थित जीर्ण-शीर्ण हैं।
सोसाइटी कोष के लिए साल 2011 में तत्कालीन डीएम रामबहादुर ने पहल की थी और 15 लाख रुपये का कोष जमा कराया था। इसके बाद कोई प्रयास तो नही हुआ लेकिन अब इसके प्रयोग की जरूरत है।
मांग किया है कि वर्तमान समय में आम लोग दवाओं, आक्सीजन व एंबुलेंस की कमी से जूझ रहे हैं। जिला चिकित्सालय परिसर में सस्ती दवाओं, ऑक्सीजन आदि के लिए एक केंद्र स्थापित किया जाए। जिससे लोगों को राहत मिल सके।
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इस बार अभी तक कोई पहल नहीं की गई है, जबकि स्थिति ज्यादा भयावह है। सोमवार को सोसायटी के सदस्यों ने जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजा है कि लोगों की सहूलियत के लिए पहल होनी चाहिए।
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सोसायटी के सदस्य एवं उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के पूर्व सदस्य शेर बहादुर सिंह, केबी सिंह, अमित पांडे, राकेश त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से मांग किया है कि वर्तमान की स्थिति को देखते हुए गतिविधियों होनी जनहित में जरूरी है।
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सोसाइटी से 25 साल पहले वजीरगंज के कोठा व करनैलगंज के भंभुवा में एक- एक प्राथमिक चिकित्सालय संचालित किए गए थे और एक- एक एंबुुलेंस दिए गए थे। वर्तमान में स्थित जीर्ण-शीर्ण हैं।
सोसाइटी कोष के लिए साल 2011 में तत्कालीन डीएम रामबहादुर ने पहल की थी और 15 लाख रुपये का कोष जमा कराया था। इसके बाद कोई प्रयास तो नही हुआ लेकिन अब इसके प्रयोग की जरूरत है।
मांग किया है कि वर्तमान समय में आम लोग दवाओं, आक्सीजन व एंबुलेंस की कमी से जूझ रहे हैं। जिला चिकित्सालय परिसर में सस्ती दवाओं, ऑक्सीजन आदि के लिए एक केंद्र स्थापित किया जाए। जिससे लोगों को राहत मिल सके।