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तीन चरस तस्करों को 10 साल की सजा
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:39 PM IST
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जेल में महिला
- फोटो : demo pics
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चरस बरामदगी के मामले में दो महिलाओं व एक नेपाली नागरिक को एडीजे प्रथम अशोक कुमार सिंह ने दोषी करार दिया। शनिवार को तीनों आरोपियों को दस-दस साल के कठोर कारावास व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने पर तीनों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
मामले के वादी मुकदमा मुराली लाल सहायक उप निरीक्षक एसएसबी 9वीं वाहिनी बटालियन जी कंपनी कंचनपुर अपने हमराहियों व पुलिस कर्मियों के साथ 16 जुलाई 2012 को भारत-नेपाल सीमा पर गश्त कर रहे थे।
वे बड़का भुकुरवा बार्डर पर पहुंचे तो नेपाल की ओर से एक व्यक्ति व दो महिलाएं, जिसमें से एक की गोद में दो वर्ष का बच्चा भी दिखा, आते दिखे। पुलिस टीम को देखकर वे अचानक भागने लगे। टीम ने घेर कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।
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पूछताछ के दौरान उनमें से एक ने अपना नाम रामबहादुर केसी निवासी मध्यनगरा, ललिता पत्नी इंद्रजीत निवासी जिगनिहवा व नानू कुंती पत्नी सीरी प्रसाद बताया। तीनों नेपाल के साथ चंद्रौटा जिला कपिलवस्तु के निवासी हैं। तलाशी लेने पर राम बहादुर के पास से दो किलो व ललिता एवं नानू कुंती के पास से तीन-तीन किलो चरस बरामद हुआ।
तीनों के खिलाफ पचेड़वा थाने में 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। अभियोजन की ओर से घटना के समर्थन में छह गवाहों को परीक्षित कराया गया। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सभी को निर्दोष बताया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने तीनों को 10-10 साल के कठोर कारावास व एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर तीनों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतने का भी आदेश दिया है।
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मामले के वादी मुकदमा मुराली लाल सहायक उप निरीक्षक एसएसबी 9वीं वाहिनी बटालियन जी कंपनी कंचनपुर अपने हमराहियों व पुलिस कर्मियों के साथ 16 जुलाई 2012 को भारत-नेपाल सीमा पर गश्त कर रहे थे।
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वे बड़का भुकुरवा बार्डर पर पहुंचे तो नेपाल की ओर से एक व्यक्ति व दो महिलाएं, जिसमें से एक की गोद में दो वर्ष का बच्चा भी दिखा, आते दिखे। पुलिस टीम को देखकर वे अचानक भागने लगे। टीम ने घेर कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।
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पूछताछ के दौरान उनमें से एक ने अपना नाम रामबहादुर केसी निवासी मध्यनगरा, ललिता पत्नी इंद्रजीत निवासी जिगनिहवा व नानू कुंती पत्नी सीरी प्रसाद बताया। तीनों नेपाल के साथ चंद्रौटा जिला कपिलवस्तु के निवासी हैं। तलाशी लेने पर राम बहादुर के पास से दो किलो व ललिता एवं नानू कुंती के पास से तीन-तीन किलो चरस बरामद हुआ।
तीनों के खिलाफ पचेड़वा थाने में 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। अभियोजन की ओर से घटना के समर्थन में छह गवाहों को परीक्षित कराया गया। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सभी को निर्दोष बताया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने तीनों को 10-10 साल के कठोर कारावास व एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर तीनों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतने का भी आदेश दिया है।