फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Danger increased on the embankment of Saryu

Gonda News: सरयू का जलस्तर घटने से तटबंध पर खतरा बढ़ा

Sat, 12 Aug 2023 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sat, 12 Aug 2023 11:46 PM IST
विज्ञापन
Danger increased on the embankment of Saryu
नवाबगंज के दत्तनगर गांव में घर में घुसा बाढ़ का पानी। - संवाद
गोंडा। बैराजों से छोड़ा जा रहा पानी गांवों में तबाही मचा रहा है। शनिवार को नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर बह रही नदी अब घटकर सात सेंटीमीटर पर आ गई है। इससे नदी के उफान पर तो अंकुश लगा है लेकिन कटान तेज हो गई है। इससे तटबंध के साथ ही गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन

तीन दिन से नदी के तेवर से बाढ़ का संकट गहरा गया है। तरबगंज व करनैलगंज की 20 पंचायतों के 100 से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं और बाढ़ का संकट बना हुआ है। कई गांवों के लोग पलायन कर चुके हैं। नवाबगंज, उमरीबेगमगंज के साथ ही करनैलगंज के तटबंधों पर लोग शरण लिए हैं। प्रशासन ने तरबगंज में पीड़ितों का राहत सामग्री का वितरण शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

एडीएम सुरेश कुमार सोनी व जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने शनिवार को जैतपुर माझा बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। एडीएम ने तरबगंज तहसील में बनाए गए अस्थाई कैंप का निरीक्षण किया। तरबगंज विधायक प्रेमनरायन पांडेय ने उमरीबेगमगंज में बाढ़ पीड़ितों को प्रदेश सरकार की ओर से राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान एसडीएम तरबगंज भारत भार्गव, क्षेत्राधिकारी संजय तलवार, तहसीलदार तरबगंज पुष्कर मिश्र, जिला पंचायत सदस्य रामधोख मिश्रा, प्रधान ऐली मनीराम यादव, राजू सिंह, अनुज शुक्ला, भानु प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

नवाबगंज संवाद के मुताबिक तीन दिन तक तबाही मचाने के बाद सरयू का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। मगर माझा के रहने वाले लोगों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। नदी के घटते जलस्तर से कटान का खतरा बढ़ गया है। जिससे लोगों से भय व्याप्त है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सरयू के जलस्तर में कमी आई है। मगर नदी अभी भी खतरे के निशान से 24 सेमी ऊपर बह रही है। नदी का पानी घटने से लोगों ने राहत की सांस ली है। मगर तटीय इलाकों के लोगों में अभी भी भय बना हुआ है। पानी घटने के साथ ही दत्तनगर, गोकुला, साखीपुर, तुलसीपुर माझा सहित तटवर्ती क्षेत्रों की जमीन कटान की जद में आ गई है। गांव के रास्तों में अभी भी पानी भरा होने से लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। खेतों में पानी भरा होने से सैकड़ों एकड़ फसलें नष्ट हो गईं हैं। लोगों को पशुओं के चारे की भी दिक्कत आ रही है। प्रशासन के द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा तो किया गया है। मगर अभी तक किसी को कोई राहत सामग्री नहीं दी गई है। गांव के रामसुफल यादव सहित दर्जनों परिवार पलायन कर चुके हैं।

परसपुर क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में मवेशियों को गलाघोंटू आदि बीमारियों से बचाने के लिए 24 हजार 756 पशुओं का टीकाकरण कर दवा का वितरण शनिवार को हुआ। प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी परसपुर डॉ. त्रिवेणी कुमार ने बताया कि क्षेत्र में भौरीगंज, चरसड़ी व पसका बाढ़ राहत चौकी पर पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पसका क्षेत्र में 5,456 व भौरीगंज क्षेत्र में 19,300 पशुओं का टीकाकरण हुआ है। परसपुर क्षेत्र का ग्राम पसका का चंदापुर किटौली, धुसवा पासिन पुरवा, बिचला मांझा इकनिया मांझा, नाऊपुरवा, बिचला मांझा आदि गांव बाढ़ग्रस्त हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed