{"_id":"670425e53072d254dc0b3c27","slug":"dangerous-business-of-firecrackers-intensifies-before-diwali-gonda-news-c-100-1-slko1026-125111-2024-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: दीपावली से पहले तेज हुआ पटाखों का खतरनाक धंधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: दीपावली से पहले तेज हुआ पटाखों का खतरनाक धंधा
Mon, 07 Oct 2024 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 07 Oct 2024 11:48 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। दीपावली से दो माह पहले ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी-छिपे अवैध पटाखे बनाने व बचने का खतरनाक धंधा तेज हो जाता है। लाइसेंस की चेकिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। सोमवार को हुए विस्फोट की घटना कोई पहली बार नहीं हुई है। पहले भी यहां कई ग्रामीण इलाकों में धमाके हो चुके हैं। जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है और तमाम लोग गंभीर रूप से जख्मी हो चुके हैं।
नगर पंचायत बेलसर में सोमवार को पटाखे बनाते समय हुए विस्फोट में दो लोगों की मौत और तीन लोगों के मरणासन्न होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। एक दशक पहले छपिया थाना क्षेत्र के मसकनवा बाजार में पुराने मकान में बारूद का भंडारण किया गया था। परिवार के लोग रात में सो गए थे। भोर में अचानक विस्फोट होने से मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
02 जुलाई वर्ष 2021 में वजीरगंज थाना क्षेत्र के टिकरी ठठेरपुरवा में नुरुल हसन के मकान में हुए विस्फोट में निसार अहमद (35), शमशाद (28), शायरुननिशां (35), रुबीना बानो (32), मोहम्मद शोएब (02), मेराज (11) व नूरीसबा (12) की मौत हो गई थी। नुरुल हसन, इरशाद अहमद, निजाम, रेहान अहमद अलीशा, मोहम्मद जैद व गुलनाज बानो घायल हो गई थीं। यहां भी पटाखा भंडारण के कारण विस्फोट होने की बात सामने आई थी। हालांकि, बाद में जांच टीम ने रसोई गैस सिलिंडर से विस्फोट होने की रिपोर्ट दी थी।
विज्ञापन
24 अक्तूबर 2022 में नवाबगंज के संचरही मोहल्ला निवासी मोहम्मद सईद के घर में सुबह जोरदार धमाका हुआ था। जिसमें उनका दोमंजिला मकान जमींदोज हो गया था। मलबे में उनकी पत्नी खैरुननिशां (55) व बेटा इब्राहिम (22) दब गए थे। इलाज के दौरान खैरुननिशां की मौत हो गई थी। पटाखा विस्फोट से हुए हादसे के बाद भी सबक नहीं लिया गया। पटाखे बेचने के लाइसेंस तो जारी कर दिए जाते हैं। मगर जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति से पटाखा विस्फोट से होने वाले हादसों पर रोक नहीं लग रही है।
दीपावली से एक माह पहले ही पटाखा कारोबार के लिए व्यापारी अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन शुरू कर देते हैं। प्रशासन की शर्तों पर उन्हें एक माह का अस्थायी लाइसेंस संबंधित थानों की पुलिस की रिपोर्ट पर मजिस्ट्रेट जारी कर देते हैं। हर साल दीपावली से पहले ऐसे 200 से अधिक अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाते हैं। जिस पर व्यापारी पटाखे का कारोबार करते हैं।
बेलसर बाजार के एक खंडहर में बिना लाइसेंस के पटाखा बनाने का कारोबार काफी दिनों से चल रहा था। लेकिन ने तो रगड़गंज चौकी पुलिस को इसकी जानकारी थी और न ही थाने की पुलिस को। बेलसर (रगड़गंज बाजार) के लोगों का कहना है कि हादसों के बाद ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आती है। अगर पहले ही अवैध पटाखा कारोबार पर पाबंदी लगाई गई होती तो विस्फोट में लोगों की जान न जाती।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि पटाखा विस्फोट की घटना गंभीर है। इससे सबक लेते हुए अधिकारियों को ऐसे स्थानों को चिह्नित कर दबिश कराने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलवार एसडीएम के निर्देशन में राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लाइसेंसी भंडारण वाले सूचीबद्ध लोगों के रखरखाव की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
नगर पंचायत बेलसर में सोमवार को पटाखे बनाते समय हुए विस्फोट में दो लोगों की मौत और तीन लोगों के मरणासन्न होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। एक दशक पहले छपिया थाना क्षेत्र के मसकनवा बाजार में पुराने मकान में बारूद का भंडारण किया गया था। परिवार के लोग रात में सो गए थे। भोर में अचानक विस्फोट होने से मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
विज्ञापन
02 जुलाई वर्ष 2021 में वजीरगंज थाना क्षेत्र के टिकरी ठठेरपुरवा में नुरुल हसन के मकान में हुए विस्फोट में निसार अहमद (35), शमशाद (28), शायरुननिशां (35), रुबीना बानो (32), मोहम्मद शोएब (02), मेराज (11) व नूरीसबा (12) की मौत हो गई थी। नुरुल हसन, इरशाद अहमद, निजाम, रेहान अहमद अलीशा, मोहम्मद जैद व गुलनाज बानो घायल हो गई थीं। यहां भी पटाखा भंडारण के कारण विस्फोट होने की बात सामने आई थी। हालांकि, बाद में जांच टीम ने रसोई गैस सिलिंडर से विस्फोट होने की रिपोर्ट दी थी।
विज्ञापन
24 अक्तूबर 2022 में नवाबगंज के संचरही मोहल्ला निवासी मोहम्मद सईद के घर में सुबह जोरदार धमाका हुआ था। जिसमें उनका दोमंजिला मकान जमींदोज हो गया था। मलबे में उनकी पत्नी खैरुननिशां (55) व बेटा इब्राहिम (22) दब गए थे। इलाज के दौरान खैरुननिशां की मौत हो गई थी। पटाखा विस्फोट से हुए हादसे के बाद भी सबक नहीं लिया गया। पटाखे बेचने के लाइसेंस तो जारी कर दिए जाते हैं। मगर जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति से पटाखा विस्फोट से होने वाले हादसों पर रोक नहीं लग रही है।
दीपावली से एक माह पहले ही पटाखा कारोबार के लिए व्यापारी अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन शुरू कर देते हैं। प्रशासन की शर्तों पर उन्हें एक माह का अस्थायी लाइसेंस संबंधित थानों की पुलिस की रिपोर्ट पर मजिस्ट्रेट जारी कर देते हैं। हर साल दीपावली से पहले ऐसे 200 से अधिक अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाते हैं। जिस पर व्यापारी पटाखे का कारोबार करते हैं।
बेलसर बाजार के एक खंडहर में बिना लाइसेंस के पटाखा बनाने का कारोबार काफी दिनों से चल रहा था। लेकिन ने तो रगड़गंज चौकी पुलिस को इसकी जानकारी थी और न ही थाने की पुलिस को। बेलसर (रगड़गंज बाजार) के लोगों का कहना है कि हादसों के बाद ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आती है। अगर पहले ही अवैध पटाखा कारोबार पर पाबंदी लगाई गई होती तो विस्फोट में लोगों की जान न जाती।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि पटाखा विस्फोट की घटना गंभीर है। इससे सबक लेते हुए अधिकारियों को ऐसे स्थानों को चिह्नित कर दबिश कराने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलवार एसडीएम के निर्देशन में राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लाइसेंसी भंडारण वाले सूचीबद्ध लोगों के रखरखाव की जांच की जाएगी।