{"_id":"585972ec4f1c1b1f64e3a06f","slug":"steno-of-bsa-implicated-in-forgery","type":"story","status":"publish","title_hn":"जालसाजी में फंसा बीएसए का स्टेनो","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जालसाजी में फंसा बीएसए का स्टेनो
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षकों के पदोन्नति के मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का स्टेनो फंस गया है। एक अधिवक्ता ने स्टेनो पर जालसाजी कर एक ही पत्रांक पर दो शिक्षकों को पदोन्नति देकर मनचाहा स्कूल देने का आरोप लगाया है। शिकायत पर देवीपाटन मंडल के आयुक्त ने जांच के आदेश दिए है। एसडीएम ने जांच शुरू कर दी है।
बेसिक शिक्षा विभाग इन दिनों जांच की आंच में झुलस रहा है। शिक्षकों के पदोन्नति के मामले में बीएसए पहले ही तीन जांचों का सामना कर रहे हैं। अब उनका स्टेनो भी जांच के दायरे में आ गया है।
बीएसए की शिकायत करने वाले अधिवक्ता जितेंद्र सिंह ने बीएसए के स्टेनो दिनेश कुमार वर्मा पर एक ही पत्रांक पर दो शिक्षकों को पदोन्नति का आदेश दिए जाने की शिकायत देवी पाटन मंडल के आयुक्त सुधीर कुमार दीक्षित से की थी।
विज्ञापन
आयुक्त को दिए शिकायती पत्र में अधिवक्ता का कहना है कि दो माह पहले परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को पदोन्नति दी गई थी, लेकिन इस पदोन्नति में स्टेनो ने करीब 80 शिक्षकों को आवंटित किए गए विद्यालय मे कार्यभार ग्रहण कराने के बजाय कूटरचित तरीके से आदेश बनाकर उन्हें मनचाहे विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करा दिया।
इसमें दो शिक्षकों को तो एक ही पत्रांक पर आदेश जारी कर दिया गया। इसको गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने जांच एसडीएम सदर को सौंपी है। आयुक्त के आदेश पर एसडीएम सदर अर्चना वर्मा ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग इन दिनों जांच की आंच में झुलस रहा है। शिक्षकों के पदोन्नति के मामले में बीएसए पहले ही तीन जांचों का सामना कर रहे हैं। अब उनका स्टेनो भी जांच के दायरे में आ गया है।
विज्ञापन
बीएसए की शिकायत करने वाले अधिवक्ता जितेंद्र सिंह ने बीएसए के स्टेनो दिनेश कुमार वर्मा पर एक ही पत्रांक पर दो शिक्षकों को पदोन्नति का आदेश दिए जाने की शिकायत देवी पाटन मंडल के आयुक्त सुधीर कुमार दीक्षित से की थी।
विज्ञापन
आयुक्त को दिए शिकायती पत्र में अधिवक्ता का कहना है कि दो माह पहले परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को पदोन्नति दी गई थी, लेकिन इस पदोन्नति में स्टेनो ने करीब 80 शिक्षकों को आवंटित किए गए विद्यालय मे कार्यभार ग्रहण कराने के बजाय कूटरचित तरीके से आदेश बनाकर उन्हें मनचाहे विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करा दिया।
इसमें दो शिक्षकों को तो एक ही पत्रांक पर आदेश जारी कर दिया गया। इसको गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने जांच एसडीएम सदर को सौंपी है। आयुक्त के आदेश पर एसडीएम सदर अर्चना वर्मा ने इसकी जांच शुरू कर दी है।