{"_id":"621d1275d892c153d6424d70","slug":"cv-raman-remembered-on-science-day-gonda-news-lko619839323","type":"story","status":"publish","title_hn":"विज्ञान दिवस पर याद किए गए सीवी रमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विज्ञान दिवस पर याद किए गए सीवी रमन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। प्रसिद्ध वैज्ञानिक व नोबल पुरस्कार विजेता सीवी रमन की याद में एलबीएस महाविद्यालय के ललिता सभागार में सेमिनार का आयोजन किया गया। रमन प्रभाव की खोज को लेकर आयोजित किए गए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर प्रोफेसरों ने कहा कि महान वैज्ञानिक सीवी रमन की खोज प्रकाश के प्रकीर्णन की याद में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन प्रेरणा का प्रतीक है। हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. आरके पांडेय ने कहा कि वैज्ञानिक संचेतना लाने की बात हमारे संविधान में भी कही गई है जिससे समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता कम की जा सके। कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए मुख्य नियंता डॉ. जितेंद्र सिंह ने देश के विकास में वैज्ञानिक चिंतन के महत्व को आवश्यक बताया।
गणित विभागाध्यक्ष डॉ. संजय पांडेय ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास में विज्ञान के सभी विषयों का एकत्रित होना महत्वपूर्ण एवं सतत विकास के लिए आवश्यक बताया। वनस्पति विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रेखा शर्मा ने सीवी रमन के व्यक्तित्व एवं कृतियों पर प्रकाश डालते हुए आजादी की लड़ाई में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान पर भी प्रकाश डाला।
विज्ञापन
भौतिक विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने रमन प्रभाव की व्याख्या करते हुए भौतिक विज्ञान में भविष्य तलाशने की अपार संभावना पर बल दिया। हिंदी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेंद्र मिश्र ने कहा कि विश्व कल्याण के लिए भारतीय वैज्ञानिक चिंतन ही सर्वोपरि है। सेमिनार में वैभव टंडन, शिवानी तिवारी, प्रज्ञा तिवारी, दीपांशी श्रीवास्तव, हर्षिता पांडेय, रामबाबू यादव, विनय कुमार व साक्षी शुक्ला ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन द्वारा विज्ञान के विभिन्न विषयों पर अपने प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण किया।
विज्ञापन
सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. आरके पांडेय ने कहा कि वैज्ञानिक संचेतना लाने की बात हमारे संविधान में भी कही गई है जिससे समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता कम की जा सके। कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए मुख्य नियंता डॉ. जितेंद्र सिंह ने देश के विकास में वैज्ञानिक चिंतन के महत्व को आवश्यक बताया।
विज्ञापन
गणित विभागाध्यक्ष डॉ. संजय पांडेय ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास में विज्ञान के सभी विषयों का एकत्रित होना महत्वपूर्ण एवं सतत विकास के लिए आवश्यक बताया। वनस्पति विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रेखा शर्मा ने सीवी रमन के व्यक्तित्व एवं कृतियों पर प्रकाश डालते हुए आजादी की लड़ाई में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान पर भी प्रकाश डाला।
विज्ञापन
भौतिक विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने रमन प्रभाव की व्याख्या करते हुए भौतिक विज्ञान में भविष्य तलाशने की अपार संभावना पर बल दिया। हिंदी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेंद्र मिश्र ने कहा कि विश्व कल्याण के लिए भारतीय वैज्ञानिक चिंतन ही सर्वोपरि है। सेमिनार में वैभव टंडन, शिवानी तिवारी, प्रज्ञा तिवारी, दीपांशी श्रीवास्तव, हर्षिता पांडेय, रामबाबू यादव, विनय कुमार व साक्षी शुक्ला ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन द्वारा विज्ञान के विभिन्न विषयों पर अपने प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण किया।